डिडवाना कुचामन समाचार: भीवपुरा हमले के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग, SDM कार्यालय के बाहर धरना जारी

Didwana Kuchaman News: भीवपुरा गांव में 4 अप्रैल को हुए जानलेवा हमले के आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर ग्रामीणों का धरना दूसरे दिन भी जारी, SDM कार्यालय के बाहर प्रदर्शन तेज, पीड़ित शिशपाल गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती, पुलिस ने जल्द गिरफ्तारी का भरोसा दिया.

Apr 22, 2026 - 00:38
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डिडवाना कुचामन समाचार: भीवपुरा हमले के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग, SDM कार्यालय के बाहर धरना जारी
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कम शब्दों में कहें तो, भीवपुरा गांव में 4 अप्रैल को हुए जानलेवा हमले के बाद ग्रामीणों का धरना जारी है। SDM कार्यालय के बाहर प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया है, जबकि पीड़ित शिशपाल गंभीर स्थिति में अस्पताल में भर्ती है।

डिडवाना कुचामन समाचार: डिडवाना-कुचामन जिले के कुचामन वृत्त के मारोठ थाना क्षेत्र के भीवपुरा गांव में 4 अप्रैल को हुए जानलेवा हमले के आरोपियों की गिरफ्तारी न होने के कारण ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। 20 अप्रैल से SDM कार्यालय के बाहर शुरू हुआ अनिश्चितकालीन धरना दूसरे दिन भी जारी रहा, जहां महिलाओं और पुरुषों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।

धरना जारी, ग्रामीणों की मांगें

धरने के दूसरे दिन, मंगलवार को भी बड़ी संख्या में ग्रामीण SDM कार्यालय के सामने एकत्र रहे। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक सभी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक उनका धरना जारी रहेगा। बुधवार को इस आंदोलन में सामाजिक संगठनों और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है, जिससे यह आंदोलन और भी तेज हो सकता है।

4 अप्रैल की रात की घटना

घटना के मुताबिक, 4 अप्रैल की रात करीब 9:15 बजे भीवपुरा निवासी शिशपाल और रामकुमार अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान गांव के ही राजेंद्र लुहाच, हरेंद्र कुमार, राकेश, गजेंद्र और अन्य ने उन्हें रोक लिया। आरोप है कि सभी हमलावर हथियारों से लैस थे और उन्होंने शिशपाल पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया, resulting in serious injuries to his head and fractures to his leg. We are fighting for justice and safer environments.

फिलहाल, शिशपाल जयपुर के अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। इस प्रकार की गंभीर घटनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाए जाने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में इस तरह की हिंसा को रोका जा सके।

गिरफ्तारी की प्रक्रिया, पुलिस की स्थिति

ग्रामीणों का आरोप है कि घटना की रिपोर्ट 5 अप्रैल को दर्ज होने और मेडिकल जांच पूरी होने के बावजूद पुलिस अब तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। धरने पर बैठे लोगों ने SDM के माध्यम से जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, पीड़ित को 30 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की मांग की है।

पुलिस उपाधीक्षक मुकेश चौधरी ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विभिन्न टीमों का गठन किया गया है और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि सभी आरोपी जल्द ही पुलिस की गिरफ्त में होंगे।

यह मामला स्थानीय समुदाय में चिंता का विषय बन गया है और न केवल न्याय की मांग की जा रही है, बल्कि सभी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी आवश्यकता है।

इस तरह के मामलों में समुदाय की सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है। सभी को मिलकर इस तरह की घटनाओं के खिलाफ खड़ा होना पड़ेगा और एक सुरक्षित वातावरण बनाने के लिए प्रयास करना पड़ेगा।

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सादर,
टीम द ऑड नारी
(शारदा, रिपोर्टर)

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