ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना: एडिट टनल में मलबा और पानी के धंसने से हड़कंप

RUDRAPRAYAG: ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना की एडिट टनल में उस समय हड़कंप मच गया जब टनल में दरार पड़ गई और मलबा और पानी तेज़ी से गिरने लगा। रेल लाइन परियोजना के तहत रुद्रप्रयाग के जवाड़ी बाईपास के नजदीक बन रही एडिट टनल में भीतर से अचानक एक हिस्सा टूटा औऱ मलबा गिरने लगा। जिससे निर्माण […] The post ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल लाइन: टनल के भीतर मिट्टी धंसी, पानी के साथ आया मलबा, मचा हड़कंप appeared first on Devbhoomi Dialogue.

Apr 8, 2026 - 00:38
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ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना: एडिट टनल में मलबा और पानी के धंसने से हड़कंप

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कम शब्दों में कहें तो, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना की एडिट टनल में अचानक मलबा और पानी गिरने से चिंता और हड़कंप मच गया है, लेकिन अधिकारियों ने किसी जन हानि की बात से इनकार किया है।

रुद्रप्रयाग: ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के अंतर्गत बनी एडिट टनल में शनिवार रात को एक गंभीर घटना घटित हुई। बताया गया है कि टनल के अंदर अचानक दरार आ गई, जिससे मलबा और पानी तेजी से गिरने लगा। इस घटना से निर्माण स्थल पर लोगों में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, स्थान पर मौजूद कार्यकर्ताओं और तकनीकी टीम ने इसे सामान्य घटना बताते हुए बताया कि इस हादसे में किसी प्रकार का नुकसान नहीं हुआ है।

घटना की विस्तृत जानकारी देते हुए अधिकारियों ने कहा कि यह दुर्घटना पुलिस चौकी जवाड़ी से लगभग 1.5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित इमरजेंसी टनल 7बी पैकेज में कार्य के दौरान हुई। टनल के ऊपरी हिस्से में पानी का स्रोत होने के कारण पानी और मलबा एक साथ गिरा। इससे साइट पर हड़कंप मच गया और मजदूरों में डर का माहौल बना। इस स्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रण में किया।

इस निर्माण कार्य को मेघा कंपनी द्वारा संचालित किया जा रहा है, और इस घटना के बाद से निर्माण प्रबंधन, गुणवत्ता और सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं। टनल में कार्यरत मजदूरों की सुरक्षा के बारे में भी चिंताएं व्यक्त की जा रही हैं। रुद्रप्रयाग के पुलिस उपाधीक्षक ने स्पष्ट किया कि इस घटना में किसी प्रकार की जन हानि नहीं हुई है और कार्य सामान्य रूप से जारी है। टेक्निकल टीम मौके पर मौजूद है और रिपेयरिंग कार्य किया जा रहा है।

हालांकि, इस घटना ने स्थानीय लोगों और ठेकेदार कंपनी के बीच चिंता और सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या ऐसी दुर्घटनाएं भविष्य में पुन: हो सकती हैं। टनल निर्माण इस क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण परियोजना है, और इसकी समय पर पूर्णता न केवल स्थानीय परिवहन को सुगम बनाएगी, बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा देगी। इस संदर्भ में, विशेषज्ञों ने सतर्कता बरतने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया है।

संक्षेप में, इस दुर्घटना को न केवल एक निर्माण घटना के रूप में देखा जाना चाहिए, बल्कि इसे इस बात के संकेत के रूप में भी माना जाना चाहिए कि देश की बुनियादी ढांचा परियोजनाएं कितनी संवेदनशील और जोखिमों से भरी होती हैं। यह समय है कि सुरक्षा मानकों और निर्माण की गुणवत्ता को प्राथमिकता दी जाए। इसके अतिरिक्त, हमें यह समझने की जरूरत है कि किसी भी स्थिति में मजदूरों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण होनी चाहिए।

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— साक्षी शर्मा, टीम द ओड नारी

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