‘होल ऑफ स्टेट’ दृष्टिकोण से विज्ञान और प्रौद्योगिकी को आगे बढ़ाने का समय - अजय सूद
The post ‘होल ऑफ स्टेट’ दृष्टिकोण से विज्ञान संस्थानों को जोड़ने की जरूरत- अजय सूद appeared first on Avikal Uttarakhand. विज्ञान व तकनीक को आमजन से जोड़ने पर जोर, यूकॉस्ट पहुंचे शीर्ष वैज्ञानिक प्रो. के.के. पंत ने ‘वोकल फॉर लोकल’ आज की जरूरत अविकल उत्तराखण्ड देहरादून। भारत सरकार के प्रधान… The post ‘होल ऑफ स्टेट’ दृष्टिकोण से विज्ञान संस्थानों को जोड़ने की जरूरत- अजय सूद appeared first on Avikal Uttarakhand.
‘होल ऑफ स्टेट’ दृष्टिकोण से विज्ञान और प्रौद्योगिकी को आगे बढ़ाने का समय - अजय सूद
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कम शब्दों में कहें तो, भारत में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के समृद्ध संस्थानों को एकजुट करने की आवश्यकता है। प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. अजय सूद ने इस दिशा में महत्त्वपूर्ण विचार व्यक्त किए हैं।
देहरादून: हाल ही में, भारत सरकार के प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. अजय कुमार सूद ने उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट) का दौरा किया, जिसमें उन्होंने विज्ञान और प्रौद्योगिकी को आम लोगों से जोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस दौरान उन्होंने भारतीय विज्ञान संस्थानों के योगदान और उनकी उपलब्धियों को एक मंच पर लाने के लिए एक ‘होल ऑफ स्टेट’ दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया।
संस्थान और विशेषज्ञता का महत्व
प्रो. सूद ने कहा कि उत्तराखंड में प्रतिष्ठित वैज्ञानिक और अनुसंधान संस्थानों की उपस्थिति है, जो इसे वैज्ञानिक दृष्टि से समृद्ध बनाते हैं। उन्होंने ‘होल ऑफ स्टेट’ दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए बताया कि इसे लागू करने से विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के लाभ आम जनता तक पहुंचाए जा सकते हैं। इसके अलावा, उन्होंने ‘होल ऑफ नेशन’ दृष्टिकोण के माध्यम से समस्त देश में वैज्ञानिक कार्यों और तकनीकी हस्तक्षेपों को समाज से जोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया।
अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने की पहल
इस कार्यक्रम में अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (एएनआरएफ) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. शिवकुमार कल्याणरमन ने भी भाग लिया। उन्होंने अनुसंधान और नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए एएनआरएफ के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का महत्व बताया, जहाँ देशभर में होने वाली वैज्ञानिक गतिविधियों की जानकारी साझा की जा रही है। उन्होंने ‘सरल एआई’ पहल का जिक्र करते हुए बताया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग से शोध कार्यों को सरल बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना
आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. के.के. पंत ने स्थानीय विकास और विश्वस्तरीय नवाचारों को जोड़ने के लिए ‘वोकल फॉर लोकल’ के सिद्धांत पर भी चर्चा की। उन्होंने युवाओं को स्टार्टअप और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया और कहा कि आईआईटी रुड़की नवाचार और स्टार्टअप के क्षेत्र में तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान कर सकता है।
भविष्य की योजनाएं
यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत ने भी परिषद की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने विज्ञान संचार, अनुसंधान, नवाचार और वैज्ञानिक उपलब्धियों को समाज तक सरल एवं प्रभावी माध्यमों से पहुंचाने के महत्व को रेखांकित किया। इस अवसर पर अतिथियों ने विज्ञान केंद्र का दौरा किया और हिमालयन गैलरी का विशेष भ्रमण किया।
प्रो. सूद, प्रो. पंत, और डॉ. कल्याणरमन सहित अन्य विशेषज्ञों ने साझा प्रयासों की सराहना की, जो वर्तमान में विज्ञान और प्रौद्योगिकी को समाज के साथ जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इस मामले में और जानकारी के लिए, हमारी वेबसाइट पर जाएं।
संक्षेप में, विज्ञान और प्रौद्योगिकी को समाज से जोड़ने के लिए एक समग्र दृष्टिकोण की आवश्यकता है, जो न केवल वैज्ञानिक अनुसंधान को प्रोत्साहित करेगा, बल्कि भारतीय समाज में इन्हें उपयोगी बनाने के लिए भी एक ठोस बुनियाद तैयार करेगा।
सादर,
टीम द ओड नारी | स्नेहा शर्मा
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