उत्तराखंड में मतदाता सूची पुनरीक्षण पर कांग्रेस का गंभीर आरोप, मनोज रावत ने कहा- वोट कटवाने का प्रयास बर्दाश्त नहीं

हल्द्वानी: उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस ने चुनाव

Aug 20, 2026 - 18:38
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उत्तराखंड में मतदाता सूची पुनरीक्षण पर कांग्रेस का गंभीर आरोप, मनोज रावत ने कहा- वोट कटवाने का प्रयास बर्दाश्त नहीं
उत्तराखंड में मतदाता सूची पुनरीक्षण पर कांग्रेस का गंभीर आरोप, मनोज रावत ने कहा- वोट कटवाने का प्रयास बर्दाश्त नहीं

उत्तराखंड में मतदाता सूची पुनरीक्षण पर कांग्रेस का गंभीर आरोप

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कम शब्दों में कहें तो, कांग्रेस ने उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर चुनाव आयोग की प्रक्रियाओं को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।

मामले की पृष्ठभूमि

हल्द्वानी: उत्तराखंड में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) चल रहा है। इस संदर्भ में कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि चुनाव आयोग की प्रक्रियाएं उचित और पारदर्शी नहीं हैं। कांग्रेस की SIR समिति के अध्यक्ष और पूर्व विधायक मनोज रावत ने इस मुद्दे पर विस्तृत जानकारी दी है।

मनोज रावत का बयान

मनोज रावत ने आरोप लगाया कि SIR की विभिन्न प्रक्रियाओं के माध्यम से बड़ी संख्या में योग्य मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं। यह चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल उठाता है। रावत ने कहा, "हम इस तरह की राजनीति को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेंगे। अगर किसी भी तरह से वोट काटने का प्रयास किया गया, तो कांग्रेस इसका सख्त विरोध करेगी।"

कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल का ज्ञापन

इस संदर्भ में मनोज रावत ने कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल के साथ कुमाऊं कमिश्नर को एक ज्ञापन प्रस्तुत किया। ज्ञापन में चुनाव आयोग की प्रक्रियाओं में सुधार की मांग की गई है ताकि कोई भी मतदाता अपनी अपारंपरिक प्रक्रिया के चलते वोट देने से वंचित न हो।

आने वाले चुनावों की तैयारी

इस समय उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनावों के लिए सभी राजनीतिक दल अपनी तैयारियों में जुटे हुए हैं। कांग्रेस का यह आरोप उस समय आया है जब अन्य राजनैतिक दल भी मतदाता पहचान और चुनाव प्रक्रिया को लेकर अपनी सक्रियता बढ़ा रहे हैं।

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यह मुद्दा केवल कांग्रेस का नहीं है, बल्कि सभी नागरिकों का है, जिन्हें यह जानने का अधिकार है कि चुनावी प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी है या नहीं। मतदाता सूची की सत्यता सुनिश्चित करना, लोकतंत्र के लिए अनिवार्य है।

**प्रमुख निष्कर्ष**: मनोज रावत के आरोप ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा किया है और यह दर्शाता है कि आगामी चुनावों में राजनीतिक प्रतिस्पर्धा कितनी तेज होगी।

टीम द ओड नारी, मीरा शाह

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