लालढांग-चिल्लरखाल मार्ग पर सभी वाहन चलेंगे, सुप्रीम कोर्ट की जताई स्पष्टता
KOTDWAR: गढ़वाल और कुमाऊं के बीच दूरियां मिटाने वाले बहुप्रतीक्षित लालढांग–चिल्लरखाल मार्ग को लेकर एक और अच्छी खबर सामने आई है। इस रोड़ से अब सभी तरह के वाहन गुजर सकेंगे। सुप्रीम कोर्ट की सेंट्रल एंपावर्ड कमेटी ने न्यायालय के आदेश में प्रयुक्त “कमर्शियल वाहन” शब्द को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। गढ़वाल लोकसभा सांसद […] The post लालढांग चिल्लरखाल मार्ग से अब गुजर सकेंगे सभी तरह के वाहन, सेंट्रल एंपावर्ड कमेटी ने बताया appeared first on Devbhoomi Dialogue.
लालढांग-चिल्लरखाल मार्ग पर सभी वाहन चलेंगे, सुप्रीम कोर्ट की जताई स्पष्टता
KOTDWAR: गढ़वाल और कुमाऊं के मध्य फासले को कम करने वाले लंबे समय से प्रतीक्षित लालढांग–चिल्लरखाल मार्ग से संबंधित एक सकारात्मक खबर आई है। इस मार्ग पर अब सभी प्रकार के वाहन चल सकेंगे। सुप्रीम कोर्ट की केंद्रीय एंपावर्ड कमेटी ने न्यायालय के आदेश में दिए गए 'कमर्शियल वाहन' शब्द को लेकर स्थिति स्पष्ट की है।
गढ़वाल के लोकसभा सांसद अनिल बलूनी ने इस संदर्भ में अपने फेसबुक अकाउंट पर कहा कि यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने इस खुशखबरी को साझा करते हुए प्रसन्नता जताई। सर्वोच्च न्यायालय की केंद्रीय एम्पावर्ड कमेटी (CEC) ने इस मार्ग पर सार्वजनिक परिवहन, सरकारी बसें, गढ़वाल मोटर ओनर यूनियन (GMOU) द्वारा चलने वाली बसें, स्कूल बसें, किसानों के ट्रैक्टर और भवन निर्माण सामग्री ले जाने वाले वाहनों की अनुमति दे दी है।
केंद्रीय एंपावर्ड कमेटी के अनुसार, अब इस मार्ग से सवारी गाड़ियां, सरकारी बसें, स्कूल बसें, और निर्माण सामग्रियों को ले जाने वाले ट्रैक्टर बिना किसी रुकावट के यात्रा कर सकेंगे। हालांकि, इन वाहनों को केवल सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच आने-जाने की इजाजत होगी, जबकि एंबुलेंस के लिए कोई पाबंदी नहीं होगी।
यह फैसला क्षेत्र के नागरिकों, विद्यार्थियों, किसानों, व्यापारियों और आम लोगों के लिए विशेष राहत लेकर आया है। यह ध्यान देने योग्य है कि 11.5 किमी लंबे लालढांग चिल्लरखाल मोटर मार्ग के निर्माण की मांग लंबे समय से हो रही थी, किंतु पर्यावरण संबंधी नियमों का हवाला इस प्रोजेक्ट में अनेक बार अड़चन पैदा कर चुका था। 13 फरवरी 2026 को, सुप्रीम कोर्ट ने इस मार्ग के निर्माण पर रोक हटा दी थी, लेकिन इसके बाद कमर्शियल वाहनों पर पाबंदियों के संबंध में उठे सवालों ने स्थिति को स्पष्ट नहीं किया था। अब सीईसी के इस आदेश ने सभी भ्रम को समाप्त कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, राज्य सरकार भी लालढांग चिल्लरखाल मार्ग के निर्माण की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ा रही है। सरकार ने सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) को कार्यदायी संस्था के रूप में नामित किया है और इसके टेंडर जल्द ही जारी होने की संभावना है।
कम शब्दों में कहें तो, यह निर्णय न केवल क्षेत्र की विकास योजनाओं को गति प्रदान करेगा, बल्कि इसके माध्यम से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी सुदृढ़ करने की दिशा में एक कदम और बढ़ाया गया है।
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सादर,
टीम द ओड नारी
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