हरीश रावत के पक्ष में खड़े हुए कई नेता और विधायक, सैलजा को किया नकार

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Oct 6, 2026 - 00:38
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हरीश रावत के पक्ष में खड़े हुए कई नेता और विधायक, सैलजा को किया नकार
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हरीश रावत के पक्ष में खड़े हुए कई नेता और विधायक, सैलजा को किया नकार

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कम शब्दों में कहें तो, हरीश रावत की जनसंवाद यात्रा में सैकड़ों नेताओं और विधायकों ने हिस्सा लिया, जिससे उनकी ताकत और पार्टी में समर्थन का संकेत मिलता है, जबकि कुमारी सैलजा के निर्देशों की अनदेखी की गई। यह घटनाक्रम कांग्रेस पार्टी में अंतर-गुटीय उठा-पटक का द्योतक है।

देहरादून की खबर के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कुमारी सैलजा के निर्देशों को नकारते हुए जनसंवाद यात्रा का आगाज किया। सैलजा ने रावत को कहा था कि 'धन्यवाद जनसंवाद' यात्रा न करें, जिसके बाद रावत ने जसपुर से हल्द्वानी तक व्यापक रूप से यात्रा का आयोजन किया। हरीश रावत ने खुद को 'बदले की आहट' के रूप में प्रस्तुत करते हुए कहा कि जमीन से बदलाव की आवाज आ रही है।

रावत ने यह भी कहा कि कांग्रेस 2029 में राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाती देख रही है। उन्होंने भाजपा सरकार के खिलाफ भी कई मुद्दों को उठाया, जैसे सीबीआई और ईडी के दुरुपयोग का मुद्दा। उन्होंने यह भी कहा कि तराई के इलाके में पिछले एक सप्ताह से कोई कार्यक्रम नहीं हुआ है, जिससे उनकी स्थिति को और मजबूत किया।

हरीश रावत का जनसंवाद

5 अक्टूबर की सुबह जसपुर से निकलकर रावत का काफिला हल्द्वानी पहुंचा। इस यात्रा में सभी नेताओं ने मिलकर भाजपा को सत्ता से हटाने का संकल्प लिया। हालांकि, कुछ नकारात्मकता की आशंका थी जब सैलजा ने रावत को पत्र भेजा। लेकिन चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह की सक्रियता ने इस स्थिति को बदल दिया।

कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता जैसे मदन बिष्ट, तिलकराज बेहड़, और पूर्व स्पीकर गोविंद सिंह कुंजवाल ने इस यात्रा में भाग लिया। यह साफ है कि कांग्रेस के भीतर रावत के लिए समर्थन का एक मजबूत आधार हावी हो रहा है।

कांग्रेस नेता हरीश रावत

हालांकि, पार्टी के कुछ नेताओं ने यात्रा से दूरी बनाकर रखी। लेकिन, जसपुर से हल्द्वानी तक इसने एक नई लहर पैदा की है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि हरीश रावत एक बार फिर पार्टी में निर्णायक भूमिका में लौट रहे हैं।

रावत अब 7 और 8 अक्टूबर को दिल्ली में प्रभारी कुमारी सैलजा और महासचिव केसी वेणुगोपाल से बैठक करेंगे। यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी हाईकमान इस यात्रा का क्या प्रतिक्रिया देता है और क्या रावत की दलीलें स्वीकार करेगा।

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स्टे tuned, टीम द ओड नारी का.

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