श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में कूल्ड RFA से घुटने का सफल और बिना सर्जरी इलाज

श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में दर्द प्रबंधन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की गई है। अस्पताल में पहली बार कूल्ड रेडियोफ्रीक्वेंसी एब्लेशन (RFA) तकनीक के माध्यम से घुटनों के गंभीर दर्द का सफल उपचार किया गया। यह आधुनिक तकनीक बिना सर्जरी के मरीजों को लंबे समय तक राहत देने में सक्षम साबित हो […] The post श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में पहली बार कूल्ड RFA से घुटने का सफल इलाज appeared first on Uttarakhand Broadcast.

Apr 25, 2026 - 00:38
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श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में कूल्ड RFA से घुटने का सफल और बिना सर्जरी इलाज
श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में कूल्ड RFA से घुटने का सफल और बिना सर्जरी इलाज

श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में कूल्ड RFA से घुटने का सफल और बिना सर्जरी इलाज

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कम शब्दों में कहें तो, श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल ने कूल्ड रेडियोफ्रीक्वेंसी एब्लेशन (RFA) तकनीक से घुटनों के दर्द का सफल उपचार किया है, जो बिना सर्जरी के मरीजों को राहत प्रदान करता है।

श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल, देहरादून में दर्द प्रबंधन के क्षेत्र में एक नई उम्मीद जगा रहा है। यहाँ पहली बार कूल्ड RFA तकनीक का प्रयोग किया गया है, जिससे गंभीर घुटेन के दर्द से ग्रस्त मरीजों को राहत मिल रही है। यह तकनीक बिना किसी सर्जिकल प्रक्रियाओं के मरीजों के लिए लंबे समय तक राहत का साधन साबित हो रही है।

कूल्ड RFA से मिली राहत, मरीज की जीवन गुणवत्ता में सुधार

64 वर्षीय सावित्री देवी, जो कई वर्षों से ग्रेड-4 ऑस्टियोआर्थराइटिस से जूझ रही थीं, ने बताया कि वह अत्यधिक दर्द के कारण चलने-फिरने में असमर्थ हो गई थीं। लंबे समय तक चलने वाली दवाइयों और पारंपरिक उपचारों से निराशा के बाद, डॉक्टरों ने उन्हें कूल्ड RFA तकनीक का सहारा लेने की सलाह दी।

इस प्रक्रिया में एक विशेष सुई के माध्यम से घुटनों की जेनिक्यूलर नसों को नियंत्रित किया जाता है, जिससे शरीर में दर्द के संदेश मस्तिष्क तक कम पहुँचते हैं। इस प्रक्रिया के बाद सावित्री देवी को दर्द में काफी राहत मिली, और अब वह बेहतर तरीके से चल-फिर पा रही हैं।

कूल्ड RFA तकनीक की विशेषताएँ

  • बिना सर्जरी और बिना बड़े चीरे के उपचार
  • उसी दिन अस्पताल से छुट्टी की संभावनाएँ
  • कम खर्च और CGHS कैशलेस सुविधा उपलब्ध
  • बुजुर्गों और उच्च जोखिम वाले मरीजों के लिए सुरक्षित विकल्प
  • लंबे समय तक दर्द से राहत

विशेषज्ञों का मानना है कि अब तक इस उपचार की सुविधा केवल कुछ महानगरों में ही उपलब्ध थी, लेकिन देहरादून में इसकी उपलब्धता से स्थानीय मरीजों को अपने शहर में ही अत्याधुनिक चिकित्सा सेवाएँ मिलेंगी।

विशेषज्ञों की राय

इस सफल प्रक्रिया को डॉ. गिरीश कुमार सिंह (एमडी, डीएम पेन मेडिसिन) के नेतृत्व में अंजाम दिया गया। डॉ. सिंह ने कहा, “हमारा उद्देश्य मरीजों को बिना बड़ी सर्जरी के सुरक्षित और प्रभावी तरीके से दर्द से राहत देना है। कूल्ड RFA तकनीक घुटनों के पुराने दर्द में गेम-चेंजर साबित हो रही है।”

इस प्रक्रिया में डॉ. आदित्य सेमवाल (वरिष्ठ रेजिडेंट), प्रणय हटवाल (जूनियर रेजिडेंट) और नर्सिंग स्टाफ का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।

देहरादून के लिए बड़ी उपलब्धि

देहरादून में इस तकनीक की सफलता न केवल चिकित्सा के क्षेत्र में एक नई दिशा दिखाती है, बल्कि उन मरीजों के लिए भी एक नई उम्मीद है जो सर्जरी से बचना चाहते हैं। यह उपलब्धि उत्तराखंड प्रदेश को आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के मानचित्र पर और मजबूत बनाती है।

इस प्रकार, श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल ने एक नई क्रांति की शुरुआत की है, जो भविष्य में बड़ी संख्या में मरीजों को चिकित्सा में सहायता प्रदान करने का कार्य करेगी।

अधिक अपडेट्स के लिए यहां क्लिक करें.

सादर धन्यवाद,
टीम द ओड नारी

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