खटीमा एवं मसूरी के अमर शहीद राज्य आंदोलनकारियों को नमन

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Sep 1, 2026 - 00:38
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खटीमा एवं मसूरी के अमर शहीद राज्य आंदोलनकारियों को नमन

खटीमा एवं मसूरी के अमर शहीद राज्य आंदोलनकारियों को नमन

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कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा एवं मसूरी के शहीद राज्य आंदोलनकारियों को भव्य श्रद्धांजलि अर्पित की है। उनके बलिदान के कारण ही उत्तराखण्ड का सपना साकार हो सका है।

अविकल उत्तराखंड, खटीमा: उत्तराखण्ड राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में खटीमा एवं मसूरी के शहीद राज्य आंदोलनकारियों को नमन करते हुए कहा कि इन शहीदों के संघर्ष, त्याग और बलिदान के कारण ही आज हम उत्तराखण्ड राज्य देख पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार इस सपने को पूरा करने के लिए संकल्पित है, जैसा कि शहीदों ने देखा था।

राज्य आंदोलन के काले अध्याय

मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि 1 सितंबर को खटीमा कांड, 2 सितंबर को मसूरी गोलीकांड और 2 अक्टूबर को रामपुर तिराहा कांड जैसे घटनाएं उत्तराखण्ड के इतिहास के काले अध्याय हैं। इन घटनाओं के दौरान शहीदों ने अपने प्राणों की आहुति दी, जो आज भी प्रदेशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने हुए हैं। राज्य गठन के लिए शहीद हुए आंदोलनकारियों और उनके परिवारों का सम्मान हमारी राज्य सरकार की प्राथमिकता है।

महत्वपूर्ण निर्णय और योजनाएं

साथ ही, मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि राज्य आंदोलनकारियों एवं उनके आश्रितों के लिए सरकार ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। राज्य आंदोलन के दौरान जिन शहीदों के आश्रितों को पेंशन मिलती थी, उनकी राशि को 3,000 रुपए से बढ़ाकर 5,500 रुपए किया गया है।

इसके अतिरिक्त, जो आंदोलनकारी विकलांग होकर शय्याग्रस्त हो गए हैं, उनकी पेंशन को 20,000 रुपए से बढ़ाकर 30,000 रुपए करने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही, इनकी देखभाल के लिए मेडिकल अटेंडेंट की व्यवस्था भी की गई है।

अन्य निर्णयों में, 7 दिन जेल गए या घायल हुए आंदोलनकारियों की पेंशन 6,000 रुपए से बढ़ाकर 7,000 रुपए करने का निर्णय लिया गया है। वहीं, जेल गए या घायल श्रेणी से भिन्न अन्य आंदोलनकारियों के लिए पेंशन को 4,500 से बढ़ाकर 5,500 रुपए किया गया है।

हमारा संकल्प

मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट किया कि राज्य आंदोलनकारियों का सम्मान एवं उनके सपनों को साकार करना हमारी प्राथमिकता है। हम एक सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड के लिए प्रतिबद्ध हैं। अमर शहीदों के बलिदान और संघर्ष की भावना का सम्मान करते हुए, हमें उत्तराखण्ड को उनके सपनों के अनुरूप बनाना है।

अंत में, मुख्यमंत्री ने सभी प्रदेशवासियों से अपील की कि वे शहीदों के बलिदान को कभी न भूलें और उनके आदर्शों पर चलते हुए राज्य के विकास में योगदान दें।

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— स्नेहा शर्मा, Team The Odd Naari

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