सुप्रीम कोर्ट की Form-6 पर महत्वपूर्ण टिप्पणी, चुनाव आयोग पर उठे सवाल; SIR मामले में CEC को नोटिस

नई दिल्ली। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR (Special Intensive Revision) को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान Form-6 को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणी सामने आई। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने स्पष्ट किया कि अदालत ने Form-6 के किसी संशोधित प्रारूप को मंजूरी नहीं दी है। कोर्ट […] The post Form-6 पर सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी, चुनाव आयोग के दावे पर उठे सवाल; SIR मामले में CEC को नोटिस appeared first on Uttarakhand Broadcast.

Oct 5, 2026 - 18:38
 147  3.4k
सुप्रीम कोर्ट की Form-6 पर महत्वपूर्ण टिप्पणी, चुनाव आयोग पर उठे सवाल; SIR मामले में CEC को नोटिस
सुप्रीम कोर्ट की Form-6 पर महत्वपूर्ण टिप्पणी, चुनाव आयोग पर उठे सवाल; SIR मामले में CEC को नोटिस

सुप्रीम कोर्ट की Form-6 पर महत्वपूर्ण टिप्पणी, चुनाव आयोग पर उठे सवाल; SIR मामले में CEC को नोटिस

Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - The Odd Naari

कम शब्दों में कहें तो, सुप्रीम कोर्ट ने Form-6 के मामले में चुनाव आयोग के दावे को सवालों के घेरे में ला दिया है।

नई दिल्ली। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR (Special Intensive Revision) को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान Form-6 के पक्ष में महत्वपूर्ण टिप्पणी का सामना हुआ। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने स्पष्ट किया कि अदालत ने Form-6 के किसी संशोधित प्रारूप को मंजूरी नहीं दी है। कोर्ट का यह बयान वोटिंग प्रक्रिया के प्रशासन में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के महत्व को दर्शाता है।

सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग की 26 सितंबर को जारी प्रेस विज्ञप्ति को लेकर भी सवाल उठाए हैं। आयोग ने इस विज्ञप्ति में कहा था कि SIR के दौरान Form-6 के साथ उपयोग किए जाने वाले डिक्लेरेशन को सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा है। लेकिन अदालत ने इस पर स्पष्ट कहा कि उसने किसी संशोधित Form-6 को मंजूरी नहीं दी है।

Form-6 को लेकर क्या है विवाद?

चुनाव आयोग की 26 सितंबर को हुई बैठक के बाद जारी प्रेस नोट में यह जानकारी दी गई थी कि SIR के दौरान Form-6 के साथ निर्धारित डिक्लेरेशन का उपयोग किया जाएगा। जहां SIR की प्रक्रिया लागू नहीं होती है, वहां Registration of Electors Rules, 1960 के अनुसार Form-6 का प्रयोग किया जाएगा।

परंतु, सुप्रीम कोर्ट ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि अदालत ने किसी भी संशोधित Form-6 को स्वीकृति नहीं दी है। Chief Justice ने यह भी मांग की कि यह स्पष्ट किया जाए कि फॉर्म में बदलाव किसने और किस आधार पर किया है।

CEC ज्ञानेश कुमार के फैसलों पर भी सुनवाई

विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े मामलों में, सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार तथा अन्य चुनाव आयुक्तों के बारे में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सुनवाई की। कई याचिकाओं में चुनाव आयोग के एकतरफा निर्णयों के आरोप लगे हैं।

हालांकि, अदालत ने मुख्य चुनाव आयुक्त को सर्वसम्मति के बिना किसी फैसला लेने से रोकने के अंतरिम आदेश जारी करने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि यदि किसी निर्णय के अंतर्गत कानून का उल्लंघन पाया गया, तो उस निर्णय को रद्द किया जा सकता है।

इसी के मद्देनजर, सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगने का कार्य शुरू कर दिया है।

अखबारों की खबरों के आधार पर आदेश नहीं दे सकता कोर्ट

सुनवाई के दौरान, जब याचिकाकर्ताओं ने चुनाव आयोग की प्रेस विज्ञप्ति को समाचार रिपोर्टों के संदर्भ में पेश किया, तो CJI सूर्यकांत ने स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट केवल समाचार पत्रों में प्रकाशित समाचारों के आधार पर कोई आदेश नहीं दे सकता।

पश्चिम बंगाल में मतदाता संबंधी विवाद

Pश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के दौरान कुछ मतदाता दावा करते हैं कि उनके नाम मतदाता सूची से हट गए हैं। इसी कारण वे चुनाव में मतदान नहीं कर पाए। यह मामला न्यायालय की सुनवाई का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बना हुआ है।

हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने उपचुनाव के पहले मामले की तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया था।

बिहार में SIR को सुप्रीम कोर्ट पहले ही मान चुका है कानूनी

बिहार का मामला खास महत्व रखता है। चुनाव आयोग ने वहाँ विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया आरंभ की थी।

सुप्रीम कोर्ट ने इस प्रक्रिया को संवैधानिक तथा जनप्रतिनिधित्व क़ानून के अनुरूप माना। अदालत ने यह कहा था कि प्रवर्तन का तरीका सबसे सर्वश्रेष्ठ है या नहीं, यह उसके कार्यक्षेत्र में नहीं आता।

अब Form-6 और SIR पर आगे क्या होगा?

सोमवार की सुनवाई ने चुनाव आयोग के 26 सितंबर की प्रेस विज्ञप्ति पर नया प्रश्न खड़ा कर दिया है। अब अदालत को देखना है कि Form-6 में बदलाव किसने किया और किस आधार पर किया गया।

इससे पहले, CEC ज्ञानेश कुमार पर उठ रहे आरोपों की भी सुनवाई होगी। सुप्रीम कोर्ट ने संकेत दिया है कि यदि किसी निर्णय में कानून की उल्लंघना की गई, तो उस पर कार्रवाई संभावित है।

सुप्रीम कोर्ट का यह मामला मतदाता सूची और नागरिकों के मतदान के अधिकार से जुड़ा हुआ है। आगामी सुनवाई में Form-6, चुनाव आयोग की निर्णय प्रक्रिया, और SIR से प्रभावित मतदाताओं के अधिकारों को लेकर स्पष्टता की उम्मीद जताई जा रही है।

संसार भर में लोकतंत्र की धुरी केवल स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव नहीं हैं, बल्कि यह सुनिश्चित भी है कि हर नागरिक के मताधिकार का सम्मान हो।

अधिक जानकारी के लिए, https://theoddnaari.com पर जाएँ।

आपका धन्यवाद,
टीम द ओड नारी

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow