उत्तर प्रदेश की प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना में ऐतिहासिक उपलब्धि, गुजरात अब लक्ष्य
लखनऊ: प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत उत्तर प्रदेश ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। घरेलू रूफटॉप सोलर स्थापना के मामले में राज्य ने महाराष्ट्र को पीछे छोड़ते हुए देश में दूसरा स्थान हासिल कर लिया है। इस समय गुजरात पहले स्थान पर बना हुआ है, जबकि महाराष्ट्र तीसरे स्थान पर पहुंच […]
उत्तर प्रदेश की प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना में ऐतिहासिक उपलब्धि, गुजरात अब लक्ष्य
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तर प्रदेश ने घरेलू रूफटॉप सोलर स्थापना में ऐतिहासिक बढ़त हासिल की है।
लखनऊ: प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत मुफ्त बिजली योजना में उत्तर प्रदेश ने एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर पार किया है। घरेलू रूफटॉप सोलर स्थापना के मामले में राज्य ने महाराष्ट्र को पीछे छोड़ते हुए देश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। वर्तमान में, गुजरात इस सूची में पहले स्थान पर बना हुआ है, जबकि महाराष्ट्र तीसरे स्थान पर है। राज्य की इस सफलता को स्वच्छ ऊर्जा और हरित विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
रूफटॉप सोलर में बढ़ती रुचि
पिछले कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश में रूफटॉप सोलर ऊर्जा को लेकर नागरिकों की रुचि में काफी इजाफा हुआ है। केंद्र और राज्य की सरकार द्वारा प्रदान की गई सब्सिडी योजनाओं और जागरूकता अभियानों ने लाखों उपभोक्ताओं को इस दिशा में प्रेरित किया है। इसके फलस्वरूप, राज्य ने कम समय में सौर स्थापना के आंकड़ों में उल्लेखनीय वृद्धि की है।
यूपीनेडा की भूमिका
उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (यूपीनेडा) के अनुसार, अब राज्य के लाखों परिवार अपने घरों की छतों पर स्थापित किए गए सौर ऊर्जा संयंत्रों का लाभ उठा रहे हैं। इस योजना से न केवल बिजली का खर्च कम हो रहा है, बल्कि साथ ही पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिल रहा है।
सहयोग का महत्व
यूपीनेडा के अधिकारियों का मानना है कि इस सफलता के पीछे हजारों अधिकृत वेंडरों, बिजली विभाग और आम उपभोक्ताओं का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। राज्य में 5,500 से अधिक पंजीकृत वेंडर विभिन्न जिलों में सोलर सिस्टम स्थापित कर रहे हैं, जिससे योजना का तेजी से विस्तार संभव हो रहा है।
आगे की संभावनाएँ
अधिकारियों का यह भी कहना है कि यदि वर्तमान गति को बनाए रखा गया, तो उत्तर प्रदेश आने वाले महीनों में घरेलू रूफटॉप सोलर स्थापना के मामले में गुजरात को भी पीछे छोड़ सकता है। राज्य सरकार का मिशन अधिक से अधिक परिवारों तक सौर ऊर्जा पहुंचाना और पारंपरिक बिजली पर निर्भरता कम करना है।
ताजा आंकड़े
ताजा आंकड़ों के अनुसार, गुजरात में अब तक 7,49,839 घरेलू रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं। जबकि उत्तर प्रदेश अब 6,74,393 संयंत्रों के साथ दूसरे स्थान पर है। महाराष्ट्र 6,73,717 संयंत्रों के साथ तीसरे स्थान पर है। इन आंकड़ों के बीच अंतर बेहद कम है, जो यह दर्शाता है कि उत्तर प्रदेश ने एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया है।
लंबी अवधि के लाभ
रूफटॉप सोलर योजना को उपभोक्ताओं के लिए लंबे समय तक बिजली खर्च में राहत देने वाला माना जाता है। साथ ही, कार्बन उत्सर्जन में कमी आने के कारण पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलती है। यही कारण है कि इस योजना के प्रति देशभर में अच्छी खासी रुचि बनी हुई है। उत्तर प्रदेश की यह उपलब्धि नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र के तेजी से विस्तार का संकेत है। आने वाले समय में, यदि राज्य इसी गति से आगे बढ़ता रहा, तो यह स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में एक अग्रणी केंद्र बन सकता है।
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सादर,
टीम द ओड्ड नारी, सुमन शर्मा
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