हिमालयन कंस्ट्रक्शन कंपनी का लाइसेंस निलंबित, टेंडर प्रक्रिया से ब्लैकलिस्ट
The post एक्शन- हिमालयन कंस्ट्रक्शन कंपनी का लाइसेंस निलंबित appeared first on Avikal Uttarakhand. निर्माण कंपनी को टेंडर प्रक्रिया से किया ब्लैक लिस्ट जांच का फैसला मान्य-रुचि भट्ट स्कॉर डेप्थ का आकलन नहीं कराने पर कार्रवाई जीपीआर और ईआरटी जांच के बाद ही आगे… The post एक्शन- हिमालयन कंस्ट्रक्शन कंपनी का लाइसेंस निलंबित appeared first on Avikal Uttarakhand.
हिमालयन कंस्ट्रक्शन कंपनी का लाइसेंस निलंबित, टेंडर प्रक्रिया से ब्लैकलिस्ट
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड में हिमालयन कंस्ट्रक्शन कंपनी के लाइसेंस को निलंबित कर दिया गया है और कंपनी को टेंडर प्रक्रिया से ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है। यह कार्रवाई कंपनी द्वारा स्कॉर डेप्थ का आकलन न कराए जाने की गंभीरता के चलते की गई है।
देहरादून। हाल ही में हुए एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, राज्य सरकार ने तीन इंजीनियरों के निलंबन के बाद हिमालयन कंस्ट्रक्शन कंपनी को भी ब्लैकलिस्ट कर दिया है। प्रमुख अभियंता एवं विभागाध्यक्ष राजेश चंद्र ने शनिवार को इस संबंध में आदेश जारी किए हैं, जिससे कंपनी को टेंडर प्रक्रिया में भाग लेने से रोका गया है। यह फैसला प्रमुख रूप से टोंस नदी पर स्थित एक पुल के पुनर्निर्माण एवं सुधार कार्य में आई लापरवाही के चलते लिया गया है।
कंपनी के खिलाफ उठाए गए कदम
दरअसल, यह कार्रवाई तब हुई जब लोक निर्माण विभाग को पता चला कि देहरादून-हरबर्टपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-72 पर किलोमीटर 143 में मौजूद एक पुल की एप्रोच रोड को भारी वर्षा और फ्लैश फ्लड के कारण गंभीर नुकसान हुआ है। जांच में यह सामने आया कि कार्य के दौरान स्कॉर डेप्थ का आकलन नहीं कराया गया। यह एक गंभीर तकनीकी खामी बताई गई है जिसके लिए विभाग ने निलंबन की प्रक्रिया शुरू की।
तकनीकी रिपोर्ट और जांच के निष्कर्ष
28 जुलाई को भारी वर्षा ने पुल की एप्रोच रोड को नुकसान पहुँचाया। इसके बाद शासन स्तर से प्राथमिक जांच के आदेश दिए गए। मुख्य अभियंता द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट में कहा गया था कि हेवी स्कॉरिंग के कारण एप्रोच रोड को नुकसान हुआ। जांच अधिकारी ने ग्राउंड पेनेट्रेशन रडार (GPR) और इलेक्ट्रिकल रेजिस्टिविटी टेस्ट (ERT) कराने की सिफारिश की है, ताकि वास्तविक स्कॉर डेप्थ का पता लगाया जा सके। इस मामले में नवीनतम आदेश के अनुसार, कंपनी को तब तक निलंबित रखा जाएगा जब तक कि ये परीक्षण पूरे नहीं हो जाते।

रुचि भट्ट का बयान
भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष रुचि भट्ट ने मामले की गंभीरता को समझते हुए कहा कि कंपनी के खिलाफ उठाए गए कदम उचित हैं और सरकार ने तुरंत जांच कराई है। उन्होंने कहा कि, "जांच के बाद जो भी फैसला होगा, वह हम स्वीकार करेंगे।"
भविष्य की दिशा
यह सुनिश्चित किया जाएगा कि स्कॉर डेप्थ का आकलन उचित रूप से किया जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके। विभाग का कहना है कि एक बार जब स्कॉर डेप्थ का वैज्ञानिक आकलन हो जाएगा, तब ही कंपनी के खिलाफ और भी कठोर निर्णय लिए जा सकते हैं।
प्रमुख तथ्य
- कंपनी को सभी निर्माण कार्यों से निलंबित किया गया।
- स्कॉर डेप्थ का आकलन नहीं कराने पर कार्रवाई हुई।
- GPR और ERT जांच के बाद ही आगे का फैसला लिया जाएगा।
इस प्रकार, निर्माण कंपनियों के लिए यह मामला एक सतर्क संदेश है कि यदि वे मानकों का पालन नहीं करती तो उन्हें गंभीर परिणामों का सामना करना पड़ सकता है।
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Team The Odd Naari
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