दिवाली पर सुरक्षाकर्मियों का बढ़ाया हौसला, बस्तर पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी

दिवाली के मौके पर प्रधानमंत्री ने जवानों को यह एहसास कराया कि देश उनके साथ खड़ा है। उनका परिवार भले ही उनसे दूर हो, लेकिन राष्ट्र केकरोड़ों नागरिक उनके साहस और समर्पण

Nov 8, 2026 - 18:38
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दिवाली पर सुरक्षाकर्मियों का बढ़ाया हौसला, बस्तर पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के बस्तर में तैनात सुरक्षाकर्मियों के साथ दिवाली का त्योहार मनाकर जवानों का उत्साह बढ़ाया। इस अवसरपर प्रधानमंत्री ने जवानों के बीच पहुंचकर उनके साथ खुशियां साझा कीं और देश की सुरक्षा में उनके योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा किदेश की सीमाओं से लेकर आंतरिक क्षेत्रों तक सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाले सभी जवान उनके परिवार का हिस्सा हैं। प्रधानमंत्री का यहदौरा उन सुरक्षाकर्मियों के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त करने का अवसर बना, जो त्योहारों के दौरान भी अपने कर्तव्यों से पीछे नहीं हटते।दिवाली भारत के सबसे प्रमुख त्योहारों में से एक है। इस दिन लोग अपने घरों को दीपों और रोशनी से सजाते हैं। परिवार के सदस्य एक-दूसरे केसाथ समय बिताते हैं और खुशियां साझा करते हैं। त्योहार के अवसर पर दूर-दराज के शहरों में काम करने वाले लोग भी अपने घर लौटने कीकोशिश करते हैं। लेकिन देश की सुरक्षा में तैनात जवानों के लिए त्योहारों पर घर पहुंच पाना हमेशा संभव नहीं होता। कई सुरक्षाकर्मी अपनेपरिवार से दूर रहकर देशवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री का उनके बीच दिवाली मनाना विशेष महत्व रखता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि दिवाली केवल भारत में ही नहीं, बल्कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में रहने वालेकरोड़ों भारतीयों के लिए खुशियों और रोशनी का पर्व है। इस अवसर पर लोग अपने घरों की ओर लौटते हैं और परिवार के साथ त्योहार मनातेहैं। उन्होंने कहा कि वह भी जवानों के बीच दिवाली मनाने के लिए पहुंचे हैं, क्योंकि देश की रक्षा करने वाले सभी सुरक्षाकर्मी उनके परिवार केसदस्य हैं।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में जवानों के प्रति भावनात्मक जुड़ाव व्यक्त करते हुए कहा कि सीमाओं पर तैनात सैनिक हों या देश के भीतर सुरक्षाकी जिम्मेदारी निभाने वाले जवान, सभी राष्ट्र के रक्षक हैं। वे भारत माता के वीर बेटे और बेटियां हैं। उनके त्याग, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा केकारण ही देश के नागरिक सुरक्षित माहौल में अपने त्योहार मना पाते हैं।

बस्तर में प्रधानमंत्री का जवानों के साथ दिवाली मनाना क्षेत्र के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। छत्तीसगढ़ का बस्तर लंबे समय से नक्सलवाद औरआंतरिक सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों के कारण चर्चा में रहा है। इस क्षेत्र में तैनात सुरक्षाबलों की जिम्मेदारी काफी संवेदनशील है। उन्हें कठिनभौगोलिक परिस्थितियों और चुनौतीपूर्ण हालात के बीच अपनी ड्यूटी निभानी पड़ती है। कई बार त्योहारों के दिनों में भी उन्हें अपने परिवार से दूररहकर अभियान और सुरक्षा व्यवस्था संभालनी पड़ती है।

ऐसे माहौल में प्रधानमंत्री का जवानों के बीच पहुंचना उनके मनोबल को मजबूत करने वाला संदेश देता है। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि देश कीसुरक्षा में लगे जवानों का योगदान केवल किसी विशेष अवसर तक सीमित नहीं है, बल्कि उनकी जिम्मेदारी हर दिन और हर परिस्थिति में बनीरहती है।

दिवाली के मौके पर प्रधानमंत्री ने जवानों को यह एहसास कराया कि देश उनके साथ खड़ा है। उनका परिवार भले ही उनसे दूर हो, लेकिन राष्ट्र केकरोड़ों नागरिक उनके साहस और समर्पण का सम्मान करते हैं। जवानों की सतर्कता और मेहनत के कारण ही देश में शांति, सुरक्षा और विश्वासका वातावरण कायम रखने में मदद मिलती है।

प्रधानमंत्री मोदी का बस्तर दौरा इस संदेश के साथ महत्वपूर्ण रहा कि देश की रक्षा करने वाले जवान केवल सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा नहीं,बल्कि राष्ट्र के गौरव और सामूहिक परिवार के अभिन्न सदस्य हैं। दिवाली जैसे पारिवारिक त्योहार पर उनके साथ खुशियां साझा करना उनकेत्याग के प्रति सम्मान प्रकट करने का एक भावनात्मक माध्यम बना।

 

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