जंतर मंतर पर अंकिता भंडारी हत्या मामले की गूंज: सीबीआई जांच में पोलिटिकल ट्विस्ट
The post जंतर मंतर में अंकिता भंडारी मर्डर केस की गूंज appeared first on Avikal Uttarakhand. भाजपा विधायक रेणु बिष्ट व अन्य को जांच के दायरे में ले सीबीआई वीआईपी व सीबीआई जांच में देरी बन रही राजनीतिक मुद्दा अविकल जत्तराखण्ड नई दिल्ली। रविवार को अंकिता… The post जंतर मंतर में अंकिता भंडारी मर्डर केस की गूंज appeared first on Avikal Uttarakhand.
जंतर मंतर पर अंकिता भंडारी हत्या मामले की गूंज: सीबीआई जांच में पोलिटिकल ट्विस्ट
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कम शब्दों में कहें तो, जंतर मंतर पर अंकिता भंडारी हत्या मामले को लेकर चल रहे प्रदर्शनों ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है।
नई दिल्ली। रविवार को दिल्ली के जंतर मंतर पर अंकिता भंडारी हत्या मामले को लेकर हजारों की संख्या में लोग जुटे। इस प्रदर्शन में लोगों ने सीबीआई जांच में हो रही देरी और वीआईपी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई न होने पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने भाजपा विधायक रेणु बिष्ट समेत अन्य को जांच के दायरे में लाने की मांग की।
अंकिता भंडारी मामले का पृष्ठभूमि
अंकिता भंडारी का मामला भले ही मीडिया में कई बार छाया हो चुका है, लेकिन यह आश्चर्य की बात है कि आज तीन साल बाद भी इस हत्याकांड में ठोस न्याय नहीं मिला है। उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल निवासी अंकिता, जो वनंतरा रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करती थीं, की हत्या सितंबर 2022 में हुई थी। उनकी लाश चीला नहर से बरामद हुई थी, जिसमें शामिल दोनों भाजपा के नेता, विनोद आर्य के पुत्र पुलकित आर्य और उनके साथी, अभी भी उम्रकैद की सजा काट रहे हैं।
प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य
प्रदर्शन में शामिल कमला पंत ने कहा, “हम तीन साल से न्याय का इंतज़ार कर रहे हैं, लेकिन वीआईपी आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। हमें सीबीआई से जवाब चाहिए और हमें इस मामले में ठोस कार्रवाई देखने की उम्मीद है।” कई वक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा की सरकार नारी शक्ति वंदन के नाम पर केवल प्रचारित कर रही है, लेकिन सच्चाई यह है कि उनके पदाधिकारी महिलाओं का शोषण करने में लगे हुए हैं।
सीबीआई जांच की आवश्यकता
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि अंकिता भंडारी हत्या मामले की सीबीआई जांच को उच्चतम न्यायालय के जज की निगरानी में किया जाना चाहिए। इस मामले में भाजपा विधायक रेणु बिष्ट का नाम भी लगातार उठ रहा है। वक्ताओं ने कहा कि जांच में शामिल सभी लोगों के खिलाफ कार्यवाही होनी चाहिए, ताकि न्याय की प्रक्रिया में कोई रुकावट न आए।
प्रदर्शन में शामिल प्रमुख व्यक्ति
प्रदर्शन में इंद्रेश मैखुरी, निर्मला बिष्ट और अन्य नेताओं ने हिस्सा लिया। इन नेताओं ने यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया कि सीबीआई पिछले तीन वर्षों से चल रहे इस मामले में ठोस कार्रवाई करे। इंद्रेश मैखुरी ने उल्लेख किया कि निर्दलीय विधायक उमेश कुमार और पूर्व जिला पंचायत सदस्य आरती गौड़ का भी इस मामले में बड़ा हाथ था, इसलिए इन्हें भी जांच के दायरे में लाने की आवश्यकता है।
सीबीआई जांच की वर्तमान स्थिति
सीबीआई ने 9 जनवरी 2026 को इस मामले की जांच का आदेश दिया था। फरवरी 2026 में सीबीआई ने मामले की जिम्मेदारी लेते हुए एफआईआर दर्ज की और अब मामला वीआईपी की पहचान और सबूतों को मिटाने के आरोपों पर केंद्रित है। इस जांच पर जनता की निगाहें टिकी हुई हैं, और न्याय की प्रतीक्षा कर रही हैं।
निष्कर्ष
अंकिता भंडारी हत्या मामला न केवल एक व्यक्तिगत tragedia है, बल्कि यह समाज में महिलाओं के प्रति हो रहे अत्याचारों का प्रतीक भी है। इस मामले में न्याय की आवश्यकता को लेकर साधारण जनता और विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा किए गए प्रदर्शनों ने इसे एक राजनीतिक मुद्दा बना दिया है। सीबीआई जांच की धीमी गति और वीआईपी अभियुक्तों की मुक्तता के खिलाफ संघर्ष अभी भी जारी रहेगा।
इसके अलावा, समाज के जागरूक वर्ग को एकत्रित होकर न्याय के लिए आवाज़ उठाने की आवश्यकता है। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि सच्चा न्याय न केवल पीड़ित के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए महत्वपूर्ण है।
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Team The Odd Naari
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