श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल ने किया नेत्रदान के प्रति जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन
देहरादून। मृत्यु के बाद भी किसी जरूरतमंद की जिंदगी में रोशनी लौटाने का संदेश देते हुए श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल (SMI) आई बैंक, देहरादून की ओर से 41वें नेत्रदान पखवाड़े के अवसर पर विशेष जागरूकता एवं सम्मान कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आमजन को Eye Donation (नेत्रदान) के प्रति जागरूक करना और […] The post मौत के बाद भी रोशनी बांटेंगे नेत्रदाता! श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में हुआ खास सम्मान appeared first on Uttarakhand Broadcast.
मौत के बाद भी रोशनी बांटेंगे नेत्रदाता! श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में हुआ खास सम्मान
देहरादून। मृत्यु के बाद भी किसी जरूरतमंद की जिंदगी में रोशनी लौटाने का संदेश देते हुए श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल (SMI) आई बैंक, देहरादून ने 41वें नेत्रदान पखवाड़े के अवसर पर एक विशेष जागरूकता और सम्मान कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आमजन को Eye Donation (नेत्रदान) के प्रति जागरूक करना और नेत्रदान करने वाले दिवंगत दाताओं तथा उनके परिवारों के अमूल्य योगदान को सम्मानित करना रहा।
इस सावधानीपूर्वक योजना में, मेहमानों को नेत्रदान करने वाले दिवंगत दाताओं के परिजनों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इसी के साथ, श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ सदस्यों को भी सम्मानित किया गया, जिन्होंने मरीज की मृत्यु की सूचना समय पर आई बैंक तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाई।
नेत्रदान से किसी की जिंदगी में लौट सकती है रोशनी
कार्यक्रम में एसएमआई आई बैंक की निदेशक प्रो. डॉ. तरन्नुम शकील ने नेत्रदान के महत्व पर एक प्रेरक व्याख्यान दिया। उन्होंने जानकारी दी कि मृत्यु के बाद किया गया नेत्रदान किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन में नई रोशनी लौटाने का एक सशक्त माध्यम बन सकता है। डॉ. शकील ने बताया कि समाज में आज भी नेत्रदान को लेकर कई भ्रांतियां बनी हुई हैं।
उन्होंने आगे कहा कि "इन भ्रांतियों को दूर करने के लिए व्यापक जनजागरूकता जरूरी है। अधिक से अधिक लोगों को इस मानवीय एवं पुनीत कार्य के लिए आगे आना चाहिए।" उनका यह संदेश उन सभी उपस्थित जनों के लिए एक महत्वपूर्ण बिंदु था।
नेत्रदाताओं के परिवारों का योगदान प्रेरणादायी
इस कार्यक्रम में यह बात भी स्पष्ट की गई कि नेत्रदान केवल एक संकल्प नहीं, बल्कि किसी की अंधेरी दुनिया में उजाले की नई शुरुआत है। नेत्रदाताओं के परिवारों द्वारा मुश्किल समय में लिया गया यह निर्णय न केवल उनके आत्मीय संघर्ष का प्रतीक है, बल्कि समाज के लिए एक प्रेरणा का स्रोत भी है।
एसएमआई आई बैंक ने सभी से अपील की कि वे नेत्रदान के महत्व को समझें, इससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर करें और इस पवित्र अभियान का हिस्सा बनें। जन-जागरूकता के माध्यम से नेत्रदान को लेकर लोगों की भागीदारी बढ़ाई जा सकती है और इससे जरूरतमंद लोगों के जीवन में नई रोशनी लाई जा सकती है।
कम शब्दों में कहें तो, यह कार्यक्रम एक आवश्यक पहल है जिसका उद्देश्य हमारे समाज में नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। इसके जरिए हमें यह समझने का मौका मिला है कि मृत्यु के बाद भी एक व्यक्ति का सामर्थ्य जीवन को संजीवनी देने में सहायक हो सकता है।
अधिक जानकारी के लिए, कृपया यहाँ क्लिक करें.
Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - The Odd Naari
टीम द ओड नारी
What's Your Reaction?