उत्तराखंड शिक्षा विभाग की विवादास्पद तैनाती, प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक को इंटर कॉलेज भेजा गया

Pithoragarh News : पिथौरागढ़ जिले के राजकीय इंटर कॉलेज बांसबगड़ में शिक्षकों की कमी के चलते शिक्षा विभाग ने एक प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक को अस्थायी तौर पर तैनात किया है। स्कूल में गणित विषय के एलटी शिक्षक का पद खाली होने के कारण ये वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। उत्तराखंड शिक्षा विभाग का नया […]

Sep 4, 2026 - 00:38
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उत्तराखंड शिक्षा विभाग की विवादास्पद तैनाती, प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक को इंटर कॉलेज भेजा गया

उत्तराखंड शिक्षा विभाग की विवादास्पद तैनाती

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कम शब्दों में कहें तो, पिथौरागढ़ जिले के राजकीय इंटर कॉलेज बांसबगड़ में शिक्षकों की कमी के कारण एक प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक को अस्थायी रूप से तैनात किया गया है, जो स्थानीय शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा रहा है।

शिक्षा विभाग ने हाल ही में पिथौरागढ़ जिले में एक बड़ी समस्या को हल करने का प्रयास किया है। राजकीय इंटर कॉलेज बांसबगड़ में शिक्षकों की कमी के चलते, शिक्षकों की कमी को देखते हुए, विभाग ने प्राथमिक विद्यालय रुमीडोला, मुनस्यारी में तैनात सहायक अध्यापक कमलेश जोशी को अस्थायी रूप से इंटर कॉलेज में भेजने का निर्णय लिया है। विशेष रूप से, गणित विषय के शिक्षक का पद खाली था, इसलिए यह व्यवस्था की गई।

प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक की इंटर कॉलेज में अस्थायी तैनाती

हालांकि, उत्तराखंड शिक्षा विभाग में एक बार फिर से 1500 से ज्यादा शिक्षकों के तबादले किए गए हैं। इन तबादलों पर विवाद खड़ा हो गया है, क्योंकि कई स्थानीय जनप्रतिनिधियों और विद्यालय प्रबंधन समिति ने इस प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। जीआईसी बांसबगड़ में चार शिक्षकों के एक साथ तबादले के बाद, शिक्षा के गुणवत्ता पर चिंता जताई जा रही है।

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विद्यालय प्रबंधन समिति ने चेतावनी दी है कि यदि शिक्षकों की कमी जल्द ही दूर नहीं की जाती, तो वे आंदोलन करेंगे। उनका कहना है कि शिक्षकों की कमी का सीधा असर छात्रों की पढ़ाई पर पड़ सकता है, जो कि चिंताजनक है।

तबादला आदेश और संबंधित मुद्दे

पिथौरागढ़ एक और मामले का सामना कर रहा है, जहां जीआईसी चहज में सहायक अध्यापिका हेमलता खाती का तबादला किया गया था। हालांकि, अपर निदेशक कुमाऊं मंडल गजेंद्र सिंह सौन की ओर से जारी आदेश में कहा गया कि शिक्षिका ने अभी तक दो वर्ष की सेवा पूरी नहीं की थी, इसलिए उनका तबादला आदेश निरस्त कर दिया गया है।

शिक्षा विभाग की इस नीतियों पर लगातार सवाल उठते रहे हैं। ताकि शिक्षा में अधूरापन और गुणवत्ता में गिरावट से बचा जा सके, आवश्यक है कि शिक्षकों का सही मूल्यांकन किया जाए और उन्हें समय पर उचित स्थान पर तैनात किया जाए।

हालांकि, क्या शिक्षा विभाग इन सभी मुद्दों पर गौर करेगा? आने वाला समय बताएगा।

इसके अलावा, अधिक जानकारी के लिए, यहां क्लिक करें.

सादर,
अंजला,
टीम द ओड नाारी

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