कांग्रेस सरकार के दौरान हुई जमीनों की विभाजन – भाजपा का आरोप
The post भाजपा नहीं, कांग्रेस सरकार में हुई जमीनों की असली लूट – भाजपा appeared first on Avikal Uttarakhand. यूआईआईडीबी सरकारी जमीनों का सुनियोजित उपयोग कर रहा- भाजपा भूमि की लीज और मालिकाना हक पर छिड़ी बहस भाजपा, खाली जमीनों को रोजगार का जरिया बना रही- चमोली अविकल उत्तराखंड… The post भाजपा नहीं, कांग्रेस सरकार में हुई जमीनों की असली लूट – भाजपा appeared first on Avikal Uttarakhand.
भाजपा का आरोप: कांग्रेस सरकार में हुई जमीनों की असली लूट
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कम शब्दों में कहें तो, भाजपा ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए हैं कि राज्य में सरकारी जमीनों की लूट उनकी सरकार के दौरान हुई थी। भाजपा का कहना है कि वर्तमान में वे इन जमीनों का उपयोग रोजगार के लिए कर रही हैं।
देहरादून। उत्तराखंड में सरकार की जमीनों को निजी हाथों में सौंपने के मामले पर कांग्रेस और भाजपा के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई है। हल्द्वानी में चल रहे शुद्धिकरण विवाद के बीच, कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाए हैं, जिसके जवाब में भाजपा ने पूर्व कांग्रेस सरकार की नीतियों को बेनकाब करने का निर्णय लिया है।
किसने किया था जमीनों का बेड़ा गर्क?
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता और विधायक विनोद चमोली ने यशपाल आर्य के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि कांग्रेस को पहले अपने शासन काल का रिकॉर्ड देखना चाहिए। उन्होंने कहा, "कांग्रेस का इतिहास उत्तराखंड के विकास में हमेशा विरोधाभासी रहा है।" चमोली ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने योजनाओं के तहत बेशकीमती जमीनों की लूट की थी।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि आईटी पार्क देहरादून की महत्वपूर्ण भूमि, जिसे IT इंडस्ट्री के विकास के लिए सभी जानते हैं, कांग्रेस सरकार के दौरान बहुत कम कीमत पर बिल्डरों को बेची गई। इसके अलावा, 2006 में सिडकुल के माध्यम से दिए गए भूमि के मामलों को भी उठाया।
बंदरबांट और लाभ पहुंचाना - चमोली का ट्वीट
चमोली ने जोर देकर कहा कि "कांग्रेस पर लगाया गया आरोप उनकी पुरानी कार्यशैली का हिस्सा है।" उन्होंने कहा कि वर्तमान धामी सरकार की नीतियां स्पष्ट और पारदर्शी हैं, जबकि कांग्रेस के समय में भूमि का निजीकरण किया जाता था। भाजपा ने स्पष्ट किया है कि उत्तराखंड की जमीनें बेची नहीं जा रही हैं, बल्कि शासन के पास रहकर लीज मॉडल के तहत निवेश को आमंत्रित किया जा रहा है।
स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार में सुधार
चमोली ने कहा कि यदि भूमि वर्षों तक अनुपयोगी रह गई तो न तो रोजगार पैदा होगा और न स्थानीय अर्थव्यवस्था को लाभ होगा। यूआईआईडीबी (UIIDB) के माध्यम से सरकारी भूमि का सुनियोजित उपयोग करने का काम किया जा रहा है, जिससे पर्यटन, वेलनेस, शिक्षा, स्वास्थ्य और आतिथ्य क्षेत्र में निवेश आ रहा है।
उन्होंने यह भी जोड़ा, "कांग्रेस के शासन में जब बड़ी मात्रा में कृषि भूमि को निजी कॉर्पोरेशन्स के लिए आवंटित किया गया, क्या वह विकास था? आज जब धामी सरकार लीज आधारित नीति अपना रही है, तो कांग्रेस को दिक्कत क्यों हो रही है?"
भविष्य की दिशा
कुल मिलाकर, सरकारी जमीनों को लीज पर दिए जाने और उसके मालिकाना हक को लेकर उठे संशय को लेकर कोई स्पष्टता नहीं आई है। कांग्रेस ने इस संदर्भ में अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं।
भाजपा यह स्पष्ट करना चाहती है कि इस नीति से स्थानीय युवाओं के लिए न केवल रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे बल्कि स्थानीय उत्पादों को भी बड़ा बाजार मिलेगा। इस संदर्भ में, स्थानीय जनता की जागरूकता बढ़ गई है और वे कांग्रेस की विकास विरोधी नीतियों को पहचान चुकी हैं।
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टीम द ओड नारी
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