बेटियों की शादी में सहारा बने अनुदान: 89 लाभार्थियों को मिली ₹44.50 लाख आर्थिक सहायता
देहरादून। समाज कल्याण विभाग की शादी अनुदान योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में जनपद देहरादून के 89 पात्र लाभार्थियों को आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के अनुमोदन के बाद लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे कुल ₹44.50 लाख की अनुदान राशि हस्तांतरित की गई। शादी अनुदान योजना के तहत […] The post बेटियों की शादी में सहारा बना अनुदान, 89 लाभार्थियों को ₹44.50 लाख appeared first on Uttarakhand Broadcast.
बेटियों की शादी में सहारा बने अनुदान: 89 लाभार्थियों को मिली ₹44.50 लाख आर्थिक सहायता
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कम शब्दों में कहें तो, देहरादून में समाज कल्याण विभाग ने शादी अनुदान योजना के तहत 89 लाभार्थियों को कुल ₹44.50 लाख की वित्तीय सहायता प्रदान की है। जिला कार्यालय से मिली इस सहायता ने कई परिवारों में खुशी की लहर दौड़ा दी है।
देहरादून। समाज कल्याण विभाग द्वारा जारी की गई वित्तीय सहायता योजना में, वर्ष 2026-27 के दौरान जनपद देहरादून के 89 पात्र लाभार्थियों को आर्थिक सहायता प्राप्त हुई है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के अनुमोदन के पश्चात, लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे अनुदान राशि हस्तांतरित की गई। इस योजना का उद्देश्य बेटियों की शादी के खर्च को थोड़ा कम करना है, जिससे परिवारों पर आर्थिक दबाव कम हो सके।
आर्थिक सहायता का वितरण
शादी अनुदान योजना के अंतर्गत, अनुसूचित जाति श्रेणी के 83 लाभार्थियों को ₹50,000 प्रति व्यक्ति के हिसाब से सहायता वितरित की गई, जिससे कुल ₹41.50 लाख का भुगतान किया गया। इसके अलावा, विधवा पुत्री शादी अनुदान योजना के तहत 6 लाभार्थियों को भी ₹50,000 की दर से कुल ₹3 लाख का भुगतान किया गया।
इस प्रकार, देहरादून जिले में कुल 89 लाभार्थियों को मिलाकर ₹44.50 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। विभाग का कहना है कि यह योजना सामाजिक सुरक्षा शादी अनुदान पोर्टल ssp.uk.gov.in के माध्यम से संचालित की जाती है, जहां प्राप्त आवेदनों का परीक्षण और सत्यापन किया जाता है।
आवेदकों के लिए आवश्यकताएँ
योजना में सामान्य वर्ग की विधवा महिलाओं की बेटियों को भी लाभ दिया जाता है, जिन्हें विधवा पेंशन का लाभ प्राप्त है। ऐसी पात्र माताओं को भी योजना के अनुसार ₹50,000 की अनुदान राशि प्राप्त होती है। एक परिवार में अधिकतम दो बेटियों की शादी के लिए यह सहायता उपलब्ध है।
पात्रता की शर्तें
शादी अनुदान योजना का लाभ वे व्यक्ति प्राप्त कर सकते हैं जिनकी बेटियाँ अनुसूचित जाति/जनजाति से संबंधित हैं या सामान्य वर्ग की विधवा महिलाओं की बेटियाँ हैं। इसके लिए आवेदक का उत्तराखंड का स्थायी निवासी होना आवश्यक है, साथ ही बीपीएल या अंत्योदय कार्ड धारक होना चाहिए, अथवा उनकी मासिक आय ₹4,000 तक होनी चाहिए।
विवाह के समय कन्या की आयु 18 वर्ष और वर की आयु 21 वर्ष होना अनिवार्य हैं, और विवाह का पंजीकरण भी आवश्यक है। आवेदक को यह शपथ पत्र देना होगा कि उनके परिवार ने पूर्व में योजना के तहत एक से अधिक बेटी के विवाह हेतु अनुदान का लाभ नहीं लिया है।
योजना के तहत हर वर्ष 1 मार्च से 28/29 फरवरी तक की अवधि में विवाह संबंधी इच्छुक पात्र आवेदन स्वीकार किए जाते हैं। जिला प्रशासन और समाज कल्याण विभाग ने सभी पात्र लाभार्थियों से अनुरोध किया है कि वे निर्धारित पात्रता और आवश्यक दस्तावेजों के साथ सामाजिक सुरक्षा शादी अनुदान पोर्टल ssp.uk.gov.in पर आवेदन करें। प्राप्त आवेदनों की नियमानुसार जांच और सत्यापन के बाद ही योग्य मामलों में अनुमोदन किया जाएगा।
यह योजना न केवल आर्थिक रूप से मदद करती है, बल्कि समाज में बेटियों की शादी को एक महत्वपूर्ण और आनंददायक अवसर बनाने में भी सहायक सिद्ध होती है। इसके माध्यम से समाज में बदलाव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
Team The Odd Naari
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