बंगाल की खाड़ी में नए चक्रवाती तूफान का खतरा
3 नवंबर को आंध्र प्रदेश तट से टकराने की आशंका; ओडिशा में भूस्खलन से 12 लापता नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। बंगाल की खाड़ी में बना गहरा दबाव क्षेत्र तेज होकर नए चक्रवाती तूफान में बदल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, इसके 3 नवंबर की सुबह […]

3 नवंबर को आंध्र प्रदेश तट से टकराने की आशंका; ओडिशा में भूस्खलन से 12 लापता
नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। बंगाल की खाड़ी में बना गहरा दबाव क्षेत्र तेज होकर नए चक्रवाती तूफान में बदल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, इसके 3 नवंबर की सुबह आंध्र प्रदेश के नेल्लोर और नरसापुर के बीच तट से टकराने की आशंका है। तूफान के दौरान हवा की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। दूसरी ओर, इस साल देश में सर्दी का असर सामान्य से कम रहने का अनुमान जताया गया है। वहीं, चक्रवात अर्नब से हुई बारिश के बाद ओडिशा में भूस्खलन की घटना सामने आई है, जिसमें 12 लोग लापता बताए जा रहे हैं।
बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान का खतरा
मौसम विभाग के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में बना डिप्रेशन लगातार मजबूत हो रहा है। इसके चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना है। अनुमान है कि 3 नवंबर की सुबह यह आंध्र प्रदेश के नेल्लोर और नरसापुर के बीच समुद्र तट से टकरा सकता है।
तूफान के दौरान 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है। इसके साथ ही तटीय इलाकों में भारी बारिश और समुद्र में ऊंची लहरें उठ सकती हैं। ऐसे में मछुआरों और तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों को भी संभावित खतरे से निपटने के लिए तैयार रहना होगा।
इस साल सामान्य से कम पड़ सकती है ठंड
मौसम के बदलते रुख के बीच इस साल सर्दी को लेकर भी अनुमान सामने आया है। मौसम विभाग के अनुसार, देश के कई हिस्सों में इस बार ठंड सामान्य से कम रह सकती है। नवंबर में भी दोपहर के समय तेज धूप निकलने और दिन का तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है।
उत्तर, पश्चिम और दक्षिण भारत के कई क्षेत्रों में रात का तापमान भी सामान्य से ज्यादा रह सकता है। दिल्ली, मुंबई, गुजरात, तमिलनाडु और केरल जैसे इलाकों में रातें अपेक्षाकृत गर्म रहने का अनुमान है।
वहीं, मध्य और पूर्वी भारत के भोपाल, रायपुर, पटना और कोलकाता में रात का तापमान सामान्य या कुछ कम रह सकता है। इसका मतलब है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में सर्दी का असर एक जैसा नहीं होगा।
ओडिशा में भूस्खलन से 12 लोग लापता, तलाश अभियान तेज
चक्रवात अर्नब के कारण हुई बारिश के बाद ओडिशा में भूस्खलन की गंभीर घटना सामने आई है। गंजाम और कंधमाल जिले की सीमा पर स्थित एक गांव में पहाड़ी से मलबा गिरने के कारण 12 लोग लापता हो गए। घटना के बाद राज्य सरकार ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है।
शनिवार को लापता लोगों की तलाश के लिए बचाव दलों को लगाया गया। लगातार बारिश और पहाड़ी क्षेत्रों में मलबा जमा होने के कारण राहत कार्य में चुनौतियां सामने आ रही हैं। प्रशासन की प्राथमिकता लापता लोगों को जल्द से जल्द तलाशना और प्रभावित परिवारों तक सहायता पहुंचाना है।
उत्तराखंड के 9 जिलों में बारिश का अनुमान
उत्तराखंड में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ है। मौसम विभाग ने उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग समेत राज्य के नौ जिलों में बारिश की संभावना जताई है। ऊंचाई वाले इलाकों में ठंड का असर तेजी से बढ़ रहा है।
केदारनाथ में रविवार सुबह तापमान माइनस 8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि यमुनोत्री में पारा माइनस 5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। पहाड़ी क्षेत्रों में गिरते तापमान के कारण ठिठुरन बढ़ गई है। तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों को मौसम को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
मौसम के बदलते मिजाज से बढ़ी चिंता
देश के अलग-अलग हिस्सों में एक साथ कई तरह के मौसमी बदलाव देखने को मिल रहे हैं। कहीं चक्रवाती तूफान का खतरा है तो कहीं भारी बारिश और भूस्खलन से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। वहीं, पहाड़ी इलाकों में तापमान तेजी से गिर रहा है, जबकि मैदानी क्षेत्रों में अभी भी अपेक्षित ठंड महसूस नहीं हो रही है।
मौसम के इन बदलावों का असर खेती, परिवहन, जनजीवन और स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देना चाहिए। विशेष रूप से समुद्र तटीय इलाकों और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को प्रशासन के निर्देशों का पालन करना जरूरी है।
कुल मिलाकर, नवंबर की शुरुआत में ही देश के कई हिस्सों में मौसम ने अलग-अलग रूप दिखाने शुरू कर दिए हैं। आने वाले दिनों में चक्रवाती तूफान की दिशा, बारिश की स्थिति और तापमान में होने वाले बदलाव पर सभी की नजर रहेगी।
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