पुराने तालाब की बदली तस्वीर, ₹8.64 करोड़ का जल सृष्टि पार्क तैयार; धामी ने किया लोकार्पण

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मियांवाला, देहरादून में मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा करीब ₹8.64 करोड़ की लागत से विकसित ‘जल सृष्टि पार्क’ का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री की घोषणा के तहत विकसित किए गए इस पार्क में पुराने तालाब को पुनर्जीवित करते हुए आधुनिक सुविधाओं का विकास किया गया है। पार्क में […] The post पुराने तालाब की बदली तस्वीर, ₹8.64 करोड़ का जल सृष्टि पार्क तैयार; धामी ने किया लोकार्पण appeared first on Uttarakhand Broadcast.

Sep 19, 2026 - 00:38
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पुराने तालाब की बदली तस्वीर, ₹8.64 करोड़ का जल सृष्टि पार्क तैयार; धामी ने किया लोकार्पण

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मियांवाला, देहरादून में मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा करीब ₹8.64 करोड़ की लागत से विकसित ‘जल सृष्टि पार्क’ का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री की घोषणा के तहत विकसित किए गए इस पार्क में पुराने तालाब को पुनर्जीवित करते हुए आधुनिक सुविधाओं का विकास किया गया है। पार्क में पेडल बोटिंग, आइलैंड, जॉगिंग ट्रैक, योगा डेक, चिल्ड्रन पार्क और फ्लावर गार्डन जैसी सुविधाएं लोगों के आकर्षण का केंद्र रहेंगी।

मुख्यमंत्री धामी ने क्षेत्रवासियों को पार्क की सौगात मिलने पर बधाई देते हुए कहा कि ‘जल सृष्टि पार्क’ प्राकृतिक सौंदर्य और आधुनिक सुविधाओं का सुंदर समन्वय है। उन्होंने कहा कि पार्क को इस तरह विकसित किया गया है कि बच्चों, युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों समेत हर आयु वर्ग के लोगों को यहां बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

मुख्यमंत्री ने पार्क की सबसे खास विशेषता के तौर पर पुराने तालाब के पुनर्जीवन का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि निर्माण के दौरान पुराने जल स्रोत को समाप्त करने के बजाय उसे नया जीवन दिया गया है। तालाब के बीच आइलैंड विकसित किया गया है, जबकि लोगों के मनोरंजन के लिए पेडल बोटिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे रायपुर क्षेत्र के लोगों को देहरादून में ही खूबसूरत प्राकृतिक वातावरण के साथ ‘नैनीताल जैसी फीलिंग’ का अनुभव मिलेगा।

धामी ने कहा कि भारतीय संस्कृति में जल और जंगल का विशेष महत्व रहा है। पुराने तालाबों और जल स्रोतों का संरक्षण केवल पर्यावरण बचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारी विरासत और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने से भी जुड़ा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाकर आगे बढ़ने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास का अर्थ केवल कंक्रीट के ढांचे तैयार करना नहीं है, बल्कि ऐसा विकास करना है जिससे लोगों का जीवन आसान हो, शहर सुंदर बने और पर्यावरण सुरक्षित रहे। जल सृष्टि पार्क को उन्होंने इसी सोच का उदाहरण बताया।

उन्होंने कहा कि रायपुर क्षेत्र में सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, पार्क, सीवर और बाढ़ सुरक्षा से जुड़े विभिन्न कार्यों को गति दी जा रही है। क्षेत्र में सड़कों के डामरीकरण, नवीनीकरण और चौड़ीकरण के साथ सीवर व्यवस्था को बेहतर बनाने का कार्य जारी है। पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नए ट्यूबवेल और ओवरहेड टैंक बनाए गए हैं। साथ ही पुरानी पाइपलाइनों को बदलने और नई पेयजल लाइनें बिछाने का कार्य भी किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री के अनुसार डिफेंस कॉलोनी, सिंयावाला और नेहरू कॉलोनी सहित विभिन्न क्षेत्रों में पार्कों के निर्माण एवं सौंदर्यीकरण के कार्य किए गए हैं। वहीं आईटी पार्क से पॉलीटेक्निक होते हुए मंगलूवाला की ओर सड़क व्यवस्था को बेहतर बनाने के कार्य भी आगे बढ़ाए जा रहे हैं।

धामी ने कहा कि देहरादून के लगातार विस्तार और बढ़ती आबादी को देखते हुए भविष्य की पेयजल जरूरतों को पूरा करने के लिए सौंग डैम जैसी महत्वपूर्ण परियोजना पर भी काम आगे बढ़ रहा है। इसके अलावा बरसात के दौरान बाढ़ और जलभराव की समस्या से राहत दिलाने के लिए रायपुर क्षेत्र में नदियों और बरसाती नालों पर बाढ़ सुरक्षा एवं चैनलाइजेशन के कार्य किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने एमडीडीए के अधिकारियों, इंजीनियरों और कर्मचारियों को जल सृष्टि पार्क के विकास के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में यह पार्क रायपुर क्षेत्र के साथ-साथ पूरे देहरादून के लोगों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन सकता है।

उन्होंने क्षेत्रवासियों से पार्क को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने की अपील भी की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पार्क का निर्माण कर सकती है और सुविधाएं उपलब्ध करा सकती है, लेकिन लंबे समय तक उसकी स्वच्छता और सुंदरता बनाए रखना समाज की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से पार्क को सरकारी संपत्ति के बजाय अपना पार्क समझकर उसकी देखभाल करने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने बच्चों और युवाओं से पार्क का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील करते हुए कहा कि वे यहां खेलें, दौड़ें, योग करें और प्रकृति के बीच समय बिताएं। साथ ही जलाशय और पार्क की स्वच्छता बनाए रखने में अपनी भूमिका निभाएं।

करीब ₹8.64 करोड़ की लागत से विकसित जल सृष्टि पार्क में पुराने तालाब के पुनर्जीवन के साथ जॉगिंग ट्रैक, योगा डेक, चिल्ड्रन पार्क, एजुकेशनल फ्लावर गार्डन, लैंडस्केपिंग, हरित क्षेत्र और बैठने की सुविधाएं विकसित की गई हैं। तालाब के मध्य आइलैंड और पेडल बोटिंग की सुविधा पार्क को अलग पहचान देती है। एमडीडीए ने पुराने जल स्रोत के संरक्षण को आधुनिक शहरी सुविधाओं से जोड़ते हुए इसे पर्यावरण, स्वास्थ्य, मनोरंजन और प्राकृतिक सौंदर्य के केंद्र के रूप में विकसित किया है।

कार्यक्रम में विधायक उमेश शर्मा काऊ, मेयर सौरभ थपलियाल, एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।

 

 

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