ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर कार्यशाला का आयोजन
The post ग्राफिक एरा में एआई रीजनिंग पर कार्यशाला appeared first on Avikal Uttarakhand. देहरादून। ग्राफिक एरा में विशेषज्ञ ने छात्र-छात्राओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की उन्नत तर्क क्षमता (रीजनिंग), आधुनिक लैंग्वेज मॉडल्स, चेन-ऑफ-थॉट प्रॉम्प्टिंग, टेस्ट-टाइम स्केलिंग और एजेंटिक एआई जैसे उभरते क्षेत्रों की जानकारी… The post ग्राफिक एरा में एआई रीजनिंग पर कार्यशाला appeared first on Avikal Uttarakhand.
ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर कार्यशाला का आयोजन
कम शब्दों में कहें तो, ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय ने AI रीजनिंग पर आधारित कार्यशाला का आयोजन किया, जिसमें छात्रों को नवीनतम तकनीकों के बारे में जानकारी प्रदान की गई।
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देहरादून। ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी ने आज एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया, जिसमें विशेषज्ञों ने छात्र-छात्राओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की उन्नत तर्क क्षमता (रीजनिंग), आधुनिक लैंग्वेज मॉडल्स, चेन-ऑफ-थॉट प्रॉम्प्टिंग, टेस्ट-टाइम स्केलिंग और एजेंटिक एआई जैसे विषयों पर जानकारी दी।
AI के उन्नत तरीकों पर चर्चा
इस कार्यशाला में माइक्रोसॉफ्ट रिसर्च इंडिया के प्रिंसिपल रिसर्च साइंटिस्ट, निकेत टंडन ने छात्रों को यह बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने पारंपरिक सांकेतिक तरीकों से आगे बढ़कर कैसे समस्याओं के समाधान को सटीक और प्रभावी बनाया है। उन्होंने “चेन-ऑफ-थॉट” प्रॉम्प्टिंग के जरिए AI के तर्क प्रक्रिया को मजबूत बनाने की तकनीक को विस्तार से समझाया।
इसके अलावा, उन्होंने टेस्ट-टाइम स्केलिंग के माध्यम से AI के प्रदर्शन को बेहतर बनाने और एजेंटिक AI के जरिए स्वायत्त निर्णय क्षमता के विकास की अवधारणा को भी आसान ढंग से प्रस्तुत किया।
कार्यशाला का आयोजन और प्रतिभागी
यह कार्यशाला ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग विभाग, एनवीडिया सेंटर फॉर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और हाई परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग, आईईईई और यूटोपिया के सहयोग से आयोजित की गई। कार्यशाला में डीन ऑफ इंटरनेशनल अफेयर्स डॉ. डी आर गंगोडकर, विभाग के प्रमुख डॉ. देवेश प्रताप सिंह और अन्य शिक्षकों के साथ बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं भी उपस्थित रहे।
साइबर सुरक्षा पर भी चर्चा
कार्यशाला के साथ-साथ ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी में भी विशेषज्ञ द्वारा साइबर सुरक्षा पर एक अलग कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में आईआईटी कानपुर के मुख्य रणनीति अधिकारी डॉ. आनंद हांडा ने साइबर खतरे, नेटवर्क फॉरेंसिक और AI आधारित जोखिमों के विषय में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि वर्तमान में साइबर हमलें तेजी से बढ़ रहे हैं और इसके खिलाफ जागरूकता बेहद जरूरी है।
डॉ. हांडा ने पुष्टि की कि डिजिटल और नेटवर्क फॉरेंसिक तकनीकों के माध्यम से अपराधों की जांच और हमलावरों की पहचान करना संभव है, और किसी भी साइबर हमले के बाद समय पर प्रतिक्रिया देना अत्यंत आवश्यक है।
निष्कर्ष
ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय में आयोजित ये कार्यशालाएँ न केवल छात्रों की तकनीकी क्षमताओं को बढ़ाने का एक प्लेटफार्म प्रदान करती हैं, बल्की उन्हें आधुनिक और सामयिक चुनौतियों का सामना करने के लिए भी तैयार करती हैं। इस प्रकार की गतिविधियाँ छात्रों को AI और साइबर सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नवीनतम रुझानों और तकनीकों से जोड़ने में मदद करती हैं।
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सादर, टीम द ऑड नारी
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