दिल्ली में ओ—जोन मामले को लेकर बिधूड़ी ने संसद में उठाया आवाज, 15 लाख लोगों को राहत दिलाने का किया अनुरोध
नई दिल्ली: दक्षिण दिल्ली से भाजपा सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने आज संसद में ओ—जोन का मामला उठाया और सरकार से अनुरोध किया कि दिल्ली की 92 कॉलोनियों और 12 प्राचीन गांवों को ओ—जोन से हटाया जाए ताकि 15 लाख लोगों को राहत मिल सके। बिधूड़ी ने नियम—377 के अंतर्गत इस मामले पर अपना वक्तव्य […]
दिल्ली में ओ—जोन मामले को लेकर बिधूड़ी ने संसद में उठाया आवाज
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कम शब्दों में कहें तो, भाजपा सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने आज संसद में दिल्ली की 92 कॉलोनियों और 12 प्राचीन गांवों को ओ—जोन से हटाने की मांग की। इससे 15 लाख लोगों को राहत मिल सकती है।
नई दिल्ली: दक्षिण दिल्ली के भाजपा सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने आज संसद में ओ—जोन मामले को उठाते हुए सरकार से अनुरोध किया कि दिल्ली की 92 कॉलोनियों और 12 प्राचीन गांवों को ओ—जोन से हटा दिया जाए। ऐसा करने से लगभग 15 लाख लोगों को राहत का लाभ मिल सकेगा। बिधूड़ी ने नियम—377 के तहत इस मामले पर अपना वक्तव्य प्रस्तुत किया, जिसे स्पीकर ने पटल पर रखने की अनुमति दी।
अपने वक्तव्य में बिधूड़ी ने बताया कि 10 अगस्त 2010 को जिन इलाकों को ओ—जोन में शामिल किया गया था, उनमें सरकार की कुछ प्रमुख इमारतें जैसे दिल्ली सचिवालय, अक्षरधाम मंदिर, कॉमनवेल्थ गेम्स विलेज और मदनपुर खादर पुनर्वास कॉलोनी शामिल हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि 24 मार्च 2008 को सरकार ने इन 92 कॉलोनियों को नियमित कर दिया था।
दिलचस्प बात यह है कि 12 प्राचीन गांव, जो सदियों से बसे हुए हैं, वे भी अचानक 10 अगस्त 2010 को ओ—जोन में डाल दिए गए। बिधूड़ी ने वक्तव्य में यह तथ्य भी दिया कि केंद्र सरकार ने 28 सितंबर 2013 को इन कॉलोनियों को ओ—जोन से हटाने का ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया था, लेकिन इसके बाद से यह मामला अटका हुआ है।
बिधूड़ी ने स्पष्ट किया कि इन सभी क्षेत्रों को ओ—जोन से हटाने की आवश्यकता है ताकि उन्हें नियमित किया जा सके और स्थानीय निवासियों को राहत दी जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार को इस दिशा में इस मुद्दे को प्राथमिकता से लेना चाहिए।
दिल्ली की इन कॉलोनियों में रहने वाले लोगों के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम होगा। यदि सरकार इस ओर सक्रियता से कदम बढ़ाती है, तो यह दिल्ली के गरीब और मध्यम वर्गीय निवासियों के लिए उम्मीद की किरण साबित हो सकता है।
इसके अलावा, बिधूड़ी ने इस बात पर भी विचार किया कि सरकार को ओ—जोन के हालात को सुधारने के लिए स्थायी और दीर्घकालिक समाधान निकालने चाहिए। एक ऐसा समाधान जो न केवल वर्तमान में राहत प्रदान करे, बल्कि भविष्य में इस प्रकार की समस्याओं से निपटने के लिए भी तैयार हो।
संक्षेप में कहा जाए तो, यदि दिल्ली की सरकार इस सूत्र को गंभीरता से लेती है और ओ—जोन का मसला हल करने के लिए ठोस कदम उठाती है, तो इससे न केवल निवासी खुशहाल होंगे, बल्कि दिल्ली के विकास में भी गति आएगी।
अंत में, हम आशा करते हैं कि सांसद बिधूड़ी का यह प्रयास सफल हो और सरकार इस मामले को प्राथमिकता दे। इस प्रकार की सक्रियता से निश्चित रूप से दिल्ली के निवासियों की समस्या का समाधान निकल सकता है।
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सादर,
Team The Odd Naari
(नीना शर्मा)
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