उत्तराखंड में जमीन विवाद: प्रियंका गांधी के परिवार का नाम सामने आते ही सियासत गर्माई
देहरादून/ऊधम सिंह नगर। उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले के किच्छा स्थित चर्चित कुलसुम खान फार्म भूमि विवाद (Kulsum Khan Farm Land Dispute) ने अब कानूनी और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर नया मोड़ ले लिया है। मामले में उत्तराखंड हाईकोर्ट (Uttarakhand High Court) ने कड़ा रुख अपनाते हुए किच्छा के उपजिलाधिकारी (SDM) और संबंधित थाना […] The post उत्तराखंड की चर्चित जमीन पर घमासान, प्रियंका गांधी के परिवार का नाम आते ही गरमाई सियासत appeared first on Uttarakhand Broadcast.
उत्तराखंड में जमीन विवाद: प्रियंका गांधी के परिवार का नाम सामने आते ही सियासत गर्माई
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर में कुलसुम खान फार्म भूमि विवाद में प्रियंका गांधी और उनके परिवार का नाम आने से राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। हाईकोर्ट ने मामले में सख्त निर्देश दिए हैं।
देहरादून/ऊधम सिंह नगर। उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले के किच्छा में मौजूद कुलसुम खान फार्म भूमि विवाद ने अब कानूनी और राजनीतिक मोर्चे पर एक नया मोड़ ले लिया है। इस मामले में उत्तराखंड हाईकोर्ट (Uttarakhand High Court) ने किच्छा के उपजिलाधिकारी (SDM) और संबंधित थाना प्रभारी को 6 जुलाई को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने का निर्देश जारी किया है।
इस विवाद के बीच में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस की प्रमुख नेता प्रियंका गांधी वाड्रा, उनके पति रॉबर्ट वाड्रा, और उनकी जेठानी सायरा वाड्रा पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे उत्तराखंड की राजनीति में उथल-पुथल मची हुई है।
भाजपा का आरोप: जमीन पर कब्जे की कोशिश
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने प्रेस वार्ता करते हुए दावा किया कि प्रियंका और रॉबर्ट वाड्रा उत्तराखंड में चार एकड़ भूमि पर अवैध कब्जा करने की कोशिश में शामिल हैं।
भंडारी के अनुसार, कांग्रेस विधायक तिलक राज बेहड़ अपने समर्थकों के साथ मिलकर 90 वर्षीय नसरीन खान को जमीन खाली कराने के लिए धमकाने गए थे। उन्होंने यह भी कहा कि यह आरोप नसरीन खान के अपने बयान पर आधारित हैं।
भाजपा का कहना है कि जब कानूनी तरीके से संपत्ति हासिल नहीं हो पा रही है, तो दबाव और धमकी का का सहारा लिया जा रहा है।
क्या है कुलसुम खान फार्म भूमि विवाद?
किच्छा के पिपलिया मोड़ पर स्थित कुलसुम खान फार्म से जुड़ा यह विवाद संपत्ति के स्वामित्व को लेकर है।
याचिका में कहा गया है कि कुलसुम खान ने वर्ष 2024 में पंजीकृत वसीयत के माध्यम से अपनी संपत्ति सायरा वाड्रा और अपने चचेरे भतीजे सिकंदर आलम खान को सौंप दी थी।
कुलसुम खान के निधन के 18 दिसंबर 2025 के बाद इस संपत्ति को लेकर विवाद की शुरुआत हुई, जबकि नसरीन खान भी इस संपत्ति पर अपना अधिकार जता रही हैं।
हाईकोर्ट में क्या कहा गया?
सिकंदर आलम खान द्वारा दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि 11 जून 2026 को सिविल कोर्ट ने यथास्थिति (Status Quo) बनाए रखने का आदेश दिया था, लेकिन प्रशासन ने कथित तौर पर दूसरे पक्ष को संपत्ति पर कब्जा देने में सहायता की।
याचिका में यह भी कहा गया है कि फार्म परिसर में मौजूद महिलाएं, बच्चे और पशु कई दिनों तक बच्चों की सुरक्षा में अंदर बंद रहे और उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया।
हाईकोर्ट ने SDM और SHO को किया तलब
उत्तराखंड हाईकोर्ट की एकलपीठ ने गंभीरता से मामले को लेते हुए किच्छा के SDM और संबंधित SHO को 6 जुलाई को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने का आदेश दिया है।
इसके साथ ही अदालत ने प्रशासन को 11 जून को सिविल कोर्ट से दिए आदेश का सख्ती से पालन करने हेतु निर्देशित किया है।
6 जुलाई को होगी अगली सुनवाई
इस बहुप्रचारित भूमि विवाद की अगली सुनवाई 6 जुलाई को होने वाली है। इस मामले में अदालत के समक्ष प्रशासन को अपनी कार्रवाई की विस्तृत जानकारी पेश करनी होगी। भाजपा के आरोपों और न्यायिक कार्यवाही के बाद, यह मामला प्रदेश के राजनीतिक परिदृश्य में भी एक प्रमुख विषय बना हुआ है।
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सादर,
टीम द ओड नारी
श्रुति शर्मा
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