देहरादून में मानसून से पहले प्रशासन की तैयारी, संवेदनशील क्षेत्र पर खास नजर

Dehradun Monsoon Preparedness 2026: उत्तराखंड में मानसून की दस्तक से पहले देहरादून प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। प्रमुख सचिव एवं जनपद प्रभारी डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम ने गुरुवार को जिला कार्यालय सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में आपदा प्रबंधन, जलभराव, भूस्खलन, बाढ़ सुरक्षा और पुनर्वास कार्यों की प्रगति का विस्तृत जायजा […] The post ब्रेकिंग : बारिश से पहले एक्शन मोड में प्रशासन, देहरादून के संवेदनशील इलाकों पर खास नजर appeared first on Uttarakhand Broadcast.

Jun 18, 2026 - 18:38
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देहरादून में मानसून से पहले प्रशासन की तैयारी, संवेदनशील क्षेत्र पर खास नजर
देहरादून में मानसून से पहले प्रशासन की तैयारी, संवेदनशील क्षेत्र पर खास नजर

ब्रेकिंग न्यूज: बारिश से पहले प्रशासन अलर्ट, देहरादून के संवेदनशील क्षेत्रों पर खास नजर

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कम शब्दों में कहें तो, देहरादून प्रशासन ने मानसून की तैयारी को लेकर सभी जरूरी उपाय शुरू कर दिए हैं, जिससे संभावित बाढ़ और जलभराव से बचा जा सके।

Dehradun Monsoon Preparedness 2026: उत्तराखंड में मानसून की दस्तक से पहले देहरादून प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। प्रमुख सचिव एवं जनपद प्रभारी डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम ने गुरुवार को जिला कार्यालय सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में आपदा प्रबंधन, जलभराव, भूस्खलन, बाढ़ सुरक्षा और पुनर्वास कार्यों की प्रगति का विस्तृत जायजा लिया। बैठक समाप्त करने के बाद, उन्होंने कार्लीगाड़ और माझाड़ा क्षेत्र में चल रहे पुनर्वास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण भी किया।

मानसून से पहले संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष फोकस

बैठक में जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने जनपद में मानसून पूर्व तैयारियों की जानकारी दी। प्रमुख सचिव ने निर्देश दिए कि सभी लंबित बाढ़ सुरक्षा एवं आपदा शमन कार्यों को मानसून शुरू होने से पहले प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।

सौंग नदी परियोजना, नंदा की चौकी क्षेत्र के सुरक्षा कार्यों, नदी सफाई अभियान और अन्य बाढ़ सुरक्षा परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए उन्होंने समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जलभराव से निपटने के लिए 39 डी-वॉटरिंग पंप तैयार

मानसून के दौरान जलभराव की समस्या से निपटने के लिए जनपद में उपलब्ध 39 डी-वॉटरिंग पंपों की तैनाती योजना की समीक्षा की गई। पिछले वर्ष जलभराव और जनहानि से प्रभावित क्षेत्रों का पुनर्मूल्यांकन कर संवेदनशील स्थलों पर अग्रिम इंतजाम करने के निर्देश दिए गए।

आईएसबीटी क्षेत्र में जलनिकासी की समस्या के समाधान के लिए एमडीडीए, नगर निगम, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम गठित करने का निर्णय लिया गया।

169 नालों में से 153 की सफाई पूरी

प्रशासन ने जानकारी दी कि जिले में कुल 169 नालों में से 153 नालों की सफाई का कार्य पूरा कर लिया गया है, जबकि शेष नालों पर कार्य जारी है। साथ ही 12 प्रमुख नालों के सुधार और सफाई कार्य को भी शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए।

12 लैंडस्लाइड जोन और क्रॉनिक स्लिप जोन पर नजर

प्रमुख सचिव ने जिले में चिन्हित 12 लैंडस्लाइड जोन और अन्य भू-संवेदनशील क्षेत्रों की समीक्षा की। उन्होंने किमाड़ी सहित संवेदनशील क्षेत्रों में स्थायी समाधान विकसित करने और दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।

इसके अलावा क्लाउड बर्स्ट की आशंका वाले क्षेत्रों में निगरानी और पूर्व चेतावनी तंत्र को और मजबूत करने पर जोर दिया गया।

89 स्कूल और 73 गांव विशेष निगरानी में

प्रशासन के अनुसार मानसून के दौरान 89 ऐसे स्कूल चिन्हित किए गए हैं, जहां बरसात में नदी-नाले बाधा बन सकते हैं। वहीं 73 गांव ऐसे हैं जहां कनेक्टिविटी प्रभावित होने की आशंका रहती है।

इन गांवों में रहने वाली गर्भवती महिलाओं को समय से पहले नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराने की व्यवस्था की गई है। उनके साथ तीमारदारों के भोजन और अन्य सुविधाओं का खर्च भी विभाग वहन करेगा।

डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया पर भी सतर्कता

स्वास्थ्य विभाग को डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी वेक्टर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए व्यापक अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। नियमित फॉगिंग, जनजागरूकता कार्यक्रम और जलभराव वाले क्षेत्रों की निगरानी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।

24×7 सक्रिय रहेगा आपदा नियंत्रण कक्ष

प्रमुख सचिव डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम ने निर्देश दिए कि मानसून के दौरान जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का वार रूम और कंट्रोल रूम 24×7 सक्रिय रखा जाए। सभी विभागों के बीच समन्वय बनाए रखते हुए किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित किए जाएं।

उन्होंने कहा कि जनहानि और संपत्ति के नुकसान को न्यूनतम रखने के लिए पूर्व चेतावनी प्रणाली, राहत संसाधनों की उपलब्धता और संवेदनशील क्षेत्रों की नियमित निगरानी बेहद जरूरी है।

कार्लीगाड़ और माझाड़ा में पुनर्वास कार्यों का निरीक्षण

समीक्षा बैठक के बाद प्रमुख सचिव ने जिलाधिकारी और अन्य अधिकारियों के साथ कार्लीगाड़ और माझाड़ा क्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने आपदा प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे पुनर्वास कार्यों, नदी चैनलाइजेशन और सुरक्षा व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

उत्तराखंड में मानसून सीजन को देखते हुए देहरादून प्रशासन ने इस बार पहले से अधिक व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। जलभराव, भूस्खलन, बाढ़ और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने बहुस्तरीय रणनीति तैयार की है, जिससे किसी भी संभावित आपदा के दौरान नुकसान को कम किया जा सके।

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सादर, टीम द ऑड नारी - राधिका शर्मा

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