उत्तराखंड में MBBS इंटर्न डॉक्टरों की हड़ताल जारी: स्टाइपेंड में वृद्धि की मांग

DEHRADUN/HALDWANI: उत्तराखंड के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में इंटर्नशिप कर रहे करीब 600 MBBS इंटर्न डॉक्टरों की हड़ताल दूसरेदिन भी जारी है। इंटर्न डॉक्टर लंबे समय से अपने स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि मौजूदा ₹17 हजार मासिक स्टाइपेंड को बढ़ाकर ₹30 हजार किया जाना चाहिए। इस मांग को लेकर […] The post स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर सरकारी मेडिकल कॉलेजों में MBBS इंटर्न डॉक्टर दूसरे दिन भी हड़ताल पर appeared first on Devbhoomi Dialogue.

Sep 9, 2026 - 00:38
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उत्तराखंड में MBBS इंटर्न डॉक्टरों की हड़ताल जारी: स्टाइपेंड में वृद्धि की मांग

उत्तराखंड में MBBS इंटर्न डॉक्टरों की हड़ताल जारी: स्टाइपेंड में वृद्धि की मांग

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में लगभग 600 MBBS इंटर्न डॉक्टर अपने मासिक स्टाइपेंड में वृद्धि की मांग को लेकर दूसरे दिन भी हड़ताल पर हैं।

DEHRADUN/HALDWANI: उत्तराखंड के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में इंटर्नशिप कर रहे इंटर्न डॉक्टरों की हड़ताल सोमवार से शुरू हुई थी। इन डॉक्टरों का कहना है कि उनका वर्तमान स्टाइपेंड ₹17,000 है, जिसे बढ़ाकर ₹30,000 किया जाना चाहिए। उनकी मांगें लंबे समय से अनसुनी रह गई हैं, जिसके कारण उन्होंने हड़ताल का रास्ता अपनाया है।

स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रभाव

इंटर्न डॉक्टरों की हड़ताल के चलते स्वास्थ्य सेवाओं पर जो असर पड़ सकता है, वह गंभीर है। अस्पतालों में डॉक्टर्स की अनुपस्थिति के कारण उपचार में देरी हो सकती है, जिससे मरीजों को मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। इंटर्न डॉक्टरों ने अपनी मांगों के समर्थन में अस्पताल परिसर में प्रदर्शन भी किया है।

स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग

इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि वे इंटर्नशिप के दौरान अस्पतालों में सैकड़ों मरीजों की देखभाल, ओपीडी और वार्ड में अहम भूमिका निभाते हैं। इसके बावजूद, उनका स्टाइपेंड पिछले कई सालों से बिना वृद्धि के है। डॉक्टरों का मानना है कि उनके योगदान के अनुसार उन्हें उचित स्टाइपेंड मिलना चाहिए।

अस्पतालों में व्यवस्थाओं पर दबाव

बातचीत के अभाव में इंटर्न डॉक्टरों की हड़ताल अस्पतालों की व्यवस्थाओं पर दबाव डाल रही है। राज्य के डॉ. दून अस्पताल और हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल में हड़ताल का कुछ असर देखा गया है। हालांकि, प्रशासन अभी स्थिति को नियंत्रण में रखने का प्रयास कर रहा है।

हल्द्वानी में चल रहा आंदोलन

हल्द्वानी के राजकीय मेडिकल कॉलेज के इंटर्न डॉक्टरों का भी प्रदर्शनों का सिलसिला जारी है। उन्होंने अपने मासिक स्टाइपेंड को ₹30,000 करने की जोरदार मांग की है। इंटर्न डॉक्टरों के अनुसार, महंगाई के चलते वर्तमान स्टाइपेंड अपर्याप्त है।

संविधानिक और शांतिपूर्ण विरोध

इंटर्न डॉक्टरों ने यह स्पष्ट किया है कि उनका आंदोलन पूरी तरह से शांतिपूर्ण है और वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाएंगे। हड़ताल के दौरान भी उन्होंने केवल नियमित ड्यूटी से दूर रहने का निर्णय लिया है, जबकि आपातकालीन सेवाओं को प्रभावित नहीं किया गया है।

यह मुद्दा प्रशासन के सामने पहले भी उठाया गया था, लेकिन अनुकूल निर्णय ना मिलने के कारण डॉक्टरों ने विवश होकर हड़ताल का कदम उठाया। उनकी यह कोशिश है कि सरकार उनकी समस्याओं को गंभीरता से ले और जल्द से जल्द उचित समाधान निकाले।

अंत में, इस आंदोलन की सफलता डॉक्टरों के अधिकारों की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण है और यह देखना होगा कि प्रशासन इस मांग को लेकर क्या कदम उठाता है।

संबंधित अधिक जानकारी के लिए, कृपया हमारी वेबसाइट पर जाएँ: theoddnaari.com

सादर,
टीम द ओड नारी
ऋतुजा सिंह

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