यूपी में चकबंदी प्रक्रिया में किए गए महत्वपूर्ण बदलाव

 3% से ज्यादा जमीन की कटौती के लिए आयुक्त की मंजूरी जरूरी लखनऊ। चकबंदी प्रक्रिया में हो रही देरी को रोकने और खातेदारों की समस्याओं के जल्द निस्तारण के लिए चकबंदी आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। नए निर्देशों के तहत सार्वजनिक उपयोग के लिए तीन प्रतिशत से अधिक भूमि […]

Aug 20, 2026 - 09:38
 126  3.1k
यूपी में चकबंदी प्रक्रिया में किए गए महत्वपूर्ण बदलाव
यूपी में चकबंदी प्रक्रिया में किए गए महत्वपूर्ण बदलाव

यूपी में चकबंदी प्रक्रिया में किए गए महत्वपूर्ण बदलाव

Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - The Odd Naari

कम शब्दों में कहें तो, चकबंदी आयुक्त द्वारा जारी किए गए नए निर्देशों के तहत सार्वजनिक उपयोग के लिए तीन प्रतिशत से अधिक भूमि की कटौती के लिए अब आयुक्त की मंजूरी अनिवार्य होगी। Chakbandi Image

3% से अधिक भूमि की कटौती के लिए अब आयुक्त की स्वीकृति आवश्यक

लखनऊ। चकबंदी प्रक्रिया में हो रही देरी को रोकने और खातेदारों की समस्याओं के शीघ्र समाधान के लिए चकबंदी आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। नए निर्देशों के तहत, सार्वजनिक उपयोग के लिए भूमि की कटौती के मामले में अब तीन प्रतिशत से अधिक भूमि की कटौती करने के लिए चकबंदी आयुक्त की मंजूरी लेना अनिवार्य होगा।

आयुक्त ने अधिकारियों को यह निर्देश दिया है कि किसानों के हितों पर ध्यान दिया जाए और चकबंदी प्रक्रिया में अनावश्यक भूमि कटौती से बचा जाए। सामान्य परिस्थितियों में, सार्वजनिक प्रयोजनों के लिए तीन प्रतिशत से अधिक भूमि की कटौती नहीं की जाएगी।

विशेष परिस्थितियों में प्राप्त करनी होगी अनुमति

यदि किसी गांव में अपरिहार्य परिस्थितियों के कारण तीन प्रतिशत से अधिक भूमि की कटौती आवश्यक हो, तो जिलाधिकारी के माध्यम से चकबंदी आयुक्त को सुविचारित प्रस्ताव भेजना होगा। आयुक्त की पूर्व अनुमति के बाद ही तीन प्रतिशत से अधिक भूमि की कटौती की जा सकेगी। अधिकारियों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।

चकबंदी योजना का प्रत्यावर्तन

चकबंदी आयुक्त ने चकबंदी योजना के प्रत्यावर्तन को लेकर भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं। योजना का प्रत्यावर्तन मात्र अपरिहार्य परिस्थितियों में ही किया जा सकेगा। इसके लिए जिलाधिकारी, जो कि जिला उप संचालक चकबंदी भी होते हैं, की संस्तुति के साथ प्रस्ताव चकबंदी आयुक्त को भेजना होगा। आयुक्त से पूर्व अनुमति मिलने के बाद ही प्रत्यावर्तन का आदेश जारी किया जा सकेगा।

अनुपालन न करने वालों के खिलाफ होगी कार्रवाई

आयुक्त ने निर्देश दिया है कि भूमि कटौती और चकबंदी योजना के प्रत्यावर्तन से संबंधित नियमों का कड़ाई से पालन किया जाए। आदेशों की अनदेखी या अनावश्यक भूमि कटौती होने की स्थिति में संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

किसानों के हितों को प्राथमिकता

इन निर्देशों का केंद्रीय उद्देश्य किसानों और खातेदारों के हितों की रक्षा करना है। हालांकि भूमि की आवश्यकता होने पर चकबंदी प्रक्रिया में जरूरतमंद सहायता दी जाएगी, लेकिन किसान की जमीन की अनावश्यक कटौती नहीं होगी।

इन नए निर्देशों के बाद, तीन प्रतिशत से अधिक भूमि कटौती के मामलों में अधिकारियों को विस्तृत कारण और प्रस्ताव के साथ आयुक्त की मंजूरी लेनी होगी।

चकबंदी क्या है?

चकबंदी प्रक्रिया का लक्ष्य किसानों के भूमि के बंटवारे को व्यवस्थित करना है। इसके अंतर्गत किसानों की अलग-अलग जगहों पर बिखरी हुई जमीन को एक स्थिर चक में समग्र करना शामिल है। इस कदम का उद्देश्य खेती को अधिक सुगम बनाना और भूमि संबंधी विवादों को कम करना है।

नए निर्देशों से चकबंदी प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता बढ़ने और खातेदारों की शिकायतों के त्वरित निस्तारण की उम्मीद है। इसके परिणामस्वरूप किसानों को उनकी जमीनों से जुड़े समस्याओं के समाधान में सहायता प्राप्त होगी।

इससे न केवल किसानों को राहत मिलेगी बल्कि चकबंदी प्रक्रिया में सुधार के लिए एक सटीक दिशा भी मिलेगी।

अधिक जानकारी के लिए, कृपया हमारी वेबसाइट पर जाएं: The Odd Naari

सादर, टीम द ओड नारी (प्रियंका शर्मा)

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow