भैरव सेना का आरोप: बीकेटीसी में भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रशासन को ज्ञापन
The post भैरव सेना ने लगाया बीकेटीसी पर भ्रष्टाचार का आरोप appeared first on Avikal Uttarakhand. बोर्ड भंग करने की मांग अविकल उत्तराखंड देहरादून। देवभूमि की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक अस्मिता की रक्षा के लिए संकल्पित संगठन ‘भैरव सेना’ ने श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) में व्याप्त… The post भैरव सेना ने लगाया बीकेटीसी पर भ्रष्टाचार का आरोप appeared first on Avikal Uttarakhand.
भैरव सेना का हमला: बीकेटीसी पर भ्रष्टाचार के आरोप
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कम शब्दों में कहें तो, भैरव सेना ने श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) में भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं का गंभीर आरोप लगाया है। संगठन ने इसके खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए सरकार को ज्ञापन सौंपा है।
देहरादून। देवभूमि की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक अस्मिता की रक्षा के लिए सक्रिय संगठन ‘भैरव सेना’ ने बीकेटीसी के खिलाफ गंभीर तर्क पेश करते हुए एक ज्ञापन राज्यपाल को सौंपा है। संगठन का कहना है कि मंदिर समिति में अनियमितताएँ बढ़ती जा रही हैं, जिनका प्रभाव मंदिर की छवि पर पड़ रहा है।
भैरव सेना की कार्रवाई
भैरव सेना के देहरादून जिला अध्यक्ष अनिल कुमार के नेतृत्व में, ज्ञापन को जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को भेजा गया। सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह ने ज्ञापन को स्वीकार किया। इससे पहले, संगठन ने पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज से भी मुलाकात की और उनसे कार्रवाई की मांग की।
संदीप खत्री का बयान
भैरव सेना के केंद्रीय अध्यक्ष संदीप खत्री ने इस मामले में तीखे शब्दों का प्रयोग करते हुए कहा कि “सनातन परंपराओं से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।” उन्होंने मंदिर समिति के अनैतिक कार्यों की निंदा करते हुए कहा कि यह देवभूमि की छवि को हानि पहुंचा रहा है।
मंदिर समिति की गतिविधियाँ
इस बारे में बात करते हुए खत्री ने कहा कि “बदरी-केदार धाम करोड़ों हिंदू श्रद्धालुओं का आस्था का केंद्र है, लेकिन मंदिर समिति के क्रियाकलाप इसे खतरे में डाल रहे हैं।” ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि आम श्रद्धालुओं से ₹1,100 का मनमाना शुल्क वसूलना पूरी तरह से व्यापारिक है और यह भक्तों में भेदभाव पैदा करता है।
आर्थिक गड़बड़ी और जांच की मांग
भैरव सेना ने यह भी आरोप लगाया कि यात्रियों की संख्या में वृद्धि के बावजूद समिति की आय में गिरावट आई है। 2024 की तुलना में 2025 में यात्रियों की संख्या में करीब साढ़े तीन लाख की रिकॉर्ड वृद्धि हुई, फिर भी आय में लगभग 13.5 करोड़ रुपये की कमी आई है। यह सीधा वित्तीय हेराफेरी का संकेत है।
भविष्य की रणनीति
भैरव सेना ने चेतावनी दी है कि यदि एक माह के अंदर कोई कार्रवाई नहीं की जाती है, तो वे आंदोलनात्मक कदम उठाने पर मजबूर होंगे और पर्यटन मंत्री के आवास के बाहर प्रदर्शन करेंगे।
संघठन ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रदेश के गृह विभाग द्वारा एक पूर्व सदस्य की जांच की गई थी, जिसमें अपराध साबित हुआ, लेकिन पिछले दो वर्षों से उस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि इससे शासन स्तर पर अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध बनती है।
समापन विचार
भैरव सेना ने मांग की है कि मंदिर समिति का बोर्ड तुरंत भंग किया जाए और पूरे प्रकरण की स्वतंत्र और समयबद्ध जांच की जाए। इस ज्ञापन में शामिल अन्य कार्यकर्ताओं में गजेंद्र चौहान, गणेश जोशी, मनीष कुमार, और अन्य प्रमुख सदस्य शामिल थे।
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— टीम द ओड नारी, प्रिया सिंह
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