नासिक में होर्डिंग की वजह से कटे 55 पेड़, 6 लोग गिरफ्तार
सड़क के डिवाइडर पर लगाए गए 55 पेड़ों को कथित तौर पर विज्ञापन होर्डिंग की दृश्यता में आ रही बाधा दूर करने के लिए रात के समय काट दिया गया।
नासिक में होर्डिंग की वजह से कटे 55 पेड़, 6 लोग गिरफ्तार
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कम शब्दों में कहें तो, नासिक में सड़क के डिवाइडर के 55 पेड़ों की कटाई को लेकर पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि इन पेड़ों को विज्ञापन होर्डिंग की दृश्यता को बढ़ाने के लिए काटा गया था।
नासिक, महाराष्ट्र: गंगापुर रोड पर अवैध रूप से 55 पेड़ों की कटाई का मामला अब खुलासा हो चुका है। इन पेड़ों को रात के समय काटा गया, ताकि विज्ञापन होर्डिंग की दृश्यता बढ़ सके। मामले में शामिल होने के लिए 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिसमें विज्ञापन एजेंसी के संचालक भी शामिल हैं। शुरुआती जांच से यह बात सामने आई है कि पेड़ों की कटाई का सीधा संबंध विज्ञापन बोर्डों की दृश्यता से है।
पेड़ों की कटाई का मामला
यह घटना गंगापुर रोड पर जेहान सर्कल और बेंडकुळे नगर के बीच की है। नासिक नगर निगम ने सौंदर्यीकरण और छाया उपलब्ध कराने के लिए इस क्षेत्र में पेड़ लगाए थे। पेड़ों की अवैध कटाई ने नगर निगम की संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया है, जिसके चलते पुलिस ने जांच शुरू की और कई महत्वपूर्ण सीसीटीवी फुटेज एकत्र किए।
रात के समय हुई अवैध कटाई
पुलिस के अनुसार, यह अवैध कटाई 30 अगस्त की रात को लगभग 2 बजे से 3:45 बजे के बीच की गई थी। इस दौरान पेड़ों को काटने के लिए उपकरणों का मजबूरी से इस्तेमाल किया गया। पुलिस की जांच में पता चला है कि इस घटना का पता सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर चला।
विज्ञापन एजेंसी के संचालक समेत गिरफ्तार
गिरफ्तार किए गए लोगों में नम्रता एडवरटाइजिंग से मच्छिंद्र विजय देशमुख, अभिमन्यु काशीनाथ खैरनार, दिलीप सदू बेंडकुले, दीपक संतोष दाते, रोहिदास पांडुरंग खुरखुटे और अर्जुन दत्तू चारोस्कर का नाम शामिल है। पुलिस ने बताया है कि सभी की भूमिकाएं अभी जांच के दायरे में हैं।
कानूनी प्रक्रिया और सार्वजनिक संपत्ति का नुकसान
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और महाराष्ट्र के वृक्ष संरक्षण कानून के तहत मामला दर्ज किया है। पेड़ों के अवैध कटाई से नगर निगम को लगभग 2.75 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। यह पेड़ नगर निगम द्वारा शहर की हरित क्षेत्र को बढ़ाने और सौंदर्यीकरण के लिए लगाए गए थे।
अधिकारियों की जांच
कुछ रिपोर्टों में यह आरोप भी सामने आया है कि पेड़ों को काटने के लिए 10,000 रुपये का भुगतान किया गया। पुलिस इस राशि और पेड़ों की कटाई के बीच संबंध की जांच कर रही है। यह राशि किसे और किस उद्देश्य से दी गई, इस संबंध में पूछताछ चल रही है।
कोर्ट में पेश किए गए आरोपी
गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां उन्हें पुलिस हिरासत में भेजा गया है। पुलिस को 21 सितंबर तक घटना की गहन जांच के लिए अनुमति मिली है।
शहर की हरियाली पर गंभीर प्रश्न
इस घटना ने नासिक में विकास और हरित क्षेत्र के बीच संतुलन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। डिवाइडर पर लगाए गए पेड़ न केवल सौंदर्यीकरण का हिस्सा होते हैं, बल्कि वे पर्यावरण और शहर की जीवन गुणवत्ता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
फिलहाल नासिक पुलिस मामले की जांच कर रही है। इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रियाएं आरोपियों की भूमिका और पेड़ों की कटाई की योजना की जांच के बाद निर्धारित की जाएंगी।
इसके अलावा, नासिक की हरियाली को सुरक्षित रखने के लिए स्थानीय समुदाय को भी सजग रहना होगा। अधिक जानकारी और अपडेट के लिए यहां क्लिक करें.
सादर,
टीम द ओड नारी, प्रियंका शर्मा
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