द्वाराहाट में बंदरों का आतंक: बुजुर्ग दिव्यांग को काटा, महिलाओं ने बचाई जान

ALMORA: अल्मोड़ा जनपद में बंदरों के आतंक से लोग परेशान हैं। महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग, सभी को बंदर निशाना बना रहे हैं। शनिवार को द्वाराहाट के तल्ली कहाली गांव के बाड़ी गाँव तोक में एक बुजुर्ग दिव्यांग व्यक्ति को बंदरों ने बुरी तरह काट दिया। उपचार के लिए बुजुर्ग को अस्पताल लाया गया। जानकारी के मुताबिक […] The post द्वाराहाट में बंदरों ने बुजुर्ग दिव्यांग को घर में बुरी तरह काटा,  2 किलोमीटर तक कंधे पर लेकर आई महिलाएं appeared first on Devbhoomi Dialogue.

Jul 18, 2026 - 18:38
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द्वाराहाट में बंदरों का आतंक: बुजुर्ग दिव्यांग को काटा, महिलाओं ने बचाई जान
द्वाराहाट में बंदरों का आतंक: बुजुर्ग दिव्यांग को काटा, महिलाओं ने बचाई जान

द्वाराहाट में बंदरों का आतंक: बुजुर्ग दिव्यांग को काटा, महिलाओं ने बचाई जान

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कम शब्दों में कहें तो अल्मोड़ा जनपद में बंदरों के हमलों ने स्थानीय निवासियों के जीवन को कठिन बना दिया है। इस बार द्वाराहाट के तल्ली कहाली गांव के एक बुजुर्ग दिव्यांग व्यक्ति को बुरी तरह काटा गया। उपचार के लिए बुजुर्ग को अस्पताल पहुंचाने में महिलाओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

घटना का विवरण

ALMORA: हाल ही में अल्मोड़ा जिले में बंदरों के आतंक ने हर वर्ग के लोगों को परेशान कर रखा है। महिलाएं, बच्चे, और बुजुर्ग सभी इस समस्या से जूझ रहे हैं। पिछले शनिवार को द्वाराहाट के तल्ली कहाली गांव के एक दिव्यांग बुजुर्ग, जिनका नाम केशव दत्त है, पर बंदरों का हमला हुआ। जानकारी के अनुसार, 75 साल के जिन्होंने अपनी आँखों की रोशनी खो दी है, सुबह अपने गोठ के पास झाड़ू लगा रहे थे, तभी बंदरों ने उन पर हमला कर दिया।

चोटें और उपचार प्रक्रिया

बंदरों ने केशव दत्त की जाँघ और पैरों को बुरी तरह काट दिया, जिससे वह लहूलुहान हो गए। इस स्थिति में, उन्हें उपचार के लिए अस्पताल लाने में अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ा। गांव में उस समय केवल एक पुरुष मौजूद था, इसीलिए महिलाएं मिलकर उन्हें कंधे पर उठाकर 2 किलोमीटर की दूरी तक ले गईं।

अन्य मामले

यह पहली बार नहीं है जब बंदरों द्वारा हमला किया गया है। इससे पहले शुक्रवार को, अल्मोड़ा के रानीधारा क्षेत्र में एक बच्चे पर भी बंदरों ने हमला किया, जब वह स्कूल जा रहा था। इसी तरह, स्याल्दे विकासखंड के वल्मरा क्षेत्र में 12 वर्षीय बालक भावेश को भी बंदरों ने काटकर घायल कर दिया। यह घटनाएं यह दर्शाती हैं कि स्थानीय निवासी कितनी गंभीर समस्या का सामना कर रहे हैं।

समाज में बढ़ती चिंता

बंदरों द्वारा लगातार हो रहे हमले से गांव के लोग चिंतित हैं। कई लोग अब सुरक्षित रहने के लिए अपनी दिनचर्या को बदलने पर विचार कर रहे हैं। जानवरों की बढ़ती जनसंख्या और मानव बस्तियों के असंतुलित संपर्क ने इस समस्या को और बढ़ा दिया है।

निष्कर्ष

बंदरों के हमलों से बचने के लिए स्थानीय प्रशासन को ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। गांववालों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह महत्वपूर्ण है कि इन जानवरों का उचित प्रबंधन किया जाए। आवश्यकता है कि इन मामलों को गंभीरता से लिया जाए और सुरक्षित समाधानों की खोज की जाए।

अल्मोड़ा में इस प्रकार के हमलों की बढ़ती घटनाएँ यह बताती हैं कि कर्ता-धर्ता को जल्दी से जल्द कार्रवाई करनी चाहिए ताकि ऐसे गंभीर हमलों से नागरिकों को बचाया जा सके।

अधिक जानकारी के लिए, कृपया हमारा वेबसाइट देखें.

सादर, टीम द ओड् नारी

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