भारतीय सेना और CIMS & UIHMT के बीच समझौता: उच्च शिक्षा में शहीदों के आश्रितों को 100% मुफ्त, सेवारत सैनिकों के बच्चों को 40% छूट
DEHRADUN: देश के रक्षकों के बच्चों को उच्च शिक्षा में रियायती दरों पर बेहतर अवसर प्रदान करने के लिए 300 बच्चों को निशुल्क शिक्षा का मिशन चलाने वाले ललित जोशी ने अनोखी पहल की है। भारतीय सेना और देहरादून स्थित UIHMT और CIMS कॉलेज के बीच एक एमओयू साइन किया गया है जिसके तहत इन […] The post भारतीय सेना और CIMS & UIHMT के बीच करार, उच्च शिक्षा में शहीदों के आश्रितों की 100% फीस माफ,सेवारत सैनिकों के बच्चों को मिलेगी 40% छूट appeared first on Devbhoomi Dialogue.
भारतीय सेना और CIMS & UIHMT के बीच अनोखा संधि: शहीदों के बच्चों को मिलेगी उच्च शिक्षा में 100% फ़ीस छूट
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कम शब्दों में कहें तो, भारतीय सेना और देहरादून स्थित CIMS और UIHMT कॉलेज के बीच एक महत्वपूर्ण एमओयू साइन किया गया है, जिससे शहीदों के आश्रितों की 100% ट्यूशन फीस माफ करने का निर्णय लिया गया है। सेवारत सैनिकों के बच्चों को भी 40% छूट दी जाएगी। इस पहल का उद्देश्य 300 बच्चों को निशुल्क शिक्षा का अवसर प्रदान करना है।
DEHRADUN: हाल ही में देश के रक्षकों के बच्चों को उच्च शिक्षा में रियायती दरों पर बेहतर अवसर प्रदान करने के लिए ललित जोशी द्वारा एक अनोखी पहल शुरू की गई है। इस पहल के अंतर्गत भारतीय सेना ने देहरादून स्थित UIHMT और CIMS कॉलेजों के साथ एक महत्वपूर्ण एमओयू साइन किया है। इस समझौते के अनुसार, शहीदों और वीर नारियों के बच्चों के लिए उच्च शिक्षा के कोर्सेज में दाखिला लेते समय 100% ट्यूशन फीस माफ की जाएगी। साथ ही, सेवारत एवं सेवानिवृत्त सैनिकों के बच्चों के लिए 40% तक की फीस में छूट दी जाएगी, जिससे उनकी उच्च शिक्षा की राह सुगम बनेगी।
नई दिल्ली में साइन किए गए इस एमओयू का उद्देश्य आर्थिक कारणों से सैन्य परिवारों की अगली पीढ़ी को उच्च शिक्षा से वंचित होने से बचाना है। इसके तहत अग्निवीर और उनके आश्रित भी इस योजना का लाभ उठा सकेंगे।
समझौता का उद्देश्य
इस एमओयू के तहत देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले सैनिकों के आश्रितों तथा वीर नारियों के बच्चों की शिक्षा पर 100% ट्यूशन फीस माफ करने का प्रावधान है। इसके अतिरिक्त, योग्य सेवारत और सेवानिवृत्त भारतीय सैन्य कर्मियों के बच्चों को उच्च शिक्षा में 40% तक की फीस की छूट दी जाएगी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य आर्थिक कठिनाइयों के कारण प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित होना और बेहतर करियर के अवसर उपलब्ध कराना है।
यह पहल क्या मायने रखती है?
यह पहल न केवल शहीदों और वीर सैनिकों के परिवारों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का प्रतीक है, बल्कि यह सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को भी मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इस सुविधा के माध्यम से सैन्य परिवारों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा की मुख्यधारा में सफलतापूर्वक आगे बढ़ने का अवसर प्राप्त होगा।
कौन से कोर्सेस में मिलेगा लाभ?
CIMS एवं UIHMT ग्रुप ऑफ कॉलेजेज में चिकित्सा, स्वास्थ्य शिक्षा, नर्सिंग, पैरामेडिकल, फार्मेसी, प्रबंधन, कंप्यूटर साइंस, होटल मैनेजमेंट एवं कानून जैसे विभिन्न उच्च शिक्षा के पाठ्यक्रम संचालित किए जाते हैं। इस एमओयू के तहत पात्र सैन्य आश्रित विद्यार्थियों को इन क्षेत्रों में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए विशेष आर्थिक एवं शैक्षणिक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।
ललित जोशी का बयान
‘सैनिक परिवारों की सेवा मेरा सौभाग्य‘ - ललित जोशी, CIMS-UIHMT ग्रुप ऑफ कॉलेजेज के चेयरमैन, ने कहा कि "सैनिक अपनी जान की परवाह किए बिना देश की सुरक्षा के लिए एक अद्वितीय बलिदान देते हैं। उनके परिवारों की शिक्षा और भविष्य को सुरक्षित रखना हमारी सामाजिक जिम्मेदारी है। यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि हम सैनिकों और उनके परिवारों की सेवा कर सकें।" उन्होंने इस पंक्ति में आगे कहा, "यह एक छोटी सी कोशिश है, ताकि हम भी उनके महान बलिदान का कुछ तो कर्ज चुका सकें।"
इस प्रकार, भारतीय सेना और CIMS एवं UIHMT कॉलेज के बीच समझौते ने सैन्य परिवारों के छात्रों के लिए शिक्षा के क्षेत्र में नए अवसर खोल दिए हैं। आर्थिक सहायता के माध्यम से, यह पहल उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
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सादर,
टीम द ऑड नारी - सुमन शर्मा
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