नासिक में होर्डिंग के लिए कटे 55 पेड़, 6 आरोपी गिरफ्तार

सड़क के डिवाइडर पर लगाए गए 55 पेड़ों को कथित तौर पर विज्ञापन होर्डिंग की दृश्यता में आ रही बाधा दूर करने के लिए रात के समय काट दिया गया।

Sep 20, 2026 - 00:38
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नासिक में होर्डिंग के लिए कटे 55 पेड़, 6 आरोपी गिरफ्तार

नासिक, महाराष्ट्र: शहर के गंगापुर रोड से सामने आया पेड़ों की अवैध कटाई का मामला अब पुलिस कार्रवाई के बाद चर्चा में है। सड़क के डिवाइडर पर लगाए गए 55 पेड़ों को कथित तौर पर विज्ञापन होर्डिंग की दृश्यता में आ रही बाधा दूर करने के लिए रात के समय काट दिया गया। मामले में विज्ञापन एजेंसी के संचालक समेत छह लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में पेड़ों की कटाई और विज्ञापन बोर्ड की दृश्यता के बीच संबंध सामने आने की बात कही गई है।

यह मामला गंगापुर रोड पर जेहान सर्कल से बेंडकुळे नगर के बीच का है। रिपोर्टों के अनुसार, नासिक नगर निगम ने सड़क के डिवाइडर पर हरियाली, सौंदर्यीकरण और राहगीरों को छाया उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पेड़ लगाए थे। इन पेड़ों को बिना अनुमति काटे जाने के बाद नगर निगम की संपत्ति को भी नुकसान पहुंचने की बात सामने आई है। पुलिस ने मामले की जांच सीसीटीवी फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई।

रात के समय हुई पेड़ों की कटाई

पुलिस के अनुसार, पेड़ों की कटाई 30 अगस्त की रात से तड़के के बीच की गई थी। अलग-अलग रिपोर्टों में कटाई का समय लगभग रात 2 बजे से सुबह 3:45 बजे के बीच बताया गया है। इस दौरान डिवाइडर पर लगे पेड़ों को काटने के लिए उपकरणों का इस्तेमाल किया गया। घटना के बाद वहां मौजूद पेड़ों की स्थिति देखकर मामला नगर निगम और पुलिस के संज्ञान में आया। सीसीटीवी कैमरों में गतिविधियां रिकॉर्ड होने की बात भी जांच में सामने आई है।

पुलिस जांच में यह आरोप सामने आया कि डिवाइडर पर लगे पेड़ों की वजह से सड़क किनारे या डिवाइडर पर लगे विज्ञापन बोर्ड यात्रियों को स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं दे रहे थे। इसी वजह से पेड़ों को हटाने की योजना बनाई गई। हालांकि, इस मामले में सामने आए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और विस्तृत जांच के बाद ही होगी। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच शुरू की है।

विज्ञापन एजेंसी के संचालक समेत छह गिरफ्तार

इस मामले में गिरफ्तार किए गए लोगों में नम्रता एडवरटाइजिंग से जुड़े मच्छिंद्र विजय देशमुख का नाम भी शामिल है। उनके अलावा अभिमन्यु काशीनाथ खैरनार, दिलीप सदू बेंडकुळे, दीपक संतोष दाते, रोहिदास पांडुरंग खुरखुटे और अर्जुन दत्तू चारोस्कर को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस के मुताबिक सभी छह लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) के साथ महाराष्ट्र के शहरी क्षेत्रों में वृक्ष संरक्षण एवं संवर्धन से संबंधित कानून, पर्यावरण संरक्षण अधिनियम और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान से जुड़े प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किए जाने की जानकारी दी है। आरोपों की प्रकृति और प्रत्येक आरोपी की भूमिका जांच का हिस्सा है।

करीब 2.75 लाख रुपये की सार्वजनिक संपत्ति का नुकसान

पेड़ों की कटाई से नगर निगम की संपत्ति को लगभग 2.75 लाख रुपये का नुकसान होने का अनुमान सामने आया है। पुलिस और संबंधित अधिकारियों के अनुसार, डिवाइडर पर लगाए गए ये पेड़ नगर निगम की ओर से शहर के सौंदर्यीकरण और हरित क्षेत्र को बढ़ाने के उद्देश्य से लगाए गए थे। इसलिए बिना अनुमति इन्हें काटना केवल पेड़ों को हटाने तक सीमित मामला नहीं माना जा रहा, बल्कि सार्वजनिक संपत्ति के नुकसान के पहलू से भी इसकी जांच की जा रही है।

कुछ रिपोर्टों में इन पेड़ों को ‘टर्मिलिया मादागास्कर’ या ‘इंडियन क्रिसमस ट्री’ प्रजाति का बताया गया है। रिपोर्टों के अनुसार, ये पेड़ कई वर्षों से डिवाइडर पर मौजूद थे और सड़क की हरियाली का हिस्सा बन चुके थे। पेड़ों की कटाई के बाद घटना से जुड़े वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी सामने आईं, जिसके बाद मामले ने व्यापक ध्यान आकर्षित किया।

दस हजार रुपये के भुगतान का भी आरोप

मामले की जांच में एक और पहलू सामने आया है। कुछ मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पेड़ों को काटने के लिए करीब 10 हजार रुपये के भुगतान का आरोप लगाया गया है। पुलिस इस कथित भुगतान और पेड़ों की कटाई के बीच संबंध की भी जांच कर रही है। यह राशि किसे और किस उद्देश्य से दी गई, इस संबंध में जांच एजेंसियां आरोपियों से पूछताछ कर रही हैं।

इस पहलू को लेकर सामने आई जानकारी फिलहाल पुलिस जांच का हिस्सा है। इसलिए इसे अंतिम तथ्य के रूप में नहीं, बल्कि जांच में सामने आए आरोप के तौर पर देखा जाना चाहिए। मामले में अदालत के समक्ष पेश किए गए आरोप और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।

कोर्ट ने पुलिस हिरासत में भेजा

गिरफ्तारी के बाद सभी आरोपियों को अदालत के समक्ष पेश किया गया। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक अदालत ने आरोपियों को पुलिस हिरासत में भेजा है और जांच के लिए पुलिस को पूछताछ का अवसर दिया गया है। रिपोर्टों में पुलिस हिरासत की अवधि 21 सितंबर तक बताई गई है। इस दौरान पुलिस पेड़ों की कटाई की योजना, इस्तेमाल किए गए उपकरण, कथित भुगतान और विज्ञापन एजेंसी से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।

शहर की हरियाली और सार्वजनिक संपत्ति पर सवाल

गंगापुर रोड की घटना ने शहरी क्षेत्रों में विकास, विज्ञापन और हरित क्षेत्र के बीच संतुलन को लेकर सवाल खड़े किए हैं। सड़क के डिवाइडर पर लगाए गए पेड़ केवल सौंदर्यीकरण का हिस्सा नहीं होते, बल्कि वे सड़क के वातावरण और शहर की हरियाली में भी योगदान देते हैं। ऐसे में किसी भी पेड़ को हटाने या काटने के लिए निर्धारित कानूनी प्रक्रिया और अनुमति का पालन करना महत्वपूर्ण है।

फिलहाल नासिक पुलिस मामले की जांच कर रही है। गिरफ्तार छह आरोपियों से पूछताछ के आधार पर यह स्पष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है कि पेड़ों की कटाई की पूरी योजना किसने बनाई, इसमें किस-किस की भूमिका थी और क्या इसके पीछे केवल विज्ञापन बोर्ड की दृश्यता ही कारण थी। जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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