RRP ने भाजपा को बादाम भेजकर किया लोकायुक्त के गठन का विरोध, पुलिस ने रोका कूच
देहरादून : लोकायुक्त गठन के लंबे समय से लंबित वादे को लेकर राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी (RRP) ने आज भाजपा प्रदेश कार्यालय कूच किया। नेहरू कॉलोनी स्थित फव्वारा चौक से सुबह 10 बजे निकले कार्यकर्ताओं को पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर बीच रास्ते में रोक दिया, जिसके बाद कार्यकर्ताओं ने वहीं धरना देकर जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन […] The post भाजपा को बादाम भेजकर RRP ने याद दिलाया लोकायुक्त का वादा, प्रदेश कार्यालय कूच पर पुलिस ने रोका appeared first on Uttarakhand Broadcast.
RRP ने भाजपा को बादाम भेजकर किया लोकायुक्त के गठन का विरोध, पुलिस ने रोका कूच
देहरादून: लोकायुक्त गठन के लंबे समय से लंबित वादे को लेकर राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी (RRP) ने आज भाजपा प्रदेश कार्यालय की तरफ कूच किया। नेहरू कॉलोनी स्थित फव्वारा चौक से सुबह 10 बजे निकले कार्यकर्ताओं को पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर मध्य में ही रोक दिया। इस स्थिति के बाद कार्यकर्ताओं ने वहीं धरना देकर जोरदार नारेबाजी की।
कम शब्दों में कहें तो: RRP ने भाजपा को याद दिलाया लोकायुक्त के गठन का वादा।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने “लोकायुक्त दो, वादा निभाओ” जैसे नारे लगाए। इसके बाद, मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार सुरेश सेमवाल को पार्टी नेताओं ने ज्ञापन सौंपा और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के लिए बादाम का गिफ्ट हैंपर भेंट किया। अधिकारियों द्वारा ज्ञापन पहुँचाने का आश्वासन मिलने के उपरांत धरना समाप्त किया गया।
क्यों महत्वपूर्ण है यह प्रदर्शन?
RRP के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवप्रसाद सेमवाल का कहना है कि भाजपा ने वर्ष 2017 में सरकार बनने के 100 दिनों के भीतर लोकायुक्त गठन का वादा किया था, लेकिन अब तक यह वादा पूरा नहीं हुआ है। यह 9 साल हो चुके हैं, और भाजपा दो बार चुनाव जीत चुकी है, फिर भी यह मुद्दा लटका हुआ है। शिवप्रसाद ने कहा कि पार्टी शांतिपूर्ण तरीके से सरकार को उसके वादे की याद दिलाने का प्रयास कर रही थी।
प्रदेश अध्यक्ष सुलोचना ईष्टवाल ने कहा कि बादाम भेंट कर पार्टी ने प्रतीकात्मक रूप से सरकार को “याददाश्त ताजा करने” का संदेश दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द लोकायुक्त का गठन नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण की आवश्यकता
उत्तराखंड आंदोलन प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष सुशीला पटवाल ने कहा कि लोकायुक्त के बिना भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड आंदोलन की मूल भावना को जीवित रखने के लिए संघर्ष जारी रहेगा। यह प्रश्न आत्म-सरकारी व्यवस्था और प्रदेश के नागरिकों से प्रतिज्ञा के सम्मान का भी है।
यह प्रदर्शन न केवल RRP के लिए, बल्कि प्रदेश की अन्य राजनीतिक पार्टियों और सामाजिक संगठनों के लिए भी एक संकेत है। पार्टी ने प्रदेश की अन्य राजनीतिक शक्तियों से भी इस मुद्दे पर समर्थन का आह्वान किया है।
क्या कहते हैं कार्यकर्ता?
इस कार्यक्रम के दौरान पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए, जिनमें शिवप्रसाद सेमवाल, सुलोचना ईष्टवाल, भगवती प्रसाद नौटियाल, ऊषा डोभाल, अनिल डोभाल, सुरेन्द्र चौहान, सुशीला पटवाल सहित कई नाम शामिल हैं। सभी ने मिलकर यह सुनिश्चित किया कि जनता का मंतव्य सरकार तक पहुंचे।
RRP के इस प्रदर्शन ने स्पष्ट कर दिया है कि लोकायुक्त का गठन केवल सरकार का वादा नहीं, बल्कि प्रदेश के विकास और सुशासन के लिए आवश्यक है। इसके बिना, भ्रष्टाचार पर नियंत्रण नहीं पाया जा सकता है।
इस मुद्दे पर जारी सजगता और सक्रियता सरकार को यह याद दिलाने का कार्य करती है कि राजनीतिक वादे केवल चुनावी समय पर नहीं, बल्कि समय-समय पर निभाए जाने चाहिए।
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