उत्तराखंड में बिजली लाइनें होंगी भूमिगत, मिली 548 करोड़ की मंजूरी

देहरादून: केंद्र सरकार ने उत्तराखंड को बड़ी सौगात दी है। ऋषिकेश में बिजली लाइनों को

May 5, 2026 - 00:38
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उत्तराखंड में बिजली लाइनें होंगी भूमिगत, मिली 548 करोड़ की मंजूरी
उत्तराखंड में बिजली लाइनें होंगी भूमिगत, मिली 548 करोड़ की मंजूरी

उत्तराखंड में बिजली लाइनें होंगी भूमिगत, मिली 548 करोड़ की मंजूरी

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कम शब्दों में कहें तो, केंद्र सरकार ने उत्तराखंड को एक महत्वपूर्ण सौगात दी है। इस योजना के तहत ऋषिकेश में बिजली लाइनों को भूमिगत किया जाएगा, जिससे न केवल क्षेत्र की सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय सौंदर्य भी निखरेगा।

देहरादून: केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने ऋषिकेश में बिजली लाइनों को भूमिगत करने के लिए 489 करोड़ रुपयों की मंजूरी दी है। इसके साथ ही, ऋषिकेश, हरिद्वार और देहरादून में SCADA सिस्टम को स्थापित करने के लिए 59 करोड़ रुपये भी स्वीकृत किए गए हैं। यह जानकारी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को एक पत्र के माध्यम से भेजी गई है।

मुख्यमंत्री धामी ने इस निर्णय पर अपनी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि यह योजना विद्युत सुरक्षा और स्थानीय विकास में मदद करेगी।

बिजली लाइनों के भूमिगत होने के फायदे

बिजली लाइनों को भूमिगत करने से कई प्रकार के लाभ होते हैं। इसमें प्राकृतिक आपदाओं के दौरान बिजली की आपूर्ति में कमी और लाइनों के क्षति की संभावना को कम किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, यह क्षेत्र के सौंदर्य को बनाए रखने में भी सहायक होगा। भूमिगत लाइनें न केवल साधारण दृश्यता को सुखद बनाती हैं, बल्कि दुर्घटनाओं के जोखिम को भी कम करती हैं।

SCADA सिस्टम का महत्व

SCADA (Supervisory Control and Data Acquisition) प्रणाली को लागू करने से इलेक्ट्रिकल नेटवर्क की मॉनिटरिंग और नियंत्रण को आसान बनाया जाएगा। इससे न केवल बिजली वितरण में सुधार होगा, बल्कि बिजली की खपत की जानकारियों को भी समय पर पहुँचाया जा सकेगा। इस तकनीक के द्वारा बिजली की कुशलता और विश्वसनीयता दोनों में वृद्धि होने की संभावना है।

आर्थिक प्रभाव और विकास

इस परियोजना से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूत बनाने की उम्मीद की जा रही है। इससे स्थानीय व्यवसायों को बढ़ावा मिलेगा और नए रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे। जब बिजली की आपूर्ति सुचारु रहेगी, तो स्थानीय उद्योग भी प्रगति करेंगे, जिससे समग्र राज्य का विकास होगा।

भारत की विद्युत व्यवस्था को सुधारने के लिए इस प्रकार की योजनाएँ महत्वपूर्ण होती हैं। इससे केंद्र और राज्य सरकार की रणनीतियों के तहत विकास को समर्थन मिलता है।

मुख्यमंत्री धामी ने इस कदम को राज्य के लिए एक ऐतिहासिक क्षण बताया है और इसे उत्तराखंड के विकास और समृद्धि का एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानते हैं।

इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने स्थानीय निवासियों से अपील की है कि वे इस कार्य में सहयोग करें ताकि परियोजना को समय पर पूरा किया जा सके। इससे न केवल उनकी रोजमर्रा की जिंदगी में सुधार होगा, बल्कि राज्य के विकास में भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

इस योजना की सफलता के लिए सभी स्वीकृत तकनीकी मानकों और नियमों का पालन किया जाएगा। शासन की जानिब से इसके लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

अंत में, यह योजना राज्य के लिए न केवल बिजली की स्थिति में सुधार लाएगी, बल्कि इसके सामाजिक और आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी।

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Team The Odd Naari - कविता कुमारी

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