कॉलेज में नकल के मामले ने दरोगा को निलंबित किया: जानिए पूरी कहानी

देहरादून। राजधानी देहरादून स्थित राजकीय पॉलिटेक्निक पित्थूवाला में शिक्षकों और कर्मचारियों के साथ कथित मारपीट एवं अभद्रता के मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रमेंद्र डोबाल ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस दूरसंचार शाखा में तैनात उपनिरीक्षक महेश कंडवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस घटना ने शिक्षा संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था […] The post बेटे को नकल में पकड़ा तो भड़क गए दरोगा! कॉलेज पहुंचकर हंगामे के आरोप में निलंबित appeared first on Uttarakhand Broadcast.

Jun 8, 2026 - 00:38
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कॉलेज में नकल के मामले ने दरोगा को निलंबित किया: जानिए पूरी कहानी
कॉलेज में नकल के मामले ने दरोगा को निलंबित किया: जानिए पूरी कहानी

कॉलेज में नकल के मामले ने दरोगा को निलंबित किया: जानिए पूरी कहानी

देहरादून। राजधानी देहरादून के राजकीय पॉलिटेक्निक पित्थूवाला में एक छात्र के नकल करते पकड़े जाने के बाद उपनिरीक्षक महेश कंडवाल पर कार्रवाई की गई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रमेंद्र डोबाल ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस घटना ने शिक्षा संस्थानों में सुरक्षा और सरकारी कर्मचारियों के व्यवहार को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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परीक्षा के दौरान नकल का मामला

इस मामले की शुरुआत 4 जून को हुई जब राजकीय पॉलिटेक्निक पित्थूवाला में हो रही परीक्षा के दौरान छात्र कबीर कंडवाल को नकल करते पकड़ा गया। शिक्षकों ने इस मामले में नियमों के अनुसार कार्रवाई की, और यह घटना सीसीटीवी कैमरों में भी कैद हो गई। शिक्षकों ने नकल करने वाले छात्र के खिलाफ उचित कदम उठाए, जो उनकी जिम्मेदारी थी।

कॉलेज में हंगामा करने की आरोप

आरोपित उपनिरीक्षक महेश कंडवाल अगले दिन कॉलेज पहुंचे, जहां उन्होंने अपने साले और एक महिला के साथ शिक्षकों और कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज, अभद्र व्यवहार एवं मारपीट की। इस घटना ने कॉलेज के वातावरण को tension में डाल दिया। इससे यह आरोप भी लगा कि उन्होंने संस्थान के कार्य में बाधा डाली है। यह लड़ाई शिक्षकों और पुलिस के बीच एक अनियोजित विवाद बन गई।

विवाद के बाद दोनों पक्षों के बीच आपसी शिकायतें

इस विवाद के बाद, उपनिरीक्षक महेश कंडवाल ने पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई जिसमें उन्होंने कहा कि उनके बेटे के साथ शिक्षकों द्वारा मारपीट की गई। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके बेटे को बंधक बनाया गया और जान से मारने की धमकी दी गई।

इसके साथ ही, कॉलेज के प्रधानाचार्य अवनीश जैन ने महेश कंडवाल और उनके बेटे कबीर कंडवाल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई, जिसमें संस्थान परिसर में अभद्रता और सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप लगाया गया। दोनों पक्षों की शिकायतों ने स्थिति को और भी जटिल बना दिया।

SSP प्रमेंद्र डोबाल की कार्रवाई

इस घटना को गम्भीरता से लेते हुए एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने महेश कंडवाल को तत्काल निलंबित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस विभाग के सभी कर्मियों से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने पद के अनुरूप व्यवहार करें और अनुशासन का पालन करें। किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता या पद का दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह एक महत्वपूर्ण कदम है जो पुलिसिंग के मानकों को अन्य सरकारी विभागों में भी लागू करता है।

जांच जारी: सीसीटीवी फुटेज की भूमिका

पुलिस द्वारा दोनों पक्षों की शिकायतों और उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज के आधार पर इस मामले की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच समाप्त होने के बाद मिले तथ्यों के आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। यह इस प्रकार की घटनाओं की गंभीरता को समझने और संस्थानों की सुरक्षा को मजबूत करने में मदद करेगा।

कम शब्दों में कहें तो, इस घटना ने न केवल पुलिस विभाग के आचरण पर सवाल उठाए हैं, बल्कि यह भी दर्शाया है कि शिक्षा संस्थानों को अधिक सुरक्षा और अनुशासन की आवश्यकता है। ऐसे में यह कड़ी कार्रवाई यह दर्शाती है कि प्रशासन किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं करेगा।
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Team The Odd Naari - आर्या शर्मा

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