आर्य विद्यालयों में बच्चों की भाषण प्रतियोगिता: एक नई शुरुआत

नई दिल्ली : दिल्ली आर्य प्रतिनिधि सभा के अन्तर्गत आर्य विद्या परिषद द्वारा निर्धारित प्रतियोगिताओं की श्रृंखला में आज आर्य विद्यालयों के बच्चों की भाषण प्रतियोगिता सुशील राज आर्य विद्या मंदिर, आर्य समाज गोविंद पुरी में सफलता पूर्वक संपन्न हुई। इस प्रतियोगिता में अनेक विद्यालयों ने बढ़ चढ़ कर भाग लिया। आयोजकों ने कक्षाओं के […]

May 6, 2026 - 00:38
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आर्य विद्यालयों में बच्चों की भाषण प्रतियोगिता: एक नई शुरुआत
आर्य विद्यालयों में बच्चों की भाषण प्रतियोगिता: एक नई शुरुआत

आर्य विद्यालयों में बच्चों की भाषण प्रतियोगिता: एक नई शुरुआत

नई दिल्ली: दिल्ली आर्य प्रतिनिधि सभा के अन्तर्गत आर्य विद्या परिषद द्वारा आयोजित भाषण प्रतियोगिता का आयोजन सुशील राज आर्य विद्या मंदिर, आर्य समाज गोविंद पुरी में सफलता के साथ किया गया। इस प्रतियोगिता में विभिन्न आर्य विद्यालयों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। यह आयोजन न केवल प्रतिष्ठान की सूचि में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व विकास में भी एक सराहनीय प्रयास है।

कम शब्दों में कहें तो, यह प्रतियोगिता छात्रों के लिए अपने विचारों को व्यक्त करने का एक मंच थी, जिस पर उन्होंने आत्मविश्वास के साथ अपने विषयों पर रचनात्मकता के साथ विचार साझा किए। Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - The Odd Naari

प्रतियोगिता का आयोजन और विषयनिर्धारण

प्रतियोगिता का आयोजन तीन वर्गों में किया गया था, जिससे सभी आयु वर्ग के बच्चों को बाज़ी मारने का अवसर मिला। पहले ग्रुप में छोटे बच्चों ने प्रतिभागिता की, जबकि दूसरे और तीसरे ग्रुप में क्रमशः मध्य और सीनियर ग्रुप के बच्चे शामिल थे।

पहला ग्रुप: खान-पान की बदलती तस्वीर

पहले ग्रुप में छोटे बच्चों के लिए विषय ‘खान-पान की बदलती तस्वीर’ था। इस विषय पर बच्चों ने अपने स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए पैकेट में बंद वस्तुओं के सेवन पर कड़ी आलोचना की। उन्होंने अपने विचार प्रस्तुत करते हुए सात्विक भोजन का महत्व बताया। उनके आत्मविश्वास और स्पष्ट वक्तृत्व कौशल ने दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी।

दूसरा ग्रुप: माता-पिता और शिक्षक की भूमिका

दूसरे ग्रुप का विषय ‘जीवन में माता-पिता और शिक्षक की भूमिका’ था। यह विषय बच्चों को जीवन में इनके महत्व को समझाने के लिए बेहद जरूरी था। प्रतियोगियों ने बताया कि माता-पिता और शिक्षक को हमेशा सम्मान और श्रद्धा का स्थान मिलना चाहिए।

तीसरा ग्रुप: रिश्तों का महत्व

तीसरे ग्रुप में सीनियर छात्रों के लिए विषय ‘जीवन में सिमटते हुए रिश्ते’ था। इस विषय ने बच्चों को भौतिकवादी संस्कृति के प्रभाव को समझने में मदद की, जिसमें विदेशी खान-पान और रहन-सहन का आकर्षण बढ़ रहा है।

पुरस्कार वितरण और व्यवस्था

प्रतियोगिता के अंत में सभी वर्गों के बच्चों को पुरस्कार और प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। सम्मानित विजेताओं में प्रथम, द्वितीय और तृतीय के अलावा सांत्वना पुरस्कार भी शामिल थे। कार्यक्रम में कई प्रमुख व्यक्ति उपस्थित थे, जिनमें श्री राजकुमार जी, श्री सुरेश चंद्र गुप्ता जी, श्रीमती वीना आर्या जी, श्रीमती उमा शशि दुर्गा जी, श्रीमती तृप्ता शर्मा जी, श्रीमती अर्चना पुष्करणा जी, श्रीमती वंदना शर्मा जी और अन्य अध्यापिकाएं शामिल थीं।

अंत में, कार्यक्रम की सुंदर व्यवस्था के लिए विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती किरण कोहली जी का धन्यवाद ज्ञापित किया गया। विद्यालय की ओर से कार्यक्रम के बाद सभी उपस्थित लोगों के लिए दुपहर के भोजन की व्यवस्था की गई।

सही खानपान, पारिवारिक मूल्यों और रिश्तों की महत्वपूर्णता जैसे विषयों पर चर्चा करने से आने वाली पीढ़ी को एक सकारात्मक दिशा मिलती है। ऐसे आयोजनों का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि ये बच्चों को अपने विचार साझा करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं और उन्हें एक स्वस्थ जीवनशैली की ओर अग्रसर करते हैं।

और अधिक अपडेट्स के लिए, कृपया हमारी वेबसाइट पर जाएं: The Odd Naari

समाप्ति पर, हम इस आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी प्रतिभागियों और उनके मार्गदर्शकों को बधाई देते हैं।

सादर,

टीम द ओड नारी
श्रीमती प्रिया वर्मा

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