देहरादून में राहुल गांधी के साथ युवाओं की आवाज: ‘छात्रों की गूंज’ ने जगाई नई उम्मीद

The post राहुल गांधी और ‘छात्रों की गूंज’ से गूंजा देहरादून appeared first on Avikal Uttarakhand. पेपर लीक के खिलाफ राहुल गांधी के साथ हजारों युवाओं ने भरी हुंकार ‘रोजगार हमारा अधिकार है’ के नारों से परेड ग्राउंड में दिखा युवाओं का जोश शिक्षा व्यवस्था में… The post राहुल गांधी और ‘छात्रों की गूंज’ से गूंजा देहरादून appeared first on Avikal Uttarakhand.

Jul 18, 2026 - 00:38
 105  1.8k
देहरादून में राहुल गांधी के साथ युवाओं की आवाज: ‘छात्रों की गूंज’ ने जगाई नई उम्मीद
देहरादून में राहुल गांधी के साथ युवाओं की आवाज: ‘छात्रों की गूंज’ ने जगाई नई उम्मीद

Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - The Odd Naari

कम शब्दों में कहें तो: देहरादून में आयोजित “छात्रों की गूंज” महारैली ने हजारों युवाओं के आक्रोश और उम्मीद को उजागर किया, जहां राहुल गांधी ने शिक्षा और रोजगार के मुद्दों पर बातचीत की।

देहरादून। राजधानी देहरादून में आयोजित “छात्रों की गूंज” महारैली ने न केवल युवाओं के आक्रोश का बयान दिया, बल्कि उन्हें एकजुट होने का मंच भी प्रदान किया। इस रैली में उपस्थित हजारों छात्र-छात्राओं और प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों ने “पेपर लीक” और “बेरोजगारी” के खिलाफ अपनी आवाज उठाई। राहुल गांधी के अधिकृत संबोधन से पहले, युवा जोश और नारों से गूंजते रहे, जिसमें “रोजगार हमारा अधिकार है” जैसे नारों की गूंज सुनाई दी।

रविवार को गूंजते नारों का समागम

रैली का आयोजन परेड ग्राउंड में किया गया, जहाँ विभिन्न छात्र संगठन, जैसे एनएसयूआई और युवा कांग्रेस, ने अपने विचार साझा किए। इस अवसर पर “नौकरी नहीं, तो जवाब दो” और “मेहनत का सम्मान करो” जैसे नारे सुनाई दिए, जो वर्तमान शिक्षा व्यवस्था की कटुता पर एक तीखा कटाक्ष था। युवा खातों और बैनर पर अपनी मांगें भी लिखकर लाए, जिसमें पारदर्शी परीक्षा प्रक्रियाओं और नियमित समयाबद्ध परीक्षाओं की मांग की गई।

राहुल गांधी के बोल: युवाओं की आवाज को पहचाने की आवश्यकता

राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कहा कि पेपर लीक केवल एक प्रक्रिया की विफलता नहीं, बल्कि यह युवाओं के सपनों की चोरी है। उन्होंने कहा, “यहाँ उपस्थित हर छात्र ने वर्षों तक मेहनत की है, लेकिन भ्रष्ट तंत्र उनकी मेहनत को कुछ ही में बर्बाद कर देता है। हमें शिक्षा और भर्ती प्रणाली को पारदर्शी, जवाबदेह और छात्रों के हित में बनाना होगा।”

छात्रों की गूंज महारैली
छात्रों के जोश से गूंजता देहरादून का परेड ग्राउंड

भावुक अनुभव और परिवर्तन की पुकार

रैली के दौरान उन छात्रों को भी मंच पर बुलाया गया जिनकी परीक्षाएं पेपर लीक या परीक्षा निरस्त होने से प्रभावित हुई थीं। भावुक क्षण तब आया जब आत्महत्या करने वाली छात्रा रिया थापा के पिता ने अपनी बेटी के संघर्ष की कहानी सुनाई। जिससे उपस्थित लोगों की आंखों में आंसू आ गए।

युवाओं की एकजुटता और भविष्य का संकल्प

रैली में मौजूद कई युवाओं ने कहा कि भर्ती घोटालों और परीक्षा अनियमितताओं ने उनके करियर के महत्वपूर्ण वर्ष छीन लिए हैं। युवाओं ने कड़ी कार्रवाई करने और परीक्षा कैलेंडर को समयबद्ध बनाने की मांग की। यह रैली स्वतंत्रता के बाद की सबसे बड़ी युवा सभा में से एक मानी जा रही है, जिसमें हर वर्ग और क्षेत्र से छात्र जुड़े हुए थे।

सड़क से संसद तक की यात्रा

कांग्रेस के नेताओं ने इस रैली को युवाओं की आवाज को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने की शुरुआत बताया। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन सड़क से संसद तक जारी रहेगा। देहरादून की “छात्रों की गूंज” ने स्पष्ट संदेश दिया कि उत्तराखंड का युवा अब केवल आश्वासनों से संतुष्ट नहीं है, बल्कि वह पारदर्शी भर्ती व्यवस्था, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सम्मानजनक रोजगार के लिए अपनी आवाज बुलंद करेगा।

छात्रों की गूंज महारैली
राहुल गांधी के साथ युवा छात्रों का अभूतपूर्व समर्थन

पिक्चर अभी बाकी है …

राहुल गांधी की उपस्थिति और युवा जोश से रैली में जोश भरा हुआ था। भारी बारिश के बाद भी, सैकड़ों लोग अंतिम क्षणों तक जुड़े रहे। यह इशारा करता है कि युवा बदलाव के लिए तैयार हैं और अब उनसे कोई भी आश्वासन उन्हें संतुष्ट नहीं करेगा। यह आम चुनावों से पहले की एक महत्वपूर्ण रैली थी, जिस पर कई राजनीतिक निहितार्थ निकाले जा सकते हैं।

इस अभूतपूर्व रैली में हुई भाषणबाजी और अनुभवों ने नए एकजुटता और साहस को जगाया है। जैसे-जैसे चुनाव की तैयारी शुरू होती है, यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या वास्तव में इस युवा आंदोलन का राजनीतिक परिवर्तन पर कोई असर होगा।

For more updates, visit The Odd Naari

Team The Odd Naari - अंजली

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow