स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शहीद अमित अणथ्वाल के परिवार को CM धामी ने किया सम्मानित
DEHRDAUN: स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर शहीदों के परिजनों के सम्मान की कड़ी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शहीद अमित कुमार अणथ्वाल के परिजनों से भेंट की। देहरादून के भाऊवाला में मुख्यमंत्री ने शहीद के पिता नागेंद्र प्रसाद अणथ्वाल सहित परिवार के अन्य सदस्यों से उनकी कुशलक्षेम जानी तथा वीर सपूत को श्रद्धापूर्वक नमन […] The post स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर शहीद अमित अणथ्वाल के परिजनों को CM धामी ने किया सम्मानित appeared first on Devbhoomi Dialogue.
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शहीद अमित अणथ्वाल के परिवार को CM धामी ने किया सम्मानित
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कम शब्दों में कहें तो, स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शहीद अमित कुमार अणथ्वाल के परिजनों को सम्मानित किया। इस अवसर पर उनके परिवार के सदस्यों से मिलकर उन्होंने उनके प्रति संवेदना प्रकट की।
DEHRADUN: स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर देहरादून स्थित भाऊवाला में, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शहीद अमित कुमार अणथ्वाल के परिजनों से भेंट की। इस दौरान, उन्होंने शहीद के पिता नागेंद्र प्रसाद अणथ्वाल सहित परिवार के अन्य सदस्यों से कुशलक्षेम पूछी और उनकी वीरता को श्रद्धा से नमन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अवसर केवल उत्सव का नहीं, बल्कि उन वीर सपूतों के सर्वोच्च बलिदान को स्मरण करने का भी है, जिन्होंने राष्ट्र की रक्षा के लिए अपने जीवन का बलिदान दिया।
मुख्यमंत्री धामी ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार शहीदों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाओं से भरी है और हमेशा उनकी सहायता में खड़ी रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि शहीद परिवारों का सम्मान करना समाज और राष्ट्र का सम्मान है।
शहीद अमित कुमार अणथ्वाल का साहस और बलिदान
शहीद अमित कुमार अणथ्वाल का जन्म पौड़ी गढ़वाल जिले के क्वाला गाँव में हुआ था। वह 4 अप्रैल 2020 को ऑपरेशन रनदौरी बेहक के दौरान शहीद हुए, जब उन्होंने राष्ट्र की रक्षा करते हुए अद्वितीय साहस का परिचय दिया। वे गढ़वाल राइफल्स में भर्ती होकर 4 पैरा स्पेशल फोर्स में सेवाएं दे रहे थे और उनकी तैनाती जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा क्षेत्र में थी।
अप्रैल 2020 में केरन सेक्टर में आतंकवादियों के साथ उनकी मुठभेड़ में, उन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर पाँच आतंकवादियों को मार गिराया, जो उनकी अद्वितीय वीरता का उदाहरण है। इस दौरान, वे और उनके चार साथी वीर जवान शहीद हो गए, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान दिया।
भारत सरकार ने उनकी बहादुरी और पराक्रम को मान्यता देते हुए गद्दारी मेडल (मरणोपरांत) से अलंकृत किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की वीरभूमि ने देश को अनेक वीर दिए हैं और शहीद अमित कुमार अणथ्वाल का नाम उन अमर वीरों में सदैव गर्व के साथ लिया जाएगा।
राज्य सरकार द्वारा शहीद परिवारों के कल्याण की प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री धामी ने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार शहीदों के बलिदान को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने तथा शहीद परिवारों के सम्मान और कल्याण के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगी। उन्होंने कहा कि बाहरी संकटों के खिलाफ लड़ाई में शहीदों का बलिदान हमें हमेशा प्रेरित करता रहेगा।
मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनसमूह से अपील की कि वे भी शहीदों के परिवारों का सम्मान करें और उनकी गरिमा को बनाए रखें, क्योंकि ये लोग हमारे राष्ट्र की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर चुके हैं।
यह आयोजन न केवल शहीद अमित अणथ्वाल की याद में था, बल्कि यह विचारों और भावनाओं की कड़ी को जोड़ने का भी एक प्रयास था, जिसमें समाज को शहीदों के प्रति अपनी जिम्मेदारी का एहसास दिलाना आवश्यक है।
मुख्यमंत्री की इस पहल से यह स्पष्ट होता है कि राज्य सरकार शहीद परिवारों की चिंता करती है और उनके प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझती है। इस प्रकार के सम्मान समारोह न केवल एक परंपरा है, बल्कि यह समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारी को भी दर्शाता है।
इस मौके पर, खेदजनक है कि कई बार शहीदों के बलिदान को भुला दिया जाता है, लेकिन हमें यह याद रखना चाहिए कि उनकी शहादत का सम्मान करना हम सभी का कर्तव्य है।
अंत में, हम सभी को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि शहीदों के बलिदान के इतिहास को न केवल याद रखा जाए, बल्कि उनकी कहानियों को आगे बढ़ावा दिया जाए ताकि आने वाली पीढ़ी भी उनकी वीरता और बलिदान से प्रेरित हो सके।
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Team The Odd Naari
अनु शर्मा
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