लापरवाही के मामले में अफसरों की जिम्मेदारी तय करेगा चुनावी आयोग

The post लापरवाह अफसरों की तय होगी जिम्मेदारी- सीईओ appeared first on Avikal Uttarakhand. SIR पर मंडलायुक्तों और डीएम के साथ बैठक राजनैतिक दलों और मीडिया के साथ नियमित संवाद करें अधिकारी अविकल उत्तराखंड देहरादून। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने शनिवार को… The post लापरवाह अफसरों की तय होगी जिम्मेदारी- सीईओ appeared first on Avikal Uttarakhand.

Aug 24, 2026 - 18:38
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लापरवाही के मामले में अफसरों की जिम्मेदारी तय करेगा चुनावी आयोग
लापरवाही के मामले में अफसरों की जिम्मेदारी तय करेगा चुनावी आयोग

लापरवाही के मामले में अफसरों की जिम्मेदारी तय करेगा चुनावी आयोग

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कम शब्दों में कहें तो, मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी है और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने का आश्वासन दिया है।

देहरादून: मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने शनिवार को कुमांऊ-गढ़वाल मंडल के आयुक्तों और जिलाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण वीडियो कॉन्फ्रेंस की। इस बैठक में विभिन्न जिलों के अधिकारियों की लापरवाही को लेकर बातचीत की गई। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही के मामले में संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी।

बैठक की मुख्य बातें

डॉ. पुरुषोत्तम ने कहा, "हमारी प्राथमिकता है कि सभी दावों और आपत्तियों का सही ढंग से निपटारा किया जाए। यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही की जानकारी मिलती है, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।" उन्होंने सभी जिलों के अधिकारियों को सुझाव दिया कि उन्हें राजनीतिक दलों और मीडिया के साथ नियमित संवाद बनाए रखना चाहिए।

बैठक में हरिद्वार, नैनीताल, और ऊधमसिंह नगर के जिलाधिकारियों ने अब तक की कार्रवाई का जिक्र किया और आगे की रणनीति पर विस्तृत प्रस्तुति दी। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य अधिकारियों के कार्यों की गहन समीक्षा करना था ताकि वोटिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।

नीति और दिशा-निर्देश

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि सभी जिलों के निर्वाचन अधिकारियों को फार्म 6, 7 और 8 के निस्तारण से संबन्धित जानकारी इकट्ठा करनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि जो बूथ 4 प्रतिशत से अधिक बढ़ोतरी के साथ और 2 प्रतिशत से अधिक कमी के संकेत देते हैं, उन बूथों का व्यक्तिगत निरीक्षण किया जाए।

डॉ. पुरुषोत्तम ने आयुक्तों से फील्ड विजिट करने और गांवों के हालात का जायज़ा लेने की भी अपील की। यह कदम चुनावी प्रक्रिया की गारंटी को सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया था। उन्होंने कहा, "इस प्रकार की सक्रियता से हमें सही जानकारी मिल सकेगी और हमें आवेदन पर जल्दी फैसला लेने में मदद मिलेगी।"

अधिकारीयों के बीच पारदर्शिता और जिम्मेदारी

बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे, संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रकाश चंद्र दुम्का, और सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास सहित विभिन्न मंडलायुक्त और जिलाधिकारियों ने सक्रिय भागीदारी की। डॉ. पुरुषोत्तम ने इस बात पर जोर दिया कि चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना आवश्यक है ताकि जनता का विश्वास चुनावी प्रक्रिया में बना रहे।

लोगों को सुरक्षा और उनके वोटों की सुरक्षा सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है। यह सुनिश्चित करने के लिए नियमों का पालन करना आवश्यक है।

निष्कर्ष

मुख्य निर्वाचन अधिकारी के इस कदम से साफ है कि उत्तराखंड में चुनावी प्रशासन को प्रभावशाली और निष्पक्ष बनाए रखने के लिए लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इसके साथ ही, अधिकारियों के बीच संवाद और संपर्क को बढ़ावा देने की आवश्यकता है ताकि वे अपनी जिम्मेदारियों को सही ढंग से समझ सकें।

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सादर,
टीम द ओड नारी - सुमन

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