मुख्यमंत्री धामी की महिलाओं के लिए बड़ी घोषणाएँ: 60+ उम्र की महिलाओं के लिए रोडवेज यात्रा फ्री और 10 पिंक बसें

KHATIMA: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में महिलाओं की सुविधा, सुरक्षा और गरिमा को ध्यान में रखते हुए आधुनिक सुविधाओं से युक्त हाईटेक टॉयलेट विकसित किए जाने की घोषणा की है। इन टॉयलेट्स में स्वच्छता के साथ-साथ महिलाओं की निजता, सुरक्षा और आवश्यक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मातृशक्ति […] The post 60 वर्ष की महिलाएं रोडवेज में करेंगी फ्री में सफर, 10 पिंक बसें चलेंगी, रक्षाबंधन पर CM धामी ने महिलाओं के लिए की कई घोषणाएं appeared first on Devbhoomi Dialogue.

Aug 29, 2026 - 09:38
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मुख्यमंत्री धामी की महिलाओं के लिए बड़ी घोषणाएँ: 60+ उम्र की महिलाओं के लिए रोडवेज यात्रा फ्री और 10 पिंक बसें
मुख्यमंत्री धामी की महिलाओं के लिए बड़ी घोषणाएँ: 60+ उम्र की महिलाओं के लिए रोडवेज यात्रा फ्री और 10 पिंक बसें

मुख्यमंत्री धामी की महिलाओं के लिए बड़ी घोषणाएँ: 60+ उम्र की महिलाओं के लिए रोडवेज यात्रा फ्री और 10 पिंक बसें

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कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रक्षाबंधन पर महिलाओं के लिए कई नई योजनाओं की घोषणा की है, जिनमें 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को रोडवेज में फ्री सफर और 10 पिंक इलेक्ट्रिक बसों की सेवा का समावेश है।

KHATIMA: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा, गरिमा और सुविधाओं को बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ की हैं। उन्होंने कहा कि मातृशक्ति के सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। इस दिशा में उपायों के तहत, आधुनिक सुविधाओं से युक्त हाईटेक टॉयलेट विकसित किए जाएंगे, जो न केवल स्वच्छता सुनिश्चित करेंगे, बल्कि महिलाओं की निजता और सुरक्षा का भी ध्यान रखेंगे।

60 वर्ष की महिलाएं रोडवेज में फ्री सफर करेंगी

मुख्यमंत्री धामी ने रक्षाबंधन के अवसर पर एक विशेष घोषणा करते हुए कहा कि महिलाओं को रोडवेज बसों में फ्री सफर की सुविधा 60 वर्ष की आयु से उपलब्ध होगी। पहले यह सुविधा केवल 65 वर्ष और उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए थी। इससे उत्तराखंड की बुजुर्ग महिलाओं को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन में सहायता मिलेगी।

पिंक ई-बसों का शुभारंभ

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के तहत 137 इलेक्ट्रिक बसें आने वाली हैं। इनमें से 10 पिंक ई-बसें विशेष रूप से महिलाओं के लिए समर्पित की जाएँगी। यह सुविधा महिलाओं के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन सुनिश्चित करेगी और इसे अन्य क्षेत्रों तक भी पहुंचाया जाएगा।

महिलाओं के स्वरोजगार को बढ़ावा

महिला स्वरोजगार योजना में दी जाने वाली रियायती बैंक ऋण की सीमा को ₹2 लाख से बढ़ाकर ₹2.50 लाख करने की भी घोषणा की गई है। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है ताकि वे स्वावलंबी बन सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार महिला उद्यमियों को अवसर प्रदान करने के लिए संकल्पित है।

रक्षाबंधन समारोह में भागीदारी

रक्षाबंधन के पावन पर्व पर, मुख्यमंत्री ने चकरपुर स्टेडियम में आयोजित समारोह में भाग लिया। उन्होंने बहनों से राखी बंधवाई और इस अवसर पर उपस्थित सभी बहनों को हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहन के रिश्तों को मजबूत करने का प्रतीक है और यह संदेश देता है कि हम हमेशा एक-दूसरे के साथ खड़े रहें।

महिलाओं की सशक्तिकरण योजनाएँ

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि मातृशक्ति को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कई योजनाएँ लागू की जा रही हैं। नंदा गौरा योजना के तहत बेटियों के जन्म से लेकर उनकी शिक्षा तक सरकार उनकी मदद कर रही है। इसके अंतर्गत, बेटी के जन्म पर ₹11,000 और कक्षा 12वीं पास करने पर ₹51,000 की आर्थिक सहायता दी जाएगी।

साथ ही, मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना के माध्यम से शिशु और मां की आवश्यकताओं का ध्यान रखा जा रहा है। इसके अलावा, 181 महिला हेल्पलाइन और वन-स्टॉप सेंटर स्थापित करके महिलाओं को सुरक्षा और सहायता प्रदान की जा रही है।

उत्तराखंड की सरकार ने सरकारी सेवाओं में महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत अवसर सुनिश्चित किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि समान नागरिक संहिता लागू करने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन गया है, जो महिलाएं सशक्तिकरण के लिए एक नई दिशा दर्शाता है।

स्वयं सहायता समूहों का समर्थन

महिलाओं के उत्पादों को बाजार में लाने के लिए, मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना का प्रचार कर रही हैं। इसके तहत सभी विकास खंडों में केंद्र स्थापित कर महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों की बिक्री की जाएगी। यह नया कदम महिला उत्पादकों की आर्थिक स्थिति को मजबूती देगा और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में सहायता करेगा।

इन सभी घोषणाओं के माध्यम से, मुख्यमंत्री धामी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि राज्य सरकार महिलाओं को न केवल योजनाओं का लाभ दिलाने का प्रयास कर रही है, बल्कि उन्हें समाज के हर क्षेत्र में आगे बढ़कर नेतृत्व करने के लिए भी प्रेरित कर रही है।

महिला सशक्तिकरण के लिए की गई यह नई पहल निश्चित रूप से प्रदेश की महिलाओं के सामने अवसरों के नए द्वार खोलेगी।

इस सब के बीच, मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की महिलाएँ कठिन परिस्थितियों में भी उत्पादकता दर्शा रही हैं। इससे पहले से ही 3 लाख 9 हजार बहनें 'लखपति दीदी' बन चुकी हैं, जो महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

सरकार का संकल्प है कि महिलाएँ केवल योजनाओं का लाभ लेने वाली नहीं, बल्कि समाज की नेतृत्वकर्ता बनें।

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Signed by: Sangeeta Sharma, Team The Odd Naari

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