राजाजी टाइगर रिजर्व के कोर जोन में मंत्री के बेटे की शादी पर बवाल, विभाग ने हटाया सामाना

HARIDWAR: हरिद्वार स्थित राजाजी टाइगर रिजर्व के कोर जोन में बसे सुरेश्वरी देवी मंदिर में प्रस्तावित मंत्री के बेटे की हाई-प्रोफाइल शादी समारोह को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। कैबिनेट मंत्री खजान दास के बेटे की शादी रविवार 26 अप्रैल रात यहां प्रस्तावित थी, जिसके लिए टाइगर रिजर्व के कोर जोन में भारी […] The post राजाजी टाइगर रिजर्व के कोर जोन में मंत्री के बेटे की शादी पर विवाद, हरकत में आया विभाग, हटाया गया शामियाना appeared first on Devbhoomi Dialogue.

Apr 26, 2026 - 18:38
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राजाजी टाइगर रिजर्व के कोर जोन में मंत्री के बेटे की शादी पर बवाल, विभाग ने हटाया सामाना
राजाजी टाइगर रिजर्व के कोर जोन में मंत्री के बेटे की शादी पर बवाल, विभाग ने हटाया सामाना

राजाजी टाइगर रिजर्व के कोर जोन में मंत्री के बेटे की शादी पर बवाल, विभाग ने हटाया सामाना

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कम शब्दों में कहें तो, हरिद्वार स्थित राजाजी टाइगर रिजर्व के कोर जोन में कैबिनेट मंत्री खजान दास के बेटे की शादी को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इस समारोह को लेकर वन विभाग ने कड़ी कार्रवाई की है।

हरिद्वार: हरिद्वार के राजाजी टाइगर रिजर्व के कोर जोन में स्थित सुरेश्वरी देवी मंदिर में कैबिनेट मंत्री खजान दास के बेटे की हाई-प्रोफाइल शादी समारोह को लेकर तूल पकड़ा है। इस समारोह की योजना 26 अप्रैल रविवार को बनाई गई थी, लेकिन यह समारोह कई विवादों में घिर गया। विवाह समारोह के लिए टाइगर रिजर्व के कोर जोन में भारी संख्या में सामाना और शामियाने पहुँचाए गए थे, जिसके फलस्वरूप वन विभाग का ध्यान इस ओर गया।

संवेदनशील क्षेत्र में बड़े आयोजन की अनुमति?

सुरेश्वरी देवी मंदिर का यह क्षेत्र वन्यजीवों के संरक्षण के लिए बहुत ही संवेदनशील माना जाता है। यहां अक्सर वन्यजीवों की आवाजाही होती है, इसलिए इस प्रकार का आयोजन पूरी तरह से प्रतिबंधित है। शनिवार को शादी के लिए तैयारी करते समय ट्रकों के माध्यम से टेंट, कुर्सियां और अन्य सामाना परिसर में पहुंचाया गया। इस दौरान स्थानीय लोगों और पर्यावरण प्रेमियों ने सवाल उठाए कि इस संवेदनशील क्षेत्र में बड़े आयोजन की अनुमति कैसे दी गई।

वन विभाग की सक्रियता

रविवार को जब यह मामला तूल पकड़ा, तो वन विभाग ने तुरंत कार्रवाई की। पार्क का गेट बंद कर दिया गया और मंदिर परिसर में लगाए गए पंडाल व अन्य व्यवस्थाएं हटवा दी गईं। वन विभाग ने स्पष्ट किया कि संरक्षित क्षेत्रों में इस प्रकार के आयोजनों के लिए किसी भी प्रकार की अनुमति नहीं दी जाती और अकारण मामले में कुछ भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अब केवल पारंपरिक पूजा और विवाह की रस्में सीमित रूप में ही संपन्न हो सकेंगी।

मंदिर समिति पर मुकदमा

इसके साथ ही, मंदिर समिति के खिलाफ नियमों के उल्लंघन के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। अधिकारियों ने यह भी पाया है कि आरक्षित क्षेत्र के भीतर इतना सामान कैसे पहुंचा और किस स्तर पर प्रशासनिक चूक हुई। पीसीसीएफ (हॉफ) रंजन मिश्र ने बताया कि यह क्षेत्र कोर जोन में आता है, जहां किसी भी प्रकार का आयोजन करना प्रतिबंधित है। उन्होंने पुष्टि की कि लाया गया पूरा सामान हटा दिया गया है और पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है।

इस पूरे प्रकरण ने वन्यजीव संरक्षण के मुद्दे पर एक बार फिर से सवाल उठाए हैं। क्या एक हाई-प्रोफाइल शादी समारोह को अनुमति देने का कोई औचित्य था? इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि नियमों का उल्लंघन और पर्यावरण के प्रति लापरवाह दृष्टिकोण अस्वीकार्य है।

हमारी टीम लगातार इस मुद्दे की अनुग्रहण कर रही है और हम इसे अपडेट करने का प्रयास करेंगे। इस संबंध में और जानकारी के लिए, कृपया यहाँ पढ़ें

Team The Odd Naari

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