सीएम धामी ने ऑटिज्म स्पेक्ट्रम के बच्चों के लिए विशेष शैक्षणिक सेलेबस का उद्घाटन

DEHRADUN: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऑटिस्टिक बच्चों को सिखाने के लिए खास किताबों के क्लेक्शन, शाइन अवी लर्निंग सेलेबस का शुभारंभ किया। ये विजुअल बेस्ड पाठ्यक्रम अनीता शर्मा द्वारा विशेष बच्चों के लिए खास तरह से तैयार किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा शाइन अवी लर्निंग की पहल, शिक्षा को और अधिक सरल, प्रभावी […] The post सीएम धामी ने किया ऑटिज्म स्पेक्ट्रम के बच्चों के लिए खास तरह का सेलेबस लॉन्च appeared first on Devbhoomi Dialogue.

Jul 20, 2026 - 00:38
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सीएम धामी ने ऑटिज्म स्पेक्ट्रम के बच्चों के लिए विशेष शैक्षणिक सेलेबस का उद्घाटन
सीएम धामी ने ऑटिज्म स्पेक्ट्रम के बच्चों के लिए विशेष शैक्षणिक सेलेबस का उद्घाटन

सीएम धामी ने ऑटिज्म स्पेक्ट्रम के बच्चों के लिए विशेष शैक्षणिक सेलेबस का उद्घाटन

DEHRADUN: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऑटिस्टिक बच्चों के लिए विशेष शैक्षणिक सामग्री, शाइन अवी लर्निंग सेलेबस का शुभारंभ किया है। यह एक विशेष विजुअल आधारित पाठ्यक्रम है, जिसे अनीता शर्मा द्वारा तैयार किया गया है। इस पहल का उद्देश्य विशेष जरूरतों वाले बच्चों को शिक्षा में उत्कृष्टता प्रदान करना है।

कम शब्दों में कहें तो, राज्य सरकार ने विशेष बच्चों के लिए एक नया मार्ग प्रशस्त किया है। मुख्यमंत्री धामी ने इस सेलेबस को लॉन्च करते हुए कहा है कि यह शिक्षा प्रणाली को अधिक सरल और प्रभावशाली बनाता है। शाइन अवी लर्निंग के माध्यम से शोध एवं विकास की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री ने अपने उद्घाटन भाषण में कहा कि केंद्र और राज्य सरकार ने हमेशा शिक्षा को प्राथमिकता दी है, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लागू की गई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का लक्ष्य बच्चों को केवल पढ़ाई के लिए नहीं बल्कि सोचने, समझने, नवाचार और आत्मविश्वास के साथ जीवन में आगे बढ़ने के लिए तैयार करना है।

विशेष जरूरतों के बच्चों की स्थिति

मुख्यमंत्री ने आंकड़े प्रस्तुत करते हुए बताया कि राज्य में लगभग 5,800 विशेष आवश्यकता वाले बच्चे विभिन्न विद्यालयों में पंजीकृत हैं। सरकारी 11 विशेष विद्यालयों के माध्यम से 1,300 से अधिक बच्चों को विशेष शिक्षण और पुनर्वास सुविधाएँ प्रदान की जा रही हैं। इसके अतिरिक्त, 300 से अधिक विशेष शिक्षकों की नियुक्ति की गई है, और शेष रिक्त पदों पर भर्तियाँ भी जल्द की जाएँगी।

समावेशी शिक्षा का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य का उद्देश्य समावेशी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना है, जिसमें हर बच्चा अपनी क्षमताओं के अनुसार आगे बढ़ सके। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बच्चों को केवल परीक्षाओं के लिए नहीं, बल्कि जीवन की चुनौतियों के लिए तैयार करना आवश्यक है।

अनुसंधान और प्रेरणा

मुख्यमंत्री ने शिक्षाविद अनीता शर्मा और उनकी टीम को बधाई देते हुए कहा कि अनीता ने विदेश से लौटकर उत्तराखंड में शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार किया है, जो अन्य प्रवासियों के लिए एक प्रेरणा है। उन्होंने यह भी कहा कि कई प्रवासियों ने अपने गांव वापस लौटकर काम करने का इरादा व्यक्त किया है, और यह समाज के लिए एक सकारात्मक संकेत है।

“हमें अपनी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना है और इसे आगे बढ़ाना है,” मुख्यमंत्री ने जोड़ते हुए कहा। यह शिक्षा नीति न केवल राज्य की युवा पीढ़ी के विकास में सहायक होगी, बल्कि भारत के नए चरित्र निर्माण में भी योगदान देगी।

शाइन अवी लर्निंग सेलेबस की विशेषताएँ इस तरह की हैं कि यह बच्चों को संज्ञानात्मक विकास में मदद करेगा। इस पाठ्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विशेष जरूरतों वाले बच्चों के लिए बोली, संज्ञानात्मक एवं सामाजिक कौशल में वृद्धि करना है।

मुख्यमंत्री ने एक बार फिर शिक्षा विभाग को सचेत किया कि वे समावेशी एवं गुणवत्ता युक्त शिक्षा प्रस्तुत करने में प्राथमिकता दें। इस पहल से निश्चित ही कई विशेष जरूरतों वाले बच्चे शिक्षा के इस नए दिशा में अपने जीवन को सुधार पाएंगे।

शिक्षा के इस नवाचार के लिए सभी सहयोगियों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि यह एक नई लहर का आरंभ करेगा, जहां हर बच्चा शिक्षा के समान अवसर का लाभ उठा सकेगा।

इस रिपोर्ट की पूरी जानकारी के लिए, कृपया The Odd Naari पर जाएँ।

सादर,
टीम द ओड नारी
(गीता शर्मा)

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