SC/ST पीड़ितों के लिए अचानक राहत: आर्थिक सहायता और लंबित मामलों में प्रशासन का बड़ा कदम
देहरादून: देहरादून में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला स्तरीय सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) अभिनव शाह की अध्यक्षता में विकास भवन में हुई इस बैठक में पीड़ितों को समयबद्ध आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने, लंबित मामलों के […] The post SC/ST पीड़ितों के लिए बड़ी खबर: आर्थिक सहायता और लंबित मामलों पर प्रशासन ने लिया बड़ा फैसला appeared first on Uttarakhand Broadcast.
SC/ST पीड़ितों के लिए अचानक राहत: आर्थिक सहायता और लंबित मामलों में प्रशासन का बड़ा कदम
देहरादून: देहरादून में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के सफल कार्यान्वयन के लिए जिला स्तरीय सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने विकास भवन में की, जिसमें पीड़ितों को समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने और लंबित मामलों के निस्तारण पर चर्चा की गई।
आर्थिक सहायता और लंबित मामलों की समीक्षा
बैठक में जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल ने जानकारी दी कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 15 मामलों में 16.52 लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है।
इन मामलों में शामिल हैं:
- जातिसूचक शब्द एवं गाली-गलौज के 10 मामले
- छेड़छाड़ का 1 मामला
- बलात्कार का 1 मामला
- हत्या के 2 मामले
- अन्य श्रेणी का 1 मामला
वर्तमान वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 5 मामलों में 2.50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। इनमें चार मामले जातिसूचक शब्द एवं गाली-गलौज से संबंधित हैं, जबकि एक मामला अन्य श्रेणी का है।
बजट की कमी से देरी
बैठक में यह भी बताया गया कि वर्तमान में पांच स्वीकृत मामलों में भुगतान लंबित है, इसका कारण बजट की कमी है। इसके अतिरिक्त:
- चार मामलों में स्वीकृति की प्रक्रिया जारी है।
- एक मामला आवश्यक दस्तावेजों के सत्यापन के कारण लंबित है।
- एक मामला बैंक खाते के विवरण का अभाव होने के कारण रुका हुआ है।
- दो मामलों में विधिक राय प्राप्त करने की प्रक्रिया चल रही है।
सात दिन में उपखंड स्तरीय समितियों का गठन
सीडीओ अभिनव शाह ने निर्देश दिए कि ऋषिकेश और डोईवाला उपखंडों में सात दिनों के भीतर उपखंड स्तरीय सतर्कता एवं मॉनिटरिंग समितियों का गठन किया जाए।
शाह ने कहा कि मसूरी, विकासनगर, देहरादून सदर और कालसी (चकराता एवं त्यूणी क्षेत्र सहित) में समितियों का गठन पहले ही किया जा चुका है। मसूरी और विकासनगर में समितियों की बैठक 17 जुलाई 2026 को आयोजित हो चुकी है।
पीड़ितों को प्राथमिकता
मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि उपखंड स्तरीय समितियां अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के खिलाफ होने वाले अत्याचारों की रोकथाम, पीड़ितों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने, और विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
बैठक में पुलिस क्षेत्राधिकारी संतोष कुंवर, जनप्रतिनिधि गोपाल पुरी और मनोज शर्मा, साथ ही गैर-सरकारी संस्थाओं से लॉरेंस सिंह, लता चमोली (रेफेल होम), निरुपमा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं समिति के सदस्य उपस्थित रहे।
कम शब्दों में कहें तो, यह महत्वपूर्ण बैठक SC/ST पीड़ितों को समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने और लंबित मामलों के निपटान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रशासन ने अपनी सक्रियता को दर्शाते हुए उपखंड स्तरीय समितियों का गठन करने का निर्णय लिया है। ऐसे निर्णय से न केवल आर्थिक मदद मिलेगी बल्कि इससे पीड़ितों को न्याय मिलेगी।
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द्वारा, साक्षी शर्मा
टीम द odd Naari
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