देहरादून में बिना पंजीकरण मदरसों पर कसा शिकंजा, 125 बच्चे मिले

देहरादून। जिला प्रशासन ने जनपद में संचालित मदरसों के निरीक्षण अभियान के तहत शनिवार को आजाद कॉलोनी और मेहूंवाला माफी क्षेत्र में कार्रवाई की। निरीक्षण के दौरान आजाद कॉलोनी में एक मदरसा बिना पंजीकरण के संचालित पाया गया, जिसे प्रशासन की टीम ने तत्काल सील कर दिया। वहीं, दो अन्य मदरसों में शिक्षण कार्य संचालित […] The post 125 बच्चे मिले, पंजीकरण नहीं! देहरादून में मदरसा सील, दो पर भी कसा शिकंजा appeared first on Uttarakhand Broadcast.

Sep 6, 2026 - 18:38
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देहरादून में बिना पंजीकरण मदरसों पर कसा शिकंजा, 125 बच्चे मिले

देहरादून में बिना पंजीकरण मदरसों पर कसा शिकंजा, 125 बच्चे मिले

कम शब्दों में कहें तो, देहरादून में जिला प्रशासन ने निरीक्षण के दौरान बिना पंजीकरण संचालित एक मदरसे को सील कर दिया है। 125 बच्चे वहां अध्ययनरत पाए गए। दो अन्य मदरसों के संचालकों से शपथ-पत्र लिया गया है।

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देहरादून। शनिवार को जिला प्रशासन ने जनपद में संचालित मदरसों के निरीक्षण अभियान के तहत आजाद कॉलोनी और मेहूंवाला माफी क्षेत्र में कार्रवाई की। इस दौरान एक मदरसा बिना पंजीकरण के संचालित पाया गया, जिसे प्रशासन की टीम ने तुरंत सील कर दिया। अन्य दो मदरसों में शिक्षण कार्य संचालित नहीं मिले, जिसके तहत उनके संचालकों से लिखित शपथ-पत्र लिया गया।

इस निरीक्षण अभियान में जिला प्रशासन की संयुक्त टीम में उप जिलाधिकारी सदर, खंड शिक्षा अधिकारी रायपुर और जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी शामिल थे।

आजाद कॉलोनी में बिना पंजीकरण संचालित मिला मदरसा

प्रशासन की निरीक्षण टीम ने आईएसबीटी के समीप आजाद कॉलोनी में स्थित मदरसा जामिया-तुस-सलाम अल-इस्लामिया का निरीक्षण किया। जांच के समय मदरसा बिना पंजीकरण संचालित पाया गया और वहां करीब 125 छात्र अध्ययनरत थे।

निरीक्षण के समय मदरसे के संचालक मुफ्ती रईस मौजूद नहीं थे। उनके भाई उपस्थित थे, परंतु मदरसे से संबंधित कोई भी पंजीकरण प्रमाण-पत्र प्रस्तुत नहीं किया जा सका। इसके बाद प्रशासन ने नियमों का पालन करते हुए मदरसे को तत्काल सील कर दिया।

दूसरे मदरसे में नहीं चल रहा था शिक्षण कार्य

इसके अलावा, प्रशासनिक टीम ने मदरसा दार-ए-अरकम का भी निरीक्षण किया, जिसका संचालन अब्दुल सत्तार द्वारा किया जाता है। इस मदरसे में भी कोई पंजीकरण प्रमाण-पत्र प्रस्तुत नहीं किया गया। निरीक्षण के समय न तो बच्चे उपस्थित थे और न ही कोई शिक्षण कार्य संचालित पाया गया। प्रशासन ने संचालक से यह लिखित शपथ-पत्र लिया कि पंजीकरण के बिना मदरसे का संचालन नहीं किया जाएगा।

मेहूंवाला माफी में भी लिया गया शपथ-पत्र

टीम ने मेहूंवाला माफी में स्थित मदरसा दारुल उलूम रहीमिया का भी निरीक्षण किया। इस मदरसे का संचालन गुलशेर द्वारा किया जाता है, लेकिन निरीक्षण के दौरान मदरसा संचालित नहीं मिला और वहां कोई बच्चा भी उपस्थित नहीं था। प्रशासन ने संचालक से भी शपथ-पत्र लिया कि बिना पंजीकरण के मदरसे का संचालन नहीं होगा।

नियमों का पालन नहीं करने पर होगी कार्रवाई

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनपद में संचालित सभी शिक्षण संस्थानों में निर्धारित मानकों और नियमों का अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा। बिना आवश्यक पंजीकरण के संचालित पाए जाने वाले संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। यह प्रशासन का कदम ऐसे शिक्षण संस्थानों में नियमों के अनुपालन में सख्ती का संकेत देता है।

इस कार्रवाई के बाद, जनसामान्य में प्रशासन की सक्रियता को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रियाएँ देखने को मिली हैं। ऐसे संस्थान जहां उचित पंजीकरण की व्यवस्था नहीं है, वे न केवल बच्चों के भविष्य के साथ खेल रहे हैं, बल्कि समाज की शिक्षा प्रणाली को भी प्रभावित कर रहे हैं।

इस प्रकार के ठोस कदमों के माध्यम से जिम्मेदार प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि सभी शिक्षण संस्थानों में उचित पंजीकरण किया जाए। ऐसे में माता-पिता को भी यह समझना आवश्यक है कि वे अपने बच्चों की शिक्षा के लिए सही और कानूनी मदरसों का चयन करें।

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सादर,
टीम द odd Naari
सुमिता मेहरा

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