उत्तराखंड के दूरस्थ गांव में आज भी डोली बनती है एंबुलेंस, क्या हैं इसके पीछे की कहानी?

बागेश्वर। उत्तराखंड के बागेश्वर जिले के एक दूरस्थ गांव में सड़क और मोबाइल नेटवर्क की

Jul 29, 2026 - 18:38
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उत्तराखंड के दूरस्थ गांव में आज भी डोली बनती है एंबुलेंस, क्या हैं इसके पीछे की कहानी?
उत्तराखंड के दूरस्थ गांव में आज भी डोली बनती है एंबुलेंस, क्या हैं इसके पीछे की कहानी?

उत्तराखंड के दूरस्थ गांव में आज भी डोली बनती है एंबुलेंस, क्या हैं इसके पीछे की कहानी?

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड के बागेश्वर जिले के एक दूरस्थ गांव में स्वास्थ्य सेवाओं की कमी की संवेदनशील तस्वीर सामने आई है। यहां, ग्रामीणों को स्वास्थ्य emergencies का सामना करने के लिए अब भी डोली का सहारा लेना पड़ता है।

सड़क और मोबाइल नेटवर्क की कमी से जूझते ग्रामीण

उत्तराखंड के बागेश्वर जिले के कपकोट ब्लॉक की ग्राम पंचायत वाछम में जातौली तोक नामक एक गांव है, जहां मूलभूत सुविधाओं की भारी कमी है। यहाँ ना तो सड़कें पहुंचती हैं और ना ही मोबाइल नेटवर्क की सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसी गांव में 50 वर्षीय दुर्गा देवी की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके चलते ग्रामीणों को उन्हें डोली में लेकर अस्पताल तक पहुँचाना पड़ा।

आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं का अभाव

जब दुर्गा देवी की तबीयत बिगड़ी, तो गांव के लोगों ने तुरंत उनकी मदद करने का निर्णय लिया। उन्होंने मिलकर उन्हें डोली में बैठाया और लगभग 10 किलोमीटर पैदल चलकर नजदीकी अस्पताल ले जाकर उनकी जान बचाई। यह घटना इस बात का स्पष्ट उदाहरण है कि कैसे आधुनिक चिकित्सा सेवाओं की महत्ता को एक कठिनाई में देखा जा सकता है।

गांवों में स्वास्थ्य सेवाओं की जरूरत

इस घटना ने हमें ज़रूरत से ज्यादा सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का अभाव न केवल स्वास्थ्य सेवाओं में कमी लाता है, बल्कि ग्रामीण लोगों की जिंदगी भी दांव पर लगा देता है। ऐसे गांवों में उचित चिकित्सा सुविधाएँ विकसित करना अत्यंत आवश्यक है।

सरकार की भूमिका और समाधान

सरकार को चाहिए कि वह ऐसे दूरस्थ गांवों में स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना करे, जिससे गांव वालों को अपनी अत्यावश्यक चिकित्सा सेवाएं आसानी से मिल सकें। इसके साथ ही, सड़क और संचार की स्थिति को सुधारने पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए, ताकि जब भी ऐसी परिस्थितियाँ उत्पन्न हों, लोगों को बिना किसी बाधा के मदद मिल सके।

अंत में

उत्तराखंड के इन गांवों की स्थिति स्वास्थ्य सेवाओं की दृष्टि से चिंताजनक है, और इसके लिए सभी पक्षों को एकजुट होकर काम करने की जरूरत है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि ऐसी घटनाएं भविष्य में कम से कम हों और लोगों की जान बचाने के लिए आवश्यक उपायों को लागू किया जाए।

यदि आपको और अधिक जानकारी चाहिए, तो हमारे वेबसाइट पर विजिट करें: https://theoddnaari.com.

साक्षात्कार और घटनाओं पर आधारित यह रिपोर्ट टीम The Odd Naari की ओर से प्रस्तुत की गई है।

सादर, श्रीमती आरती, टीम The Odd Naari

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