अवैध प्लॉटिंग की रोकथाम में एमडीडीए की कड़ी कार्रवाई, दो दिन में 200 बीघा भूमि कुर्क
देहरादून: मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने बिना स्वीकृत तलपट मानचित्र के बड़े भू-भाग में की जा रही अवैध प्लॉटिंग और विकास कार्यों के खिलाफ लगातार दूसरे दिन भी सख्त कार्रवाई की। प्राधिकरण की टीम ने दो दिनों में करीब 200 बीघा भूमि पर अनधिकृत भू-विन्यास, प्लॉटिंग, सड़क निर्माण और सीमांकन से जुड़े कार्यों को ध्वस्त […] The post अवैध प्लॉटिंग पर बंशीधर तिवारी सख्त, दो दिन में 200 बीघा पर एमडीडीए का वार appeared first on Uttarakhand Broadcast.
अवैध प्लॉटिंग पर बंशीधर तिवारी का सख्त रुख, किए दो दिन में 200 बीघा भूमि के कब्जे
देहरादून: मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने बिना स्वीकृत तलपट मानचित्र के बड़े भू-भाग में अवैध प्लॉटिंग तथा विकास कार्यों के खिलाफ निरंतर कार्रवाई करते हुए दो दिन के भीतर 200 बीघा भूमि को कुर्क किया। यह कार्रवाई पहले के निरीक्षणों के आधार पर की गई है, जिसमें अवैध निर्माण की कई गतिविधियाँ सामने आई थीं।
कम शब्दों में कहें तो, एमडीडीए ने बिना अनुमति के हो रहे गड़ूल, सूर्यधार और रानीपोखरी क्षेत्रों में भू-विन्यास एवं प्लॉटिंग के कार्यों को रोकने के लिए कठोर कदम उठाए हैं। प्राधिकरण की टीम ने आरोपित क्षेत्रों में अनधिकृत प्लॉटों का निर्माण और सड़कें बनाने वाले कार्यों को ध्वस्त कर देने का निर्णय लिया।
इस संदर्भ में, एमडीडीए ने कहा कि यह कार्रवाई तब की गई जब उन्हें सूचनाएँ मिलीं कि विशाल मनवाल और कोठारी नाम के ठेकेदार बिना उचित स्वीकृति के 150 बीघा भूमि में निर्माण कार्य कर रहे थे। प्राधिकरण ने तत्परता से स्थल का निरीक्षण किया और पाया कि उल्लंघन की स्थिति गंभीर थी। इसके बाद उत्तराखंड नगर एवं ग्राम नियोजन तथा विकास अधिनियम के तहत संबंधित प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई शुरू की गई।
एमडीडीए के अधिकारियों ने कहा है कि यह कार्रवाई पहले भी की गई थी। इसके अतिरिक्त, 7 जुलाई 2026 को पिछले अवैध निर्माणों के खिलाफ भी कदम उठाए गए थे। उस समय करीब 50 बीघा क्षेत्र में भी अवैध प्लॉटिंग की गतिविधियाँ पाई गईं थीं।
बद्रीपुर, धर्मावाला और हरबर्टपुर क्षेत्रों में भी एमडीडीए ने पिछले दिनों सख्त कदम उठाए। वहां समीर कुरैशी नाम के भू-स्वामी द्वारा बिना स्वीकृत तलपट मानचित्र के 40 से 50 बीघा भूमि पर प्लॉटिंग का कार्य किया जा रहा था। प्राधिकरण ने अविलंब घटनास्थल पर जाकर संबंधित कार्यों को ध्वस्त किया।
एमडीडीए ने यह स्पष्ट किया है कि बिना स्वीकृत तलपट मानचित्र के किसी भी भूमि का विकास, प्लॉटों का चिन्हीकरण, सड़क निर्माण या कॉलोनी निर्मित करना नियमों के विरुद्ध है। प्राधिकरण ने आम जनता से अपील की है कि वे जमीन या प्लॉट खरीदने से पहले संबंधित कागजात और एमडीडीए की मंजूरी की जांच करें।
बंशीधर तिवारी, जो कि एमडीडीए के उपाध्यक्ष हैं, ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में बिना अनुमति के किसी भी प्रकार के भू-विन्यास या प्लॉटिंग को किसी भी स्थिति में सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को ऐसे मामलों की त्वरित जांच और प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने भी कहा कि बिना स्वीकृत तलपट मानचित्र के प्लॉटिंग करना नियमों का गंभीर उल्लंघन है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि प्राधिकरण की तरफ से अनधिकृत विकास गतिविधियों की निगरानी निरंतर जारी रहेगी।
आगे चलकर यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो उचित कार्रवाई की जाएगी। एमडीडीए सख्त है कि किसी भी हालत में अवैध प्लॉटिंग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस प्रकार, बंशीधर तिवारी की अगुवाई में एमडीडीए ने अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ एक मजबूत संदेश दिया है कि विकास गतिविधियाँ सभी नियामक प्रक्रियाओं के अंतर्गत होनी चाहिए। अधिक जानकारी के लिए विजिट करें The Odd Naari.
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सादर,
नेहा शर्मा
टीम The Odd Naari
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