शिक्षा में अंक से अधिक महत्वपूर्ण हैं चरित्र और संस्कार - तिवारी

The post सफलता का आधार केवल अंक नहीं, चरित्र और संस्कार भी जरूरी – तिवारी appeared first on Avikal Uttarakhand. अविकल उत्तराखंड देहरादून। डीजी सूचना एवं मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे केवल शैक्षणिक उपलब्धियों तक सीमित न रहें, बल्कि ज्ञान,… The post सफलता का आधार केवल अंक नहीं, चरित्र और संस्कार भी जरूरी – तिवारी appeared first on Avikal Uttarakhand.

Jul 28, 2026 - 00:38
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शिक्षा में अंक से अधिक महत्वपूर्ण हैं चरित्र और संस्कार - तिवारी
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शिक्षा में अंक से अधिक महत्वपूर्ण हैं चरित्र और संस्कार - तिवारी

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कम शब्दों में कहें तो, बंशीधर तिवारी ने बताया कि वास्तविक सफलता के लिए मात्र शैक्षणिक अंक पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि नैतिकता और व्यक्तित्व के गुण भी महत्वपूर्ण हैं।

देहरादून: डीजी सूचना एवं मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने हाल ही में एक समारोह में विद्यार्थियों को प्रेरित किया कि वे अपनी आशाओं और लक्ष्यों को केवल शैक्षणिक फ़ल प्राप्त करने तक सीमित न रखें। उन्होंने कहा कि समग्र सफलता के लिए ज्ञान, चरित्र, नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारी को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाना आवश्यक है।

तिवारी ने यह बयान ‘टाइम्स अचीवर्स 2026’ समारोह में दिया, जो कि एसबीएस यूनिवर्सिटी और द टाइम्स ऑफ इंडिया के संयोजन में आयोजित किया गया था। इस समारोह में तिवारी ने कहा कि “सफलता एक दिन में नहीं मिलती। यह निरंतर प्रयास, सीखने की प्रवृत्ति और मजबूत जीवन मूल्यों का परिणाम होती है।”

तिवारी समारोह में

बंशीधर तिवारी ने विद्यार्थियों से अनुरोध किया कि वे केवल परीक्षा के अंकों और डिग्रियों के पीछे न भागें, बल्कि ईमानदारी, अनुशासन, धैर्य, संवेदनशीलता और उद्देश्यपूर्ण जीवन जैसे महत्वपूर्ण गुणों को अपनाएँ। उन्होंने कहा कि करियर में सफलता सुनिश्चित करने के लिए सही अवसरों का होना महत्वपूर्ण है, लेकिन वास्तविक संतोष परिवार के मूल्यों को स्वीकारने और समाज की भलाई में योगदान देने से मिलता है।

तिवारी ने आगे कहा, “आज के तेज़ी से विकसित हो रहे भारत को ऐसे युवा नागरिकों की आवश्यकता है जो पेशेवर उत्कृष्टता के साथ नैतिक नेतृत्व, नवाचार और जिम्मेदार नागरिकता का परिचय दें।” उन्होंने विद्यार्थियों को यह भी याद दिलाया कि सफलता के साथ विनम्रता और कृतज्ञता बनाए रखना आवश्यक है।

इस दौरान बंशीधर तिवारी ने एसबीएस यूनिवर्सिटी और द टाइम्स ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित कार्यक्रम की सराहना की और कहा कि इस तरह के आयोजन मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित करने के साथ-साथ उन्हें बड़े लक्ष्यों को निर्धारित करने और उत्कृष्टता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं।

इसके अलावा, इस समारोह में विभिन्न विद्यालयों के मेधावी विद्यार्थियों तथा शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले संस्थानों को विशेष सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा के क्षेत्र के विशिष्ट व्यक्ति, संस्थान के प्रमुख, अभिभावक और विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

उपसंहार में, बंशीधर तिवारी का यह संदेश स्पष्ट है कि शिक्षा केवल अंक प्राप्त करने का उपाय नहीं है, बल्कि यह एक सम्पूर्ण जीवन की दिशा है जहाँ चरित्र और संस्कार की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

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टीम द ऑड नारी

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