एबीडीएम के माध्यम से चिकित्सा क्षेत्र का नया युग - स्वास्थ्य मंत्री की घोषणा

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Apr 11, 2026 - 09:38
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एबीडीएम के माध्यम से चिकित्सा क्षेत्र का नया युग - स्वास्थ्य मंत्री की घोषणा
एबीडीएम के माध्यम से चिकित्सा क्षेत्र का नया युग - स्वास्थ्य मंत्री की घोषणा

एबीडीएम के माध्यम से चिकित्सा क्षेत्र का नया युग

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कम शब्दों में कहें तो, एबीडीएम से चिकित्सा क्षेत्र को मिलेगा एक मजबूत इकोसिस्टम, जिससे सभी को मिलेगा स्वास्थ्य सेवा का लाभ।

देहरादून: राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण उत्तराखंड द्वारा आयोजित आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) की कार्यशाला में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। इस कार्यक्रम में उन्होंने एबीडीएम को चिकित्सा क्षेत्र में होने वाली एक महत्वपूर्ण क्रांति बताया, जो जन कल्याण के लिए फायदेमंद साबित होगा। उन्होंने कहा कि इस डिजिटल मिशन का उद्देश्य 100 प्रतिशत प्रगति हासिल करना है ताकि हर व्यक्ति को स्वास्थ्य सेवाएं आसानी से मिल सकें।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि समाज के अंतिम व्यक्ति को भी आयुष्मान योजना के तहत कवर किया जाए। हर नागरिक को निशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।” उन्होंने बताया कि आभा आईडी के माध्यम से मरीजों का स्वास्थ्य प्रोफाइल ऑनलाइन तैयार किया जाएगा, जिससे सामान्य लोग अपने घर बैठे चिकित्सा सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे।

चिकित्सा सेवाओं की आसान पहुँच

कार्यशाला में स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि पहाड़ों में मौजूद विषम भौगोलिक स्थितियों के मद्देनजर, एबीडीएम में 'स्पीच टू टैक्स्ट' सुविधा का कार्यान्वयन किया जा रहा है। इससे सामान्य जन को मेडिकल सेवाओं तक पहुँच और भी सरल हो जाएगी। साथ ही, उन्होंने सभी अधिकारियों को एबीडीएम के निर्धारित लक्ष्यों को सुनियोजित ढंग से हासिल करने के निर्देश दिए।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण का योगदान

कार्यशाला में राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. सुनील कुमार बरनवाल ने एबीडीएम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह एक ऐसा इकोसिस्टम तैयार कर रहा है, जिसमें पेशेंट, चिकित्सा कार्मिक, चिकित्सा संस्थान और फार्मेसी सभी एक बैकग्राउंड पर होंगे। उन्होंने कहा कि इसकी सफलता से हम स्वास्थ्य क्षेत्र का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत कर सकते हैं।

निष्कर्ष

इस कार्यक्रम के दौरान उत्तराखंड के स्वास्थ्य सचिव सचिन कुर्वे ने इस बात पर ज़ोर दिया कि जिन लोगों की आयुष्मान या आभा आईडी नहीं बनी है, उनके लिए सहयोग किया जाए ताकि हम अपने लक्ष्यों को सक्षमता से हासिल कर सकें। इसके अतिरिक्त, एबीडीएम की मिशन निदेशक रीना जोशी ने संकल्प लिया कि निर्देशों के अनुरूप लक्ष्य हासिल करने के हर संभव प्रयास किए जाएंगे।

इस कार्यशाला में प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए एबीडीएम के प्रबंधक प्रज्ञा पालिवाल ने भी समर्थन किया और कार्यक्रम का संचालन पुन्नम चंदेल ने किया। इस अवसर पर एसएचए के चेयरमैन अरविंद सिंह ह्यांकी सहित केंद्र और राज्य के कई अधिकारी भी उपस्थित रहे।

ऐसे में, एबीडीएम की सफल कार्यान्वित योजना से यह स्पष्ट है कि भविष्य में चिकित्सा सेवाएं और भी सुगम होंगी, जो कि पूरे समाज के लिए लाभकारी साबित होगी।

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सादर,
टीम द ओड नारी - नेहा वर्मा

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