सीएम धामी ने मुजफ्फरनगर कांड की बरसी पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की
DEHRADUN: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को शहीद स्थल रामपुर तिराहा, मुजफ्फरनगर में उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी शहीदों की पुण्य स्मृति में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में प्रतिभाग कर शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की और अमर बलिदानियों को श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर घोषणा की कि उत्तराखण्ड राज्य आंदोलन में शहीद हुए जिन […] The post मुजफ्फरनगर कांड की बरसी पर रामपुर तिराहा शहीद स्मारक में सीएम धामी ने किया शहीदों को नमन appeared first on Devbhoomi Dialogue.
सीएम धामी ने मुजफ्फरनगर कांड की बरसी पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की
Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - The Odd Naari
कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को रामपुर तिराहा शहीद स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं।
देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुजफ्फरनगर स्थित रामपुर तिराहा पर उत्तराखण्ड राज्य आंदोलन के शहीदों की पुण्य स्मृति में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया। इस सभा के दौरान, मुख्यमंत्री ने शहीद स्मारक पर शोक फूल चढ़ाए और अमर बलिदानियों को नमन किया। उन्होंने यह भी घोषणा की कि उत्तराखंड राज्य आंदोलन में शहीद हुए उन आंदोलनकारियों की प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी, जिनकी प्रतिमाएं अभी तक नहीं लगाई गई हैं।
मुख्यमंत्री की महत्वपूर्ण घोषणाएं
सीएम धामी ने बताया कि रामपुर तिराहा स्थित राज्य अतिथि गृह का उन्नयन किया जाएगा। इसके अलावा, स्मारक परिसर के पुस्तकालय को ई-लाइब्रेरी में बदलने के साथ ही संग्रहालय का विस्तार किया जाएगा। इस संग्रहालय में उत्तराखंड की पारंपरिक वाद्य यंत्रों और लोक संस्कृति से संबंधित सामग्री को भी शामिल किया जाएगा।
इसके साथ, मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों के पुनः चिन्हीकरण की प्रक्रिया को जल्दी पूरा किया जाएगा ताकि ये अमर बलिदानी हमेशा हमारी यादों में बने रहें।
शहीदों के सम्मान में सरकार की योजनाएं
मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि राज्य सरकार ने वीर सैनिकों की स्मृति को चिरस्थायी बनाने के लिए उनके पैतृक गांवों में प्रतिमाएं स्थापित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने रामपुर तिराहा कांड के शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि राज्य के निर्माण के लिए उनकी शहादत हमेशा प्रेरणा स्रोत बनी रहेगी।
सीएम ने तब कहा, "रामपुर तिराहा की घटना उत्तराखंड राज्य आंदोलन के इतिहास का एक दुखद अध्याय है। 1 और 2 अक्टूबर 1994 को जो घटना हुई, उसके दौरान शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे आंदोलनकारियों का बलिदान बेकार नहीं जाएगा।"
राज्य के आंदोलनकारियों के अधिकारों का सम्मान
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों एवं उनके परिवारों के सम्मान और उनके अधिकारों की सुरक्षा के लिए विभिन्न उपाय किए जा रहे हैं। इन लोगों को सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया गया है। इसके साथ ही, आश्रितों को नियुक्ति पत्र भी प्रदान किए गए हैं। उन्होंने आश्रित प्रमाण पत्रों के निर्गमन की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए तहसील स्तर पर जारी करने के आदेश भी दिए हैं।
इस मौके पर, राज्य सरकार ने राज्य आंदोलनकारियों को जनपदीय और प्रदेश स्तरीय कार्यक्रमों में सम्मानित करने के लिए भी कार्यक्रम स्थापित किए हैं। परिवहन निगम की बसों में उन्हें निःशुल्क यात्रा की सुविधा भी दी जा रही है।
स्थानीय लोगों का योगदान
मुख्यमंत्री ने रामपुर तिराहा कांड के दौरान आंदोलनकारियों की सहायता करने वाले स्थानीय लोगों का भी आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी मदद ने इस कठिन समय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि मातृशक्ति ने भी राज्य निर्माण आंदोलन में एक महत्वपूर्ण योगदान दिया।
उन्होंने कहा, "हम सभी को यह याद रखना चाहिए कि ये शहीद और राज्य आंदोलनकारी हमें एक ऐसे उत्तराखंड का सपना दिखाते हैं, जहाँ हर नागरिक के अधिकारों का सम्मान हो।" मुख्यमंत्री ने बताया कि उनकी सरकार शहीदों और आंदोलनकारियों की शहादत को अमर रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
शहीदों की मूर्तियों का शिलान्यास
इस अवसर पर, मुख्यमंत्री ने रामपुर तिराहा कांड में शहीदों की प्रतिमाओं की स्थापना का शिलान्यास भी किया और इसके लिए ₹27 लाख की धनराशि आवंटित की। उन्होंने स्व. पंडित महावीर शर्मा की प्रतिमा भी वहाँ स्थापित करने की बात कही, जिन्होंने भूमि दान किया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीदों के संघर्ष एवं बलिदान से आने वाली पीढ़ियाँ राष्ट्र सेवा और समाज सेवा के लिए प्रेरित होंगी। शहीदों की स्मृति में उत्तराखंड को एक समृद्ध, सशक्त और अग्रणी राज्य बनाने का संकल्प लिया गया है।
अधिक जानकारी और ताज updates के लिए, कृपया यहाँ क्लिक करें.
सादर, टीम द ओड नारी - अनुराधा गुप्ता
What's Your Reaction?