चंपावत में जनगणना की धीमी प्रगति पर डीएम की सख्ती, समय सीमा का पालन करना अनिवार्य
Champawat News : राष्ट्रीय जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य में सुस्ती पर जिलाधिकारी मनीष कुमार ने कड़ा रुख अपनाया है। द्वितीय चरण की प्रगति महज 20 प्रतिशत रहने पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए साफ निर्देश दिए कि तय समयसीमा के भीतर हर हाल में लक्ष्य पूरा किया जाए, अन्यथा जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई […]
चंपावत में जनगणना की धीमी प्रगति पर डीएम की सख्ती, समय सीमा का पालन करना अनिवार्य
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कम शब्दों में कहें तो, चंपावत में जनगणना के दूसरे चरण की धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी मनीष कुमार ने कड़ा रुख अपनाया है और कार्य को निर्धारित समय में पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
चंपावत न्यूज़: राष्ट्रीय जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य में जारी सुस्ती के चलते जिलाधिकारी मनीष कुमार ने अपनी नाराजगी प्रकट की है। उन्होंने बताया कि द्वितीय चरण की वर्तमान प्रगति केवल 20 प्रतिशत है, जिससे साफ है कि कार्य की गति चिंतनीय है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को इस बात का ध्यान रखना होगा कि निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य पूरा किया जाए, वरना उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
डिस्ट्रिक्ट सर्वे में सख्ती का दौर
जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित एक समीक्षा बैठक में बताया कि जनगणना केवल एक प्रशासनिक गतिविधि नहीं है, बल्कि यह देश के भविष्य की नींव है। इसलिए, किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने द्वितीय चरण का कार्य 25 अप्रैल से शुरू होने की बात करते हुए इसे 24 मई 2026 तक पूरा करने का निर्देश दिया।
महत्वपूर्ण तैनातियां और कार्यप्रणाली
जिले के 370 प्रगणकों और 62 सुपरवाइजर्स के साथ नगर पालिका क्षेत्रों में 89 प्रगणकों और 19 सुपरवाइजर्स की कार्यप्रणाली पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि सभी उपजिलाधिकारियों और तहसीलदारों को कार्य की व्यक्तिगत निगरानी करने के लिए आवश्यक कार्य सूचियों का पालन करना होगा और यदि कोई भी ढिलाई पाई जाती है, तो तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए जाएं।

तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने की आवश्यकता
डीएम ने सभी आमजनों से भी अपील की है कि वे राष्ट्रीय जनगणना में सहयोग करें और प्रगणकों को सही और विस्तृत जानकारी दें, ताकि भविष्य की योजनाएं सटीक आंकड़ों पर आधारित हों। यदि किसी भी अधिकारी, कर्मचारी या प्रगणक द्वारा लापरवाही बरती गई तो जिलाधिकारी ने कहा कि उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें निलंबन तक का प्रावधान शामिल है।
इस तरह से जनगणना का कार्य सिर्फ संख्याओं तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज, अर्थव्यवस्था और देश की योजनाओं के लिए भी अत्यंत आवश्यक है। जिलाधिकारी ने सभी से अपेक्षा की है कि वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी तत्परता और ईमानदारी से करें।
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