UTU पेपर लीक प्रकरण: शिवालिक कॉलेज के सहायक प्रोफेसर गिरफ्तार, WhatsApp पर परीक्षा से पूर्व किया सवाल साझा

देहरादून। उत्तराखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (UTU) की सेमेस्टर परीक्षा के कथित पेपर लीक मामले में दून पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के सहायक प्रोफेसर आशीष कुमार गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि उन्होंने परीक्षा से पहले छात्रों के WhatsApp ग्रुप में ऐसे प्रश्न साझा किए थे, जो बाद […] The post UTU Paper Leak Case: शिवालिक कॉलेज के सहायक प्रोफेसर गिरफ्तार, WhatsApp पर परीक्षा से पहले भेजे थे सवाल appeared first on Uttarakhand Broadcast.

Jul 23, 2026 - 18:38
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UTU पेपर लीक प्रकरण: शिवालिक कॉलेज के सहायक प्रोफेसर गिरफ्तार, WhatsApp पर परीक्षा से पूर्व किया सवाल साझा
UTU पेपर लीक प्रकरण: शिवालिक कॉलेज के सहायक प्रोफेसर गिरफ्तार, WhatsApp पर परीक्षा से पूर्व किया सवाल साझा

UTU पेपर लीक प्रकरण: शिवालिक कॉलेज के सहायक प्रोफेसर गिरफ्तार, WhatsApp पर परीक्षा से पूर्व किया सवाल साझा

कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (UTU) के सेमेस्टर परीक्षा के संदर्भ में एक गंभीर पेपर लीक प्रकरण में, दून पुलिस ने शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के सहायक प्रोफेसर आशीष कुमार गुप्ता को गिरफ्तार किया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने परीक्षा से पहले छात्रों के WhatsApp ग्रुप में प्रश्न साझा किए थे।

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देहरादून में हुई इस गिरफ्तारी ने न केवल विश्वविद्यालय प्रशासन बल्कि छात्रों के बीच भी चिंता बढ़ा दी है। क्या यह केवल एक व्यक्ति की गलती है, या इस मामले में कोई संगठित नेटवर्क भी शामिल है? दून पुलिस इस प्रश्न का जवाब खोजने में जुटी है।

ई-मेल शिकायत के बाद की गई कार्रवाई

जानकारी के अनुसार, 8 जुलाई को UTU की परीक्षा के बाद विश्वविद्यालय को एक ई-मेल प्राप्त हुआ था। ई-मेल में स्पष्ट तौर पर आरोप लगाया गया था कि 3 जुलाई को सहायक प्रोफेसर आशीष कुमार गुप्ता ने छात्रों के WhatsApp ग्रुप में महत्वपूर्ण परीक्षा प्रश्न साझा किए थे। इस निंदनीय कृत्य की गंभीरता को देखते हुए, विश्वविद्यालय प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की और जांच शुरू की।

जांच में आरोपों की पुष्टि

शुरुआत में मिली सूचना के आधार पर, विश्वविद्यालय ने एक आंतरिक जांच समिति का गठन किया। जांच में स्पष्ट हुआ कि आरोपी ने केवल WhatsApp ग्रुप पर नहीं, बल्कि कॉलेज के आंतरिक पोर्टल पर भी परीक्षा से संबंधित प्रश्न साझा किए थे। इस जांच के निष्कर्षों के आधार पर, कॉलेज प्रबंधन ने आशीष कुमार गुप्ता को तत्काल सेवा से बर्खास्त कर दिया।

पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया

विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनय कुमार पटेल की तहरीर पर प्रेमनगर कोतवाली में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316, 318(4) और 61(2) के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया। यह प्रकरण अत्यंत गंभीर है और कानून के समक्ष इसके सभी पहलुओं की गहराई से जांच की जाएगी।

फॉरेंसिक जांच और आगे की प्रक्रिया

दून पुलिस ने आरोपी के कब्जे से बरामद मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच का आदेश दिया है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस कथित पेपर लीक में किसी और व्यक्ति या संगठित गिरोह का हाथ है। यदि आवश्यक हुआ, तो पुलिस अन्य संभावित आरोपितों की गिरफ्तारी को लेकर भी कदम उठा सकती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों पर कठोर कार्रवाई आवश्यक है ताकि शैक्षणिक संस्थानों में निष्पक्षता और पारदर्शिता बनी रहे। यह केवल एक व्यक्तिगत समस्या नहीं है; यह पूरे शैक्षणिक प्रणाली की विश्वसनीयता और छात्रों के भविष्य से जुड़ा मामला है।

पुलिस के प्रवक्ता ने कहा है कि वे जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे कदम उठाएंगे ताकि इस तरह के मामलों की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।

अंत में, इस प्रकरण ने एक बार फिर से यह स्पष्ट किया है कि शिक्षा प्रणाली की ईमानदारी और नैतिकता के साथ किसी भी प्रकार की समझौता नहीं होना चाहिए।

Team The Odd Naari - राधिका शर्मा

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