उत्तराखंड: PM मोदी की अपील का असर, मंत्री गणेश जोशी ने स्कूटी से दफ्तर पहुंचकर किया अनूठा उदाहरण पेश
देहरादून। प्रदेश के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने सोमवार को पेट्रोल-डीजल बचाने और संसाधनों के
उत्तराखंड: PM मोदी की अपील का असर, मंत्री गणेश जोशी ने स्कूटी से दफ्तर पहुंचकर किया अनूठा उदाहरण पेश
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कम शब्दों में कहें तो, प्रदेश के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल का अनुपम परिचय देते हुए स्कूटी से अपना कार्यालय पहुंचकर संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग का संदेश दिया है।
देहरादून। प्रदेश के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने सोमवार को पेट्रोल और डीज़ल के वितरण में कमी लाने के उद्देश्य से अपने सरकारी वाहन का उपयोग नहीं किया और स्कूटी से कैंप कार्यालय पहुंचे। यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों से किए गए संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग की अपील का अनुसरण करते हुए उठाया गया।
पेट्रोल-डीजल की बचत का संदेश
ग्रहणीय स्थिति में वैश्विक संकटों के बावजूद, मंत्री जोशी ने स्पष्ट किया कि व्यक्तिगत और सार्वजनिक दोनों स्तरों पर छोटे-छोटे कदम बड़े बदलाव ला सकते हैं। उन्होंने गढ़ी कैंट में आयोजित एक कार्यक्रम के बाद यह कदम उठाया, जहां उन्होंने आम जनता को भी इस दिशा में प्रेरित किया। उनका मानना है कि हर व्यक्ति को अपने निजी संसाधनों का सही उपयोग करना चाहिए ताकि पर्यावरण की रक्षा हो सके और प्राकृतिक संसाधनों की बर्बादी रोकी जा सके।
प्रधानमंत्री मोदी का संदेश
कृषि मंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने देशवासियों से कई बार अपील की है कि हम सभी को अपने संसाधनों का सजग उपयोग करना चाहिए। उन्होंने यह भी नोट किया कि वैश्विक संकट, जैसे कि पश्चिमी एशिया में चल रहे युद्ध, से हमें यह सीखने को मिलता है कि कैसे हमें अपने संसाधनों की रक्षा करनी है।
समाज में परिवर्तन लाने की आवश्यकता
गणेश जोशी ने कहा कि यदि हम अपने जीवन में छोटे-छोटे बदलाव लाते हैं, तो हम निश्चित रूप से समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं। उन्होंने स्कूटी से दफ्तर जाकर अन्य मंत्रियों और लोक नेताओं के लिए एक उदाहरण स्थापित किया है और दर्शाया है कि परिवहन के टिकाऊ साधनों को अपनाने से कई लाभ हो सकते हैं।
इस पहल को देखकर लोग काफी प्रेरित हो सकते हैं और अपने निजी जीवन में भी परिवर्तन लाने के लिए प्रेरित हो सकते हैं। यह स्पष्ट है कि ऐसे छोटे-छोटे कदम बड़े बदलाव की शुरुआत कर सकते हैं।
आने वाले दिनों में यदि अन्य मंत्री और नेता भी इस दिशा में कदम बढ़ाएं तो यह न केवल पर्यावरण की रक्षा करेगा बल्कि देश को ऊर्जा के संकट से भी उबारने में मदद करेगा।
मंत्री गणेश जोशी की यह पहल संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग का एक बेहतरीन उदाहरण है और हमें याद दिलाती है कि हर व्यक्ति अपने स्तर पर कुछ कर सकता है।
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सादर,
टीम द ओड नारी
कृतिका शर्मा
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